erer | Source: ererबक्सर। डुमरांव की जर्जर सड़क के निर्माण की मांग को लेकर ‘स्वयं शक्ति संगठन’ के युवाओं की ओर से चलाया जा रहा आंदोलन आखिरकार निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया। कई दिनों तक भूख हड़ताल पर बैठे युवाओं के संघर्ष और बढ़ते जनदबाव के बाद प्रशासन तथा आंदोलनकारियों के बीच सहमति बनी। इसके बाद प्रशासन के प्रतिनिधि की मौजूदगी में युवाओं का अनशन समाप्त कराया गया। प्रशासन की ओर से जर्जर सड़क की मरम्मत और निर्माण की प्रक्रिया जल्द शुरू कराने का आश्वासन दिए जाने के बाद आंदोलनकारियों ने अपनी भूख हड़ताल समाप्त करने का निर्णय लिया।

कई दिनों से सड़क को लेकर जारी था आंदोलन

डुमरांव की खराब सड़क को लेकर ‘स्वयं शक्ति संगठन’ के युवाओं ने लंबे समय से चली आ रही समस्या को लेकर आवाज उठाई थी। सड़क की स्थिति को लेकर स्थानीय स्तर पर लोगों में असंतोष था। इसी समस्या के समाधान की मांग को लेकर संगठन से जुड़े युवाओं ने आंदोलन का रास्ता अपनाया और भूख हड़ताल शुरू कर दी।

आंदोलनकारियों का कहना था कि जर्जर सड़क के कारण स्थानीय लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सड़क निर्माण की मांग को लेकर युवाओं ने प्रशासन का ध्यान आकर्षित करने के लिए भूख हड़ताल शुरू की। आंदोलन आगे बढ़ने के साथ स्थानीय स्तर पर भी इसे समर्थन मिलने लगा।

जनदबाव बढ़ा तो प्रशासन से बनी सहमति

भूख हड़ताल लगातार जारी रहने के बीच आंदोलन को समर्थन देने के लिए आम आदमी पार्टी (आप) बक्सर के जिलाध्यक्ष रमेश वर्मा भी आंदोलन स्थल पर पहुंचे। उन्होंने मामले को गंभीरता से लिया और डुमरांव के अनुमंडल पदाधिकारी से बातचीत की।

रमेश वर्मा ने प्रशासन से युवाओं की मांगों पर तत्काल पहल करने तथा आंदोलन समाप्त कराने की दिशा में कार्रवाई करने की अपील की। उनके हस्तक्षेप के बाद डुमरांव एसडीएम ने अपने प्रतिनिधि को आंदोलन स्थल पर भेजा। प्रशासनिक प्रतिनिधि और आंदोलनकारियों के बीच बातचीत के बाद सहमति बनी।

प्रशासनिक प्रतिनिधि पहुंचे, मिठाई खिलाकर खत्म कराया अनशन

प्रशासन की ओर से प्रतिनिधि के आंदोलन स्थल पर पहुंचने के बाद युवाओं से बातचीत की गई। इस दौरान सड़क की समस्या और उसके समाधान को लेकर प्रशासन की ओर से आश्वासन दिया गया। प्रशासन ने जर्जर सड़क की मरम्मत और निर्माण प्रक्रिया जल्द शुरू कराने की बात कही।

आश्वासन मिलने के बाद आंदोलनकारियों ने भूख हड़ताल समाप्त करने पर सहमति जताई। प्रशासनिक प्रतिनिधि की मौजूदगी में आंदोलनकारियों को मिठाई खिलाकर अनशन समाप्त कराया गया। इसके साथ ही कई दिनों से चल रहा भूख हड़ताल का आंदोलन फिलहाल समाप्त हो गया।

सड़क निर्माण के आश्वासन से स्थानीय लोगों में जगी उम्मीद

आंदोलन समाप्त होने के बाद स्थानीय नागरिकों में सड़क की समस्या के समाधान को लेकर उम्मीद जगी है। लोगों का कहना है कि जर्जर सड़क के कारण लंबे समय से आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। सड़क की खराब स्थिति का असर स्थानीय आवागमन पर पड़ रहा था और इसी वजह से इसके निर्माण की मांग लगातार उठ रही थी।

अब प्रशासन की ओर से निर्माण प्रक्रिया जल्द शुरू कराने का आश्वासन मिलने के बाद लोगों की निगाहें आगे की कार्रवाई पर टिकी हैं। स्थानीय नागरिकों को उम्मीद है कि प्रशासन अपने आश्वासन को अमल में लाएगा और सड़क की मरम्मत एवं निर्माण का काम जल्द शुरू होगा।

रमेश वर्मा ने विधायक पर लगाया वादाखिलाफी का आरोप

आंदोलनकारियों को समर्थन देने पहुंचे आप बक्सर जिलाध्यक्ष रमेश वर्मा ने सड़क के मुद्दे को लेकर स्थानीय विधायक पर वादाखिलाफी का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि चुनाव से पहले स्थानीय विधायक ने क्षेत्र की जनता से वादा किया था कि विधायक बनने के एक महीने के भीतर सड़क का निर्माण करा दिया जाएगा।

