
भदोही में करंट लगने से वेल्डर की मौत के बाद घटनास्थल पर जुटे ग्रामीण और पुलिस।Source : Social media
उत्तर प्रदेश के भदोही जिले में एक दर्दनाक हादसे में 24 वर्षीय वेल्डर की करंट लगने से मौत हो गई। युवक निर्माणाधीन मकान में वेल्डिंग का काम कर रहा था, तभी वह बिजली की चपेट में आ गया। अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद परिवार में मातम छा गया। परिजनों ने ठेकेदार पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए मुआवजे और कार्रवाई की मांग की। विरोध में ग्रामीणों के साथ मिलकर उन्होंने सड़क जाम कर दिया, जिसके बाद पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों को मौके पर पहुंचकर स्थिति संभालनी पड़ी।
निर्माणाधीन मकान में हुआ हादसा
यह घटना चौरी थाना क्षेत्र के भैरोपुर गांव की है। जीयनपुर गांव निवासी मनीष गौतम (24) पेशे से वेल्डर था और अपने घर पर ही वेल्डिंग का काम करता था। मंगलवार सुबह वाराणसी के एक ठेकेदार ने उसे फोन कर निर्माणाधीन मकान में दरवाजे और खिड़कियों की वेल्डिंग के लिए बुलाया। बताया गया कि सुबह बिजली कटने से पहले काम पूरा करना था, इसलिए मनीष सुबह ही काम पर पहुंच गया।
काम के दौरान करंट की चपेट में आया युवक
कुछ देर बाद उसी मकान में प्लास्टर का काम करने पहुंचे एक राजमिस्त्री ने मनीष को जमीन पर बेहोश पड़ा देखा। पास जाकर पता चला कि वह करंट की चपेट में आ गया है। राजमिस्त्री ने तुरंत इसकी सूचना परिजनों को दी। परिवार के लोग मौके पर पहुंचे और मनीष को पहले एक निजी अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इसके बाद परिजन उसे दूसरे अस्पताल भी ले गए, लेकिन वहां भी डॉक्टरों ने उसकी मौत की पुष्टि कर दी।
परिवार का सहारा था मनीष
मनीष अपने परिवार में पांच भाइयों में चौथे नंबर पर था। उसकी अभी शादी नहीं हुई थी। उसके दो बड़े भाई कालीन उद्योग में काम करते हैं, जबकि पिता भोलानाथ गौतम मजदूरी करके परिवार का पालन-पोषण करते हैं। ग्रामीणों के अनुसार मनीष मेहनती और मिलनसार स्वभाव का था। उसकी अचानक मौत से पूरे गांव में शोक का माहौल है।
ठेकेदार पर लापरवाही का आरोप
घटना के बाद परिजनों ने आरोप लगाया कि हादसे के समय ठेकेदार मौके से चला गया और उसने न तो परिवार को सूचना दी और न ही घायल युवक की मदद की। इसी बात को लेकर परिजन नाराज हो गए और ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई तथा उचित मुआवजे की मांग करने लगे।
मुआवजे की मांग को लेकर सड़क जाम
मनीष की मौत से आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने चौरी-महाराजगंज मार्ग पर शव रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। करीब डेढ़ से दो घंटे तक सड़क जाम रही, जिससे दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई। प्रदर्शनकारी लगातार ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई और आर्थिक सहायता की मांग करते रहे।
प्रशासन के आश्वासन के बाद खत्म हुआ प्रदर्शन
सूचना मिलने पर स्थानीय पुलिस और औराई के उपजिलाधिकारी (SDM) मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने परिजनों से बातचीत कर मामले में निष्पक्ष कार्रवाई और हर संभव मदद का भरोसा दिया। काफी समझाने के बाद परिजन मान गए और सड़क जाम समाप्त कर दिया। इसके बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।
