हैदराबाद के बेगमपेट एयरपोर्ट पर विंग्स इंडिया 2026 का भव्य आगाज़, हजारों लोगों ने देखा हवाई करतब
हैदराबाद के ऐतिहासिक बेगमपेट एयरपोर्ट पर शुक्रवार (30 जनवरी 2026) को विंग्स इंडिया 2026 एविएशन शो के लिए आम लोगों के लिए गेट खोल दिए गए। कभी हैदराबाद की रोज़मर्रा की उड़ानों का केंद्र रहा यह एयरपोर्ट एक बार फिर ज़िंदगी से भर उठा, लेकिन इस बार विमानों की लैंडिंग नहीं बल्कि हवाई करतबों और दर्शकों के उत्साह के साथ।
सुबह करीब 10 बजे से ही एयरपोर्ट के प्रवेश द्वार पर लोगों की लंबी कतारें लगनी शुरू हो गईं। तेलंगाना के अलग-अलग जिलों से परिवार, छात्र, युवा और बुज़ुर्ग इस शो को देखने पहुंचे। बच्चे अपने माता-पिता के कंधों पर बैठकर आसमान में उड़ते विमानों को देखने के लिए उत्साहित नजर आए। पहले ही दिन करीब 10 हजार दर्शकों की मौजूदगी दर्ज की गई।
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण भारतीय वायुसेना की सूर्यकिरण एरोबेटिक टीम रही। टीम के विमानों ने आसमान में शानदार कलाबाज़ियां दिखाईं। जब विमान तेज़ी से उड़ते हुए रंगीन धुएं की लकीरें छोड़ते, तो पूरा आसमान तिरंगे के रंगों से भर जाता। हर करतब के साथ दर्शकों की तालियों और खुशी की आवाज़ गूंज उठती।
जैसे ही लाउडस्पीकर पर अगली हवाई प्रस्तुति की घोषणा होती, लोग आपस की बातचीत छोड़कर आसमान की ओर देखने लगते। सैकड़ों लोगों ने अपने मोबाइल फोन निकालकर वीडियो और तस्वीरें रिकॉर्ड कीं। कई दर्शकों ने तो दूर-दराज़ शहरों और देशों में रहने वाले अपने रिश्तेदारों को वीडियो कॉल करके लाइव नज़ारा भी दिखाया।
विंग्स इंडिया 2026 में सिर्फ हवाई करतब ही नहीं, बल्कि विमानन से जुड़ी नई तकनीकों और भविष्य की उड़ान प्रणालियों का प्रदर्शन भी किया जा रहा है। प्रदर्शनी क्षेत्र में विभिन्न कंपनियों के स्टॉल लगे हैं, जहाँ विमानों के मॉडल, ड्रोन और नई एविएशन तकनीकों की जानकारी दी जा रही है। खास तौर पर eVTOL विमान मॉडलों ने युवाओं और छात्रों का ध्यान खींचा।
ज़मीन पर भी मेले जैसा माहौल देखने को मिला। बच्चों के लिए विमान खिलौने, टोपी और टी-शर्ट बेचने वाले स्टॉल लगे थे। माता-पिता अपने बच्चों के लिए यादगार सामान खरीदते नजर आए। खाने-पीने के स्टॉल्स पर भी अच्छी-खासी भीड़ रही।
विंग्स इंडिया 2026 न केवल एक एविएशन शो है, बल्कि यह युवाओं और बच्चों को विमानन क्षेत्र की ओर प्रेरित करने का मंच भी बन गया है। यह आयोजन लोगों को भारत की बढ़ती हवाई शक्ति और तकनीकी क्षमताओं से रूबरू करा रहा है।
