मध्य प्रदेश के सतना जिला अस्पताल से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां एक युवक अपने बीमार परिजन को अस्पताल में स्ट्रेचर नहीं मिलने पर बाइक से ही फर्स्ट फ्लोर तक पहुंच गया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है और अस्पताल की व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर रहा है।


स्ट्रेचर नहीं मिलने का आरोप

जानकारी के अनुसार, खुटहा नयागांव निवासी 46 वर्षीय अंजनी सोनी का जिला अस्पताल में इलाज चल रहा था। डॉक्टरों ने उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें बेहतर इलाज के लिए रीवा रेफर कर दिया था। परिजनों को मरीज को नीचे ले जाने के लिए स्ट्रेचर की जरूरत थी, लेकिन काफी देर तक स्ट्रेचर उपलब्ध नहीं हो सका।

मजबूरी में बाइक लेकर पहुंचा फर्स्ट फ्लोर

परिजनों का आरोप है कि जब समय पर स्ट्रेचर नहीं मिला तो युवक बाइक लेकर अस्पताल के पिछले रास्ते से सीधे पहली मंजिल तक पहुंच गया। वहां मौजूद मरीज, तीमारदार और अस्पताल कर्मचारी बाइक को फर्स्ट फ्लोर पर देखकर हैरान रह गए।


मरीज की हालत देख नहीं ले जा सका

युवक मरीज को बाइक पर बैठाकर ले जाना चाहता था, लेकिन उनकी गंभीर हालत को देखते हुए यह संभव नहीं हो पाया। मरीज ने भी बाइक पर बैठने से मना कर दिया। इसके बाद युवक बिना मरीज को ले जाए वापस लौट गया।


जांच के बाद हुई व्यवस्था

मामले की जानकारी मिलने पर सिविल सर्जन डॉ. अमर सिंह ने जांच कराई। जांच में सामने आया कि युवक अपने परिजन की हालत को लेकर परेशान था और स्ट्रेचर न मिलने के कारण उसने यह कदम उठाया। इसके बाद अस्पताल प्रशासन ने तत्काल स्ट्रेचर की व्यवस्था की और मरीज को एम्बुलेंस से रीवा भेजा गया।


व्यवस्थाओं पर उठे सवाल

बताया जा रहा है कि अंजनी सोनी घोड़े की लात लगने से घायल हुए थे। इस घटना ने जिला अस्पताल में बुनियादी सुविधाओं और मरीजों को समय पर सहायता उपलब्ध कराने की व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि अस्पताल प्रशासन का कहना है कि बाद में मरीज को सभी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराकर सुरक्षित रेफर कर दिया गया।