देश में महंगाई को लेकर एक बार फिर चिंता बढ़ गई है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने चेतावनी दी है कि आने वाले महीनों में महंगाई पर दबाव बढ़ सकता है। RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा कि पश्चिम एशिया में जारी युद्ध, बढ़ती कच्चे तेल की कीमतें और अल नीनो जैसी मौसम संबंधी परिस्थितियां भारत की अर्थव्यवस्था के लिए चुनौती बन सकती हैं। खासकर अगर मानसून सामान्य से कमजोर रहता है और अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल महंगा होता है, तो इसका सीधा असर आम लोगों की जेब पर पड़ सकता है।RBI ने फिलहाल ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया है, लेकिन यह साफ संकेत दिया है कि महंगाई को लेकर जोखिम अभी खत्म नहीं हुए हैं। केंद्रीय बैंक का मानना है कि युद्ध और मौसम से जुड़े कारक आने वाले समय में खाद्य पदार्थों और ईंधन की कीमतों को प्रभावित कर सकते हैं, जिससे महंगाई बढ़ने का खतरा बना रहेगा।

RBI गवर्नर ने क्या कहा?

RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा कि महंगाई फिलहाल नियंत्रण में है, लेकिन इसके जोखिम ऊपर की ओर बने हुए हैं। उन्होंने विशेष रूप से पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष और संभावित अल नीनो प्रभाव का जिक्र किया। RBI का मानना है कि युद्ध लंबा खिंचने पर तेल और अन्य जरूरी वस्तुओं की कीमतें बढ़ सकती हैं, जबकि कमजोर मानसून खाद्य महंगाई को बढ़ा सकता है।

अल नीनो से क्यों बढ़ी चिंता?

अल नीनो एक मौसमीय घटना है, जो भारत में मानसून को प्रभावित कर सकती है। यदि बारिश सामान्य से कम होती है तो कृषि उत्पादन पर असर पड़ सकता है। इससे सब्जियों, दालों और अन्य खाद्य वस्तुओं की कीमतें बढ़ने की आशंका रहती है। RBI ने भी माना है कि कमजोर मानसून खाद्य महंगाई को बढ़ाने वाला बड़ा कारक बन सकता है।

युद्ध का क्या होगा असर?

पश्चिम एशिया में जारी तनाव और युद्ध ने वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता बढ़ा दी है। कच्चे तेल की कीमतों में उछाल आने पर भारत जैसे आयातक देशों पर अतिरिक्त बोझ पड़ता है। इससे पेट्रोल-डीजल, परिवहन और रोजमर्रा की वस्तुओं की लागत बढ़ सकती है। RBI ने माना है कि भू-राजनीतिक तनाव महंगाई और आर्थिक विकास दोनों के लिए खतरा बन सकता है।

आम लोगों पर क्या असर पड़ेगा?

अगर खाद्य और ईंधन कीमतों में बढ़ोतरी होती है तो घर का बजट प्रभावित हो सकता है। हालांकि RBI का कहना है कि भारतीय अर्थव्यवस्था अभी भी मजबूत स्थिति में है, लेकिन वैश्विक हालात और मौसम संबंधी जोखिमों पर लगातार नजर रखी जा रही है।