आजकल सोशल मीडिया पर एक सवाल तेजी से फैल रहा है क्या पुरुषों को भी पीरियड्स की तरह कोई मासिक चक्र होता है?बहुत से लोग कहते हैं कि पुरुषों में भी महीने के कुछ दिन गुस्सा, चिड़चिड़ापन, थकान, मूड स्विंग और बेचैनी दिखती है तो क्या यह पुरुषों का पीरियड है?दूसरी तरफ डॉक्टर साफ कहते हैं कि यह तुलना गलत है।यह पूरा मामला इतना चर्चा में इसलिए आया है क्योंकि पुरुषों में भी हार्मोन होते हैं और उनके भी उतार-चढ़ाव देखने को मिलते हैं। लेकिन सवाल है क्या यह उतार-चढ़ाव महिलाओं के Menstrual Cycle जैसा है या सिर्फ एक मूड और हार्मोन से जुड़ी स्थिति?

क्या पुरुषों में Menstrual Cycle होता है?

पीरियड्स एक जैविक प्रक्रिया है, जिसे होने के लिए शरीर में तीन चीज़ों का मौजूद होना ज़रूरी है।गर्भाशय (Uterus), अंडाशय (Ovaries) और Estrogen Progesterone पर आधारित मासिक हार्मोनल चक्र। महिलाओं के शरीर में हर महीने गर्भाशय की परत बनती है, और यदि गर्भ न ठहरे तो यह परत टूटकर रक्त के रूप में बाहर निकल जाती है। यही पूरी प्रक्रिया पीरियड्स या मासिक धर्म कहलाती है। पुरुषों में न गर्भाशय होता है, न अंडाशय, और न ही यह मासिक हार्मोनल चक्र—इसलिए पुरुषों में मासिक धर्म जैविक रूप से संभव ही नहीं है और न ही कोई ‘पीरियड जैसा’ चक्र चलता है। सीधी बात Menstrual Cycle सिर्फ महिलाओं में होता है, पुरुषों में पीरियड्स जैसा कोई चक्र नहीं।

तो पुरुषों में क्या होता है?

पुरुषों का मुख्य हार्मोन है टेस्टोस्टेरॉन, और इसमें उतार-चढ़ाव होते हैं, लेकिन ये मासिक नहीं बल्कि डेली होते हैं। आमतौर पर पुरुषों में टेस्टोस्टेरॉन सुबह सबसे अधिक, दोपहर में सामान्य और रात में सबसे कम स्तर पर होता है। कभी-कभी तनाव, नींद की कमी, गलत डाइट या उम्र के कारण यह उतार-चढ़ाव और ज्यादा महसूस हो सकता है। लेकिन सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इसमें न गर्भाशय शामिल है, न कोई रक्तस्राव और न ही कोई मासिक टाइम-टेबल इसलिए इसे किसी भी हालत में पीरियड्स जैसा चक्र नहीं माना जा सकता। यह सिर्फ हार्मोन से जुड़ा मूड और ऊर्जा का प्राकृतिक उतार-चढ़ाव है।

मैन पीरियड या चिड़चिड़ा पुरुष सिंड्रोम क्या है?

कुछ लोग पुरुषों के चिड़चिड़ेपन, थकान या अचानक मूड बदलने को मैन पीरियड कह देते हैं, लेकिन वैज्ञानिक भाषा में इसे चिड़चिड़ा पुरुष सिंड्रोम कहा जाता है। इस स्थिति में चिड़चिड़ापन, मन में बार-बार बदलाव, ऊर्जा की कमी, तनाव और यौन इच्छा में गिरावट जैसे लक्षण देखे जा सकते हैं। हालांकि यह बात समझना ज़रूरी है कि यह किसी भी तरह से पीरियड नहीं है। डॉक्टर साफ कहते हैं कि यह केवल हार्मोन और मनोस्थिति के असंतुलन की अवस्था है, कोई मासिक चक्र नहीं इसलिए इसे महिलाओं के मासिक धर्म से तुलना करना पूरी तरह गलत है।