बक्सर। डुमरांव की जर्जर मुख्य सड़क और वर्षों से अटके बाईपास निर्माण को लेकर चल रहा आंदोलन अब राजनीतिक समर्थन जुटाने लगा है। शनिवार को बिहार कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता डॉ. स्नेहाशीष वर्धन धरनास्थल पर पहुंचे और स्वयं शक्ति संगठन के आंदोलन के साथ खड़े होने की घोषणा की।
डॉ. वर्धन ने कहा कि डुमरांव की मौजूदा सड़क व्यवस्था से लोगों को लगातार परेशानी झेलनी पड़ रही है। उनके मुताबिक, समस्या का स्थायी हल सिर्फ सड़क की मरम्मत तक सीमित नहीं है, बल्कि बाईपास का निर्माण भी जरूरी है। उन्होंने सरकार से जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया को तेज करने की मांग की।
कांग्रेस प्रवक्ता ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जनता की समस्याओं के समाधान पर ध्यान देने के बजाय सोशल मीडिया के जरिए अपनी छवि बनाने की राजनीति से विकास के वास्तविक मुद्दे पीछे छूट रहे हैं। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार के बीच बेहतर तालमेल के साथ स्थानीय स्तर पर जनप्रतिनिधियों की सक्रिय पहल को जरूरी बताया।
पांच मांगों को लेकर चल रहा धरना
स्वयं शक्ति संगठन की ओर से डुमरांव की समस्याओं को लेकर पांच प्रमुख मांगें उठाई गई हैं। संगठन की मांग है कि एनएच-120 पर काम जल्द शुरू हो, राज उच्च विद्यालय के खेल मैदान में जल निकासी और सौंदर्यीकरण कराया जाए, जंगली शिव मंदिर जाने वाले रास्ते को बेहतर बनाया जाए, बाईपास निर्माण की प्रक्रिया तेज की जाए और अनुमंडल से ढकाईच जाने वाली सड़क की मरम्मत कराई जाए।
संगठन के धीरज मिश्र और राजन तिवारी ने कहा कि यदि प्रशासन और सरकार की ओर से जल्द ठोस पहल नहीं होती है तो आंदोलन को अगले चरण में ले जाया जाएगा। दोनों ने रविवार से भूख हड़ताल शुरू करने की बात कही है।
धरने में अम्बरीश पाठक, छात्र नेता रंजन ओझा, मनीष मिश्र, बिट्टू चौधरी, शौर्य केशरी, रंजीत यादव, पीयूष उपाध्याय, अशोक राय, मनोज राय और कल्याण तिवारी समेत कई स्थानीय नेता एवं सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद रहे।
