Uttar Pradesh में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार ने 150 करोड़ रुपये की बड़ी योजना को मंजूरी दी है। इस बजट से प्रदेश के प्रमुख धार्मिक स्थलों के सौंदर्यीकरण, बुनियादी ढांचे के विकास और पर्यटकों की सुविधाओं को मजबूत किया जाएगा। सरकार का लक्ष्य है कि देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर अनुभव मिले और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी गति मिले।इस योजना के तहत मंदिरों, घाटों और तीर्थ स्थलों के आसपास सड़क, पार्किंग, प्रकाश व्यवस्था, पेयजल, शौचालय और सुरक्षा जैसी सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा। साथ ही साफ-सफाई, हरित क्षेत्र विकास और डिजिटल सूचना प्रणाली पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। कई स्थानों पर नदी घाटों का जीर्णोद्धार और पर्यटन संकेतक (साइनबोर्ड) भी लगाए जाएंगे।सरकार विशेष रूप से Ayodhya, Varanasi, Mathura और Prayagraj जैसे प्रमुख धार्मिक नगरों में विकास कार्यों को प्राथमिकता दे रही है। इन क्षेत्रों में श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है, जिससे बेहतर यातायात प्रबंधन और आधुनिक सुविधाओं की आवश्यकता महसूस की जा रही थी।पर्यटन विभाग के अनुसार, इस निवेश से रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। स्थानीय कारीगरों, दुकानदारों, होटल व्यवसायियों और परिवहन क्षेत्र को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है। धार्मिक पर्यटन के साथ-साथ सांस्कृतिक और आध्यात्मिक कार्यक्रमों को भी बढ़ावा दिया जाएगा, जिससे प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान और मजबूत होगी।सरकार का मानना है कि इस पहल से उत्तर प्रदेश देश के प्रमुख धार्मिक पर्यटन केंद्र के रूप में और अधिक सशक्त होकर उभरेगा, जिससे राज्य की अर्थव्यवस्था को दीर्घकालिक लाभ मिलेगा।