देश इस समय भीषण गर्मी की मार झेल रहा है। उत्तर भारत से लेकर मध्य भारत और विदर्भ तक सूरज आग उगल रहा है। कई शहरों में पारा 47 डिग्री के पार पहुंच चुका है, जिससे लोगों का घर से निकलना मुश्किल हो गया है। लेकिन इसी बीच मौसम विभाग (IMD) ने राहत भरी खबर दी है। अब सवाल यह है कि आखिर कब बदलेगा मौसम और कब बरसेंगे राहत के बादल?
देश के कई हिस्सों में हीटवेव का कहर जारी है। उत्तर प्रदेश, दिल्ली, राजस्थान, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के कई इलाके भीषण लू की चपेट में हैं। यूपी के बांदा में तापमान 47.6°C तक पहुंच गया, जबकि महाराष्ट्र के ब्रह्मपुरी में 47.2°C दर्ज किया गया। दिल्ली-NCR में भी तापमान 45 से 47 डिग्री के बीच बना हुआ है। IMD ने कई राज्यों में रेड अलर्ट और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।
सबसे ज्यादा असर वाले राज्यों में दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, पूर्वी उत्तर प्रदेश, विदर्भ, पश्चिम राजस्थान और पूर्वी मध्य प्रदेश शामिल हैं, जहां रेड अलर्ट जारी किया गया है। वहीं तेलंगाना, महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों, NCR क्षेत्र और मध्य भारत के कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी है।
अब सवाल है कि राहत कब मिलेगी? IMD के ताजा अपडेट के मुताबिक 28 मई के बाद मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) सक्रिय होने जा रहा है, जिसके कारण कई राज्यों में तेज आंधी, बारिश और बादल छाने की संभावना है। तापमान में 6 से 8 डिग्री तक गिरावट आ सकती है।
दिल्ली-NCR में 28 मई से 31 मई के बीच बारिश और तेज हवाओं की संभावना जताई गई है, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिल सकती है। तेलंगाना और हैदराबाद में प्री-मानसून बारिश शुरू होने की उम्मीद है। कई जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। वहीं विदर्भ और महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में आंधी और बारिश से थोड़ी राहत मिलने की संभावना है, हालांकि कुछ जगहों पर गर्मी बनी रह सकती है।
मानसून को लेकर भी बड़ा अपडेट सामने आया है। मौसम विभाग के अनुसार, इस बार मानसून केरल में सामान्य से पहले पहुंच सकता है। इससे जून की शुरुआत में कई राज्यों में मौसम बदलने की उम्मीद बढ़ गई है।
IMD ने लोगों को सलाह दी है कि दोपहर 12 बजे से 4 बजे तक घर से बाहर निकलने से बचें, ज्यादा से ज्यादा पानी पिएं, हल्के और सूती कपड़े पहनें और बच्चों व बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें।
देश अभी भीषण गर्मी की चपेट में जरूर है, लेकिन मौसम विभाग की भविष्यवाणी लोगों के लिए राहत की उम्मीद लेकर आई है। अगर अनुमान सही साबित हुआ, तो अगले 2-3 दिनों में तपती धरती पर बारिश की बूंदें राहत बनकर बरस सकती हैं।
