केंद्र सरकार ने आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना PM-JAY से जुड़ी सेवाओं को और आसान बनाने के लिए केंद्र सरकार ने 'आयुष्मान सारथी' नाम से आधिकारिक WhatsApp चैटबॉट लॉन्च किया है. सरकार का कहना है कि योजना से जुड़े लोगों को कई जरूरी सेवाओं के लिए सरकारी दफ्तर या कॉल सेंटर जाने की जरूरत नहीं अब वे सीधे व्हाट्सएप नंबर +91 72908 23838 के जरिए मैसेज कर के आयुष्मान कार्ड डाउनलोड eKYC आदि करा सकते हैं और 24 घंटे सेवाओं का लाभ उठा सकते हैं।

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कई जरूरी सेवाएं अब व्हाट्सएप पर मिलेगी

आयुष्मान सारथी चैटबॉट के ज़रिए योजना से जुड़े लोग PM-JAY के तहत नया आयुष्मान कार्ड बनवाने के लिए आवेदन कर सकेंगे, कार्ड डाउनलोड कर सकेंगे,eKYC दोबारा पूरा कर सकेंगे और अपना योग्यता जांच सकेंगे इसके अतिरिक्त आधार लिंक करना, कार्ड लॉक या अनलॉक करना, इलाज का रिकॉर्ड देखना और वॉलेट बैलेंस चेक करना भी आसान होगा साथ ही 70 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों के लिए आयुष्मान वय वंदना कार्ड से जुड़ी सेवाएं भी इसी प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध होंगी.

अस्पताल ढूंढने और शिकायत दर्ज करने तक की सुविधा उपलब्ध

यह चाटबॉट सिर्फ जानकारी देने तक सीमित नहीं इससे जुड़े लोग अपने नजदीकी पैनल अस्पताल ढूंढ सकते हैं शिकायत दर्ज कर सकते हैं. शिकायत की स्थिति ट्रैक कर सकते हैं या जरूरत पड़ने पर उसे वापस भी ले सकते हैं. इसके अलावा कॉल बैक की सुविधा और अस्पताल से डिस्चार्ज होने के बाद फीडबैक देने का विकल्प भी मिलेगा.

सरकार के मुताबिक सेवा होगी तेज और पारदर्शी

स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, आयुष्मान सारथी सुरक्षित API आधारित सिस्टम पर काम करता है और सीधे PM-JAY प्लेटफॉर्म से जुड़ा है. इससे लाभार्थियों को रियल-टाइम जानकारी मिलेगी, सेवा वितरण तेज होगा और सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने की जरूरत कम पड़ेगी. मंत्रालय का मानना है कि इससे शिकायत निवारण और सेवा की निगरानी भी बेहतर होगी.

इस्तेमाल कैसे करें ?

आयुष्मान सारथी का इस्तेमाल करना बेहद आसान लाभार्थी WhatsApp नंबर +91 72908 23838 पर "HI" भेजकर चैटबॉट शुरू कर सकते हैं या सरकार की ओर से जारी QR कोड स्कैन कर सकते हैं. इसके बाद उन्हें सभी उपलब्ध सेवाओं के विकल्प WhatsApp पर ही मिल जाएंगे.

अहम क्यों है यह पहल?

आयुष्मान भारत दुनिया की सबसे बड़ी सरकारी स्वास्थ्य बीमा योजनाओं में से एक है, जिससे करोड़ों लोग जुड़े हैं. ऐसे में WhatsApp जैसे व्यापक रूप से इस्तेमाल होने वाले प्लेटफॉर्म पर सेवाएं उपलब्ध होने से लाभार्थियों के लिए योजना का उपयोग पहले से कहीं अधिक आसान, तेज और सुविधाजनक होने की उम्मीद है. खासतौर पर ग्रामीण क्षेत्रों और डिजिटल सेवाओं का सीमित अनुभव रखने वाले लोगों को इसका सीधा फायदा मिल सकता है.