दय्यान खान

जम्मू:

जम्मू-कश्मीर और लद्दाख हाईकोर्ट ने सोमवार को आम आदमी पार्टी (AAP) विधायक और जम्मू-कश्मीर इकाई के अध्यक्ष Mehraj Malik को बड़ी राहत देते हुए उनके खिलाफ लगाया गया लोक सुरक्षा अधिनियम (PSA) रद्द कर दिया। इस फैसले के साथ करीब 229 दिनों से चल रही कानूनी लड़ाई का बड़ा मोड़ सामने आया है। अदालत के इस फैसले को राजनीतिक और कानूनी दोनों लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

Mehraj Malik को पिछले साल 8 सितंबर को कथित तौर पर सार्वजनिक व्यवस्था बिगाड़ने के आरोप में PSA के तहत हिरासत में लिया गया था। बाद में उन्हें कठुआ जेल भेज दिया गया। गिरफ्तारी के बाद इस कार्रवाई को लेकर लगातार सवाल उठते रहे और आम आदमी पार्टी इसे राजनीतिक प्रताड़ना बताती रही।

मलिक ने 24 सितंबर को हाईकोर्ट में बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दाखिल करते हुए अपनी हिरासत को चुनौती दी थी। उन्होंने न सिर्फ अपनी गिरफ्तारी को गैरकानूनी बताया, बल्कि मुआवजे के तौर पर 5 करोड़ रुपये की मांग भी की थी। इस याचिका पर सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने 23 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था, जिसे अब सुनाते हुए अदालत ने PSA को पूरी तरह रद्द कर दिया।

फैसले के बाद आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री Arvind Kejriwal ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर प्रतिक्रिया देते हुए लिखा, “स्वागत है मेहराज मलिक। आपका संघर्ष सभी के लिए मिसाल है।” केजरीवाल के इस बयान को पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच तेजी से साझा किया गया।

वहीं AAP सांसद Sanjay Singh ने भी इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि 229 दिनों तक जेल की यातना सहने के बाद मेहराज मलिक को न्याय मिला है। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ एक नेता की रिहाई नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक अधिकारों की बहाली का मामला है। संजय सिंह ने अपने संदेश में मेहराज मलिक के संघर्ष को सलाम किया और कहा कि अन्याय के खिलाफ लड़ाई आखिरकार रंग लाई।

इधर AAP प्रवक्ता Appu Singh Salathia, जो मेहराज मलिक की कानूनी टीम का हिस्सा भी रहे, ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि अदालत के इस फैसले से न्यायपालिका में विश्वास और मजबूत हुआ है। उन्होंने कहा कि कोर्ट ने साफ कर दिया कि PSA जैसे कठोर कानूनों का इस्तेमाल मनमाने तरीके से नहीं किया जा सकता।

सलाथिया ने कहा, “यह सिर्फ मेहराज मलिक की व्यक्तिगत जीत नहीं है, बल्कि उन सभी लोगों की जीत है जो संविधान और न्याय व्यवस्था पर भरोसा रखते हैं।” उन्होंने यह भी कहा कि अदालत का यह फैसला भविष्य में ऐसे मामलों के लिए एक मिसाल बन सकता है।

इस पूरे घटनाक्रम के बाद जम्मू-कश्मीर की राजनीति में भी हलचल तेज हो गई है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस फैसले से AAP को क्षेत्र में नैतिक और राजनीतिक बढ़त मिल सकती है। समर्थकों के बीच इस फैसले को लेकर उत्साह है और इसे अन्याय के खिलाफ संघर्ष की जीत बताया जा रहा है।

फिलहाल सबकी नजर मेहराज मलिक की रिहाई की औपचारिक प्रक्रिया और आगे की राजनीतिक रणनीति पर बनी हुई है। लेकिन इतना तय माना जा रहा है कि हाईकोर्ट का यह फैसला आने वाले समय में राजनीतिक और कानूनी बहस का बड़ा विषय बन सकता है।