महाराष्ट्र के जालना जिले में खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) ने मिलावटखोरी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए घनसांवगी तहसील के तीर्थपुरी स्थित एक घी निर्माण इकाई पर छापा मारा। इस दौरान अधिकारियों ने 13 लाख रुपये से अधिक मूल्य का 1,900 लीटर से ज्यादा संदिग्ध घी और खाद्य तेल जब्त किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित फैक्ट्री को अगले आदेश तक सील कर दिया गया है।

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि फैक्ट्री में शुद्ध घी के नाम पर मिलावटी उत्पाद तैयार किए जा रहे थे। अधिकारियों को आशंका है कि इन उत्पादों को बाजार में असली घी बताकर बेचा जा रहा था, जिससे उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य को गंभीर खतरा हो सकता था।

यह कार्रवाई खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग के आयुक्त तुकाराम मुंडे के निर्देश पर की गई। विभाग की विशेष टीम ने तीर्थपुरी स्थित मुंडडा इंडस्ट्रीज में पहुंचकर उत्पादन प्रक्रिया, कच्चे माल और तैयार उत्पादों की गहन जांच की।

रिफाइंड सोयाबीन तेल और एसेंस से तैयार किया जा रहा था नकली घी

जांच के दौरान अधिकारियों को कई चौंकाने वाले तथ्य मिले। टीम ने पाया कि कथित तौर पर रिफाइंड सोयाबीन तेल और विभिन्न प्रकार के फ्लेवरिंग एसेंस का उपयोग कर घी जैसा उत्पाद तैयार किया जा रहा था। इस उत्पाद को पैक कर बाजार में शुद्ध घी के रूप में बेचे जाने की आशंका जताई गई है।

छापेमारी के दौरान अधिकारियों ने विभिन्न ब्रांडों के पैक्ड घी के नमूने, खुले में रखा घी, रिफाइंड सोयाबीन तेल और उत्पादन में इस्तेमाल हो रहे एसेंस सहित कुल आठ खाद्य नमूने एकत्र किए। इन सभी नमूनों को परीक्षण और विश्लेषण के लिए प्रयोगशाला भेज दिया गया है।

1,903 लीटर से अधिक सामग्री बरामद

कार्रवाई के दौरान विभाग ने 1,121.8 लीटर पैक्ड घी, 663.8 लीटर खुला घी और 118 लीटर रिफाइंड सोयाबीन तेल बरामद किया। इस तरह कुल 1,903.6 लीटर सामग्री जब्त की गई।

अधिकारियों के अनुसार, जब्त किए गए माल की कुल अनुमानित कीमत 13 लाख 4 हजार 539 रुपये है। इतनी बड़ी मात्रा में संदिग्ध और मिलावटी सामग्री मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया है।

सप्लाई नेटवर्क की भी जांच

एफडीए की टीम अब यह पता लगाने में जुटी है कि फैक्ट्री से तैयार होने वाला यह माल किन-किन क्षेत्रों में सप्लाई किया जा रहा था और इसका वितरण नेटवर्क कितना बड़ा था। जब्त सामग्री को विभाग ने अपने कब्जे में लेकर आगे की जांच शुरू कर दी है।

रिपोर्ट आने के बाद होगी सख्त कार्रवाई

खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि प्रयोगशाला से रिपोर्ट मिलने के बाद संबंधित संचालकों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यदि नमूनों में मिलावट की पुष्टि होती है तो दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि जांच पूरी होने तक संबंधित इकाई को सील रखा जाएगा, ताकि उत्पादन और वितरण की सभी गतिविधियां बंद रहें। अधिकारियों का कहना है कि उपभोक्ताओं की सेहत के साथ खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ आगे भी इसी तरह की सख्त कार्रवाई जारी रहेगी और जिले में मिलावटी खाद्य पदार्थों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जाता रहेगा।