
नगीना से सांसद और आजाद समाज पार्टी के प्रमुख चंद्रशेखर आजाद को उत्तर प्रदेश पुलिस ने उनके धामपुर स्थित घर में रोक दिया है। चंद्रशेखर आजाद गुरुवार से अपनी "सत्ता परिवर्तन यात्रा" शुरू करने वाले थे, लेकिन यात्रा शुरू होने से पहले ही पुलिस ने उन्हें घर से बाहर निकलने की अनुमति नहीं दी।
घर में रोके जाने पर क्या बोले चंद्रशेखर आजाद?
चंद्रशेखर आजाद ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर कहा कि सरकार उनकी आवाज दबाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि जनता की आवाज को दबाया नहीं जा सकता और जितना दबाव बनाया जाएगा, उनकी आवाज उतनी ही मजबूत होगी।
यात्रा रोकने का लगाया आरोप
एक वीडियो संदेश में चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि उनकी "सत्ता परिवर्तन यात्रा" लोगों को जागरूक करने और उन्हें एकजुट करने के लिए निकाली जा रही थी। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन उन्हें जानबूझकर यात्रा करने से रोक रहा है।
सुरक्षा छोड़ने की दी चेतावनी
आजाद ने कहा कि यदि उन्हें जनता के बीच जाने और अपनी बात रखने से रोका गया, तो वह सरकार द्वारा दी गई पुलिस सुरक्षा भी छोड़ सकते हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें किसी तरह का डर नहीं है और वे अपने संकल्प से पीछे नहीं हटेंगे
आज रात बताएंगे आगे की रणनीति
चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि वह रात 8 बजे सोशल media पर लाइव आकर अपनी आगे की रणनीति साझा करेंगे। उन्होंने कहा कि बेरोजगारी, महंगाई, पेपर लीक, महिलाओं की सुरक्षा और दलितों पर अत्याचार जैसे मुद्दों को लेकर उनकी लड़ाई जारी रहेगी।
आजाद समाज पार्टी की मांग
आजाद समाज पार्टी ने सरकार से मांग की है कि चंद्रशेखर आजाद को तुरंत रिहा किया जाए और उन्हें अपनी यात्रा तथा जनसंपर्क कार्यक्रम बिना किसी रुकावट के करने दिया जाए। पार्टी का कहना है कि लोकतंत्र में जनता की आवाज को दबाया नहीं जा सकता।
क्या है पूरा मामला?
चंद्रशेखर आजाद गुरुवार से उत्तर प्रदेश में "सत्ता परिवर्तन यात्रा" शुरू करने वाले थे। इससे पहले ही पुलिस ने उन्हें उनके घर में रोक लिया। इसके बाद उन्होंने सरकार पर लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन करने का आरोप लगाया और आगे की लड़ाई जारी रखने का संकल्प दोहराया।
