कोरोना महामारी के दौरान लाखों लोगों को स्टेरॉयड दवाइयां दी गई थीं। उस वक्त इन दवाओं ने कई मरीजों की जान बचाई, लेकिन अब डॉक्टर एक ऐसे साइड इफेक्ट को लेकर चेतावनी दे रहे हैं, जो शरीर को अंदर ही अंदर खोखला कर सकता है। विशेषज्ञों के मुताबिक, कुछ लोगों में इन दवाओं के कारण कूल्हे की हड्डी धीरे-धीरे खराब होने लगी है और शुरुआती दौर में इसके लक्षण भी साफ नजर नहीं आते। यही वजह है कि इसे “साइलेंट बोन डैमेज” कहा जा रहा है।

क्या है पूरा मामला?

डॉक्टरों के अनुसार कोरोना के गंभीर मरीजों को स्टेरॉयड्स दिए गए थे ताकि फेफड़ों की सूजन कम की जा सके। लेकिन लंबे समय तक या ज्यादा मात्रा में स्टेरॉयड लेने से शरीर की हड्डियों में ब्लड सप्लाई प्रभावित हो सकती है। इससे कूल्हे की हड्डी का हिस्सा धीरे-धीरे डैमेज होने लगता है। इस स्थिति को मेडिकल भाषा में “एवस्कुलर नेक्रोसिस” कहा जाता है।

अंदर ही अंदर कैसे खराब होती है हड्डी?

जब हड्डी तक सही मात्रा में खून नहीं पहुंचता, तो उसका टिश्यू कमजोर होने लगता है। शुरुआत में मरीज को हल्का दर्द या जकड़न महसूस होती है, लेकिन समय के साथ हड्डी घिसने लगती है। कई मामलों में मरीज को चलने-फिरने में दिक्कत होने लगती है और आखिर में सर्जरी तक की नौबत आ सकती है।

किन लोगों में ज्यादा खतरा?

डॉक्टरों का कहना है कि जिन लोगों ने कोरोना के दौरान लंबे समय तक स्टेरॉयड लिया था, उनमें खतरा ज्यादा देखा जा रहा है। खासकर वे मरीज जिन्हें हाई डोज दी गई थी या जिन्हें डायबिटीज, मोटापा या पहले से हड्डियों की बीमारी थी।

इन लक्षणों को बिल्कुल नजरअंदाज न करें

कूल्हे या जांघ में लगातार दर्द

चलने में परेशानी या लंगड़ाहट

सीढ़ियां चढ़ने में तकलीफ

बैठने और उठने में दर्द

पैरों में जकड़न महसूस होना

डॉक्टरों का कहना है कि अगर ये लक्षण लंबे समय तक बने रहें तो तुरंत जांच करानी चाहिए।

समय रहते पहचान क्यों जरूरी?

विशेषज्ञों के मुताबिक अगर शुरुआती स्टेज में बीमारी पकड़ में आ जाए तो दवाओं और फिजियोथेरेपी से स्थिति को कंट्रोल किया जा सकता है। लेकिन देर होने पर हड्डी पूरी तरह डैमेज हो सकती है और फिर हिप रिप्लेसमेंट सर्जरी की जरूरत पड़ सकती है।

डॉक्टरों की क्या सलाह?

बिना डॉक्टर की सलाह के स्टेरॉयड दवाइयां न लें

पुराने कोरोना मरीज नियमित हेल्थ चेकअप कराएं

हड्डियों के दर्द को हल्के में न लें

कैल्शियम और विटामिन-D का ध्यान रखें

नियमित एक्सरसाइज और एक्टिव लाइफस्टाइल अपनाएं

आखिर क्यों बढ़ रही है चिंता?

डॉक्टरों का कहना है कि कोरोना के बाद ऐसे मामलों में लगातार बढ़ोतरी देखी जा रही है। कई मरीजों को शुरुआत में लगा कि यह सामान्य दर्द है, लेकिन जांच में हड्डी खराब होने की बात सामने आई। इसलिए अब स्वास्थ्य विशेषज्ञ लोगों को सतर्क रहने की सलाह दे रहे हैं।