tउत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में विरोध प्रदर्शन के दौरान सार्वजनिक व्यवस्था भंग करने और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ कथित आपत्तिजनक नारेबाजी के आरोपों के बाद पुलिस ने सख्त रुख अपनाया है। आज़ाद समाज पार्टी (कांशीराम) के पदाधिकारियों और समर्थकों द्वारा घंटाघर क्षेत्र में किए गए प्रदर्शन के बाद मामले में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।


CCTV और वायरल वीडियो के आधार पर होगी पहचान

पुलिस के अनुसार, प्रदर्शन के दौरान हुए घटनाक्रम की जांच वायरल वीडियो और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज के आधार पर की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि कानून व्यवस्था भंग करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


प्रदर्शन के दौरान हंगामे का आरोप

जानकारी के मुताबिक, आज़ाद समाज पार्टी के कार्यकर्ता अपनी विभिन्न मांगों को लेकर घंटाघर पर एकत्र हुए थे। इसी दौरान सरकार के खिलाफ नारेबाजी की गई। पुलिस का आरोप है कि कुछ लोगों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ कथित रूप से अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल किया, जिससे कानून-व्यवस्था प्रभावित हुई।


पोस्टर फाड़ने का वीडियो हुआ वायरल

प्रदर्शन के बाद सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ, जिसमें कुछ लोग घंटाघर क्षेत्र में लगे पोस्टर फाड़ते हुए दिखाई दे रहे हैं। वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने उसकी सत्यता की जांच शुरू कर संबंधित फुटेज अपने कब्जे में ले ली है। साथ ही आसपास के प्रतिष्ठानों और सरकारी भवनों में लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग भी खंगाली जा रही है।


शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों और उपद्रवियों में होगा अंतर

क्षेत्राधिकारी सर्वंम सिंह ने बताया कि पूरे घटनाक्रम का बारीकी से विश्लेषण किया जा रहा है। प्रदर्शन में मौजूद प्रत्येक व्यक्ति की भूमिका की जांच की जाएगी। जो लोग केवल शांतिपूर्ण प्रदर्शन में शामिल थे और जिन्होंने किसी प्रकार की कानून व्यवस्था नहीं बिगाड़ी, उनके साथ अलग तरीके से व्यवहार किया जाएगा। वहीं, जिन लोगों ने कथित रूप से भड़काऊ नारे लगाए, पोस्टर फाड़े या सार्वजनिक व्यवस्था को प्रभावित किया, उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


फिलहाल सिविल लाइन थाना पुलिस ने विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस वायरल वीडियो, सीसीटीवी फुटेज और मौके पर तैनात पुलिसकर्मियों से मिली जानकारी के आधार पर पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ रही है। जांच पूरी होने के बाद साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।


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