रमेश वर्मा के अनुसार, यह वादा पूरा नहीं हुआ। उन्होंने इस मुद्दे को लेकर स्थानीय विधायक से नैतिक आधार पर इस्तीफे की मांग की। उन्होंने कहा कि यदि क्षेत्र की बुनियादी समस्याओं के समाधान के लिए आम जनता और युवाओं को स्वयं सड़क पर उतरकर संघर्ष करना पड़े, तो ऐसे जनप्रतिनिधियों को पद पर बने रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है।

“एक महीने में सड़क बनवाने का वादा पूरी तरह कोरा साबित हुआ”

रमेश वर्मा ने कहा, “स्थानीय विधायक ने चुनाव से पूर्व क्षेत्र की जनता से वादा किया था कि विधायक बनने के एक महीने के भीतर इस सड़क का निर्माण करा दिया जाएगा, जो पूरी तरह कोरा साबित हुआ। जब क्षेत्र की बुनियादी समस्याओं के समाधान के लिए आम जनता और युवाओं को खुद ही सड़क पर उतरकर संघर्ष करना पड़े, तो ऐसे जनप्रतिनिधियों को पद पर बने रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है।”

उनके इस बयान के बाद सड़क निर्माण का मुद्दा राजनीतिक रूप से भी चर्चा में आ गया। हालांकि आंदोलन का तत्काल परिणाम प्रशासन और आंदोलनकारियों के बीच बनी सहमति के रूप में सामने आया है। अब स्थानीय लोगों की नजर प्रशासन द्वारा दिए गए आश्वासन के अनुसार आगे की प्रक्रिया पर है।

‘स्वयं शक्ति संगठन’ के संघर्ष की स्थानीय लोगों ने की सराहना

सड़क निर्माण की मांग को लेकर ‘स्वयं शक्ति संगठन’ के युवाओं द्वारा किए गए संघर्ष की स्थानीय नागरिकों ने सराहना की है। लोगों का कहना है कि अपनी बुनियादी समस्या के समाधान के लिए युवाओं ने लगातार आवाज उठाई और भूख हड़ताल के माध्यम से प्रशासन का ध्यान इस ओर आकर्षित किया।

स्थानीय लोगों के मुताबिक सड़क की जर्जर स्थिति लंबे समय से परेशानी का कारण बनी हुई थी। ऐसे में युवाओं का आंदोलन समस्या को प्रमुखता से सामने लाने में महत्वपूर्ण रहा। प्रशासन और आंदोलनकारियों के बीच सहमति बनने के बाद अब लोगों को उम्मीद है कि सड़क निर्माण की दिशा में वास्तविक कार्रवाई भी जल्द दिखाई देगी।

अब आश्वासन से आगे बढ़कर काम शुरू होने का इंतजार

भूख हड़ताल समाप्त होने के बाद आंदोलन फिलहाल खत्म हो गया है, लेकिन सड़क निर्माण का मुद्दा पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है। आंदोलनकारियों और स्थानीय नागरिकों के सामने अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि प्रशासन की ओर से दिए गए आश्वासन के बाद सड़क की मरम्मत और निर्माण प्रक्रिया कब शुरू होती है।

कई दिनों तक चले आंदोलन के बाद बनी सहमति ने लोगों को राहत जरूर दी है, लेकिन सड़क निर्माण का वास्तविक समाधान कार्य शुरू होने के बाद ही माना जाएगा। स्थानीय नागरिकों की नजर अब प्रशासन की अगली कार्रवाई पर है।

युवाओं के संघर्ष ने सड़क का मुद्दा फिर केंद्र में ला दिया

डुमरांव में जर्जर सड़क के निर्माण की मांग को लेकर शुरू हुआ यह आंदोलन आखिरकार प्रशासनिक स्तर पर बातचीत और आश्वासन के बाद समाप्त हुआ। ‘स्वयं शक्ति संगठन’ के युवाओं ने भूख हड़ताल के जरिए सड़क की समस्या को प्रमुखता से उठाया। आम आदमी पार्टी के बक्सर जिलाध्यक्ष रमेश वर्मा ने भी आंदोलन स्थल पर पहुंचकर प्रशासन से हस्तक्षेप की अपील की, जिसके बाद प्रशासनिक प्रतिनिधि आंदोलनकारियों के बीच पहुंचे।

अब स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि प्रशासन द्वारा दिया गया आश्वासन केवल बातचीत तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि सड़क की मरम्मत और निर्माण की प्रक्रिया जल्द जमीन पर दिखाई देगी। फिलहाल आंदोलन समाप्त हो गया है और प्रशासन तथा आंदोलनकारियों के बीच सहमति बन चुकी है। डुमरांव की जनता अब सड़क निर्माण के अगले कदम का इंतजार कर रही है।