ererer | Source: erererनई दिल्ली। आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने जंतर-मंतर प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने वाली 15 वर्षीय रुचिका सिंह के समर्थन में सार्वजनिक रूप से अपनी बात रखी है। उन्होंने कहा कि यदि रुचिका को किसी भी प्रकार की सहायता की आवश्यकता हो तो वह उनसे संपर्क कर सकती हैं। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि इस पूरे घटनाक्रम के माध्यम से युवाओं में डर का माहौल बनाने की कोशिश की जा रही है।

केजरीवाल ने रविवार को अपने आधिकारिक 'एक्स' (पूर्व में ट्विटर) हैंडल पर पोस्ट साझा करते हुए रुचिका सिंह का समर्थन किया। उन्होंने लिखा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रुचिका के साथ जो किया, वह कायराना कदम है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की कार्रवाई के जरिए युवाओं के मन में डर पैदा करने की कोशिश की जा रही है, लेकिन अब युवाओं के मन से सरकार और पुलिस का भय समाप्त होता जा रहा है।

केजरीवाल ने अपने संदेश में कहा कि यदि एक रुचिका को डराने का प्रयास किया जाता है, तो उसके जवाब में सोशल मीडिया पर कई अन्य युवा भी अपनी आवाज उठा रहे हैं। उन्होंने रुचिका सिंह को संबोधित करते हुए लिखा कि वह उनके साथ हैं और यदि भविष्य में किसी भी प्रकार की सहायता की आवश्यकता हो तो वह उन्हें बता सकती हैं।

'डर का माहौल बनाने की कोशिश सफल नहीं होगी'

अरविंद केजरीवाल ने अपने बयान में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सार्वजनिक रूप से यह कहा कि उन्होंने सभी को माफ कर दिया है, लेकिन दूसरी ओर रुचिका सिंह जैसी 15 वर्षीय लड़की को पुलिस और कथित ट्रोल आर्मी के माध्यम से डराने और धमकाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि जब राजनीतिक दलों के नेता, कार्यकर्ता या सोशल मीडिया पर सक्रिय लोग दूसरों के लिए अपशब्दों का इस्तेमाल करते हैं, तब उस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं होती, लेकिन इस मामले में अलग रवैया अपनाया गया।

उन्होंने कहा कि इस आंदोलन के बाद लोगों के मन में जो भय था, वह काफी हद तक समाप्त हो चुका है। उनके अनुसार अब उस भय को दोबारा स्थापित करने की कोशिश की जा रही है, लेकिन युवा अब पहले की तरह डरने वाले नहीं हैं।

रुचिका को कानूनी सहायता देने की भी कही बात

केजरीवाल ने कहा कि वह व्यक्तिगत रूप से रुचिका सिंह के साथ खड़े हैं। उन्होंने कहा कि यदि रुचिका को किसी भी प्रकार की कानूनी सहायता, अच्छे वकील या अन्य किसी सहयोग की आवश्यकता होगी, तो आम आदमी पार्टी उनकी हरसंभव मदद करेगी। उन्होंने कहा कि किसी भी तरह की परेशानी आने पर वह उनसे संपर्क कर सकती हैं।

क्या है पूरा मामला?

यह मामला 23 जुलाई 2026 का है, जब नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर NEET पेपर लीक के विरोध में छात्र और युवा प्रदर्शन कर रहे थे। इसी प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे। इसी बीच रुचिका सिंह का एक वीडियो सामने आया, जिसमें वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग करती दिखाई दीं। वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया, जिसके बाद यह मामला राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया।

घटना के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक वीडियो साझा करते हुए रुचिका सिंह को माफ करने की बात कही। इसके बाद रुचिका की मां ने प्रधानमंत्री के इस फैसले के लिए उनका आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने उनकी बेटी को 'जीवनदान' दिया है और बदले की कार्रवाई करने के बजाय माफी का रास्ता चुना।

मामले में रुचिका सिंह के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज की गई है। इसके बाद पूरे घटनाक्रम को लेकर सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में लगातार चर्चा होती रही।

रुचिका सिंह ने जारी किया माफी का वीडियो

लगातार हो रही आलोचनाओं के बीच रुचिका सिंह ने स्वयं एक वीडियो जारी कर सार्वजनिक रूप से माफी मांगी। उन्होंने कहा कि वह केवल 15 वर्ष की हैं और प्रदर्शन के दौरान उन्हें सरकार के खिलाफ आपत्तिजनक बातें कहने के लिए उकसाया गया था। उन्होंने अपने बयान पर खेद व्यक्त करते हुए माफी मांगी। इस पूरे मामले के बाद विभिन्न राजनीतिक दलों की प्रतिक्रियाएं सामने आती रही हैं और घटनाक्रम को लेकर बहस जारी है।