जम्मू-कश्मीर की राजनीति एक बार फिर गर्म है। नेशनल कॉन्फ्रेंस अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. फारूक अब्दुल्ला ने हाल ही में एक जनसभा में ऐसा बयान दिया है, जिसने अनुच्छेद 370 की बहाली को लेकर चर्चाओं को फिर से तेज कर दिया है। उनका कहना है कि जम्मू-कश्मीर के लोगों की पहचान, अधिकार और सम्मान की बहाली ही उनकी पार्टी की सबसे बड़ी लड़ाई है।बडगाम में एक बड़ी जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने जम्मू-कश्मीर के बदलाव, अतीत के सुधारों और मौजूदा राजनीतिक स्थिति सभी पर विस्तार से बात की।
फारूक अब्दुल्ला का स्पष्ट संदेश
फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि नेशनल कॉन्फ्रेंस की नींव उसके समर्पित कार्यकर्ताओं और उन शहीदों की कुर्बानियों पर बनी है जिन्होंने कश्मीरियों की इज्जत और आज़ादी के लिए अपनी जान दी।उन्होंने कहा कि पार्टी हमेशा से जम्मू-कश्मीर के लोगों के अधिकारों और गरिमा की रक्षा के लिए संघर्ष करती रही है, और यही मिशन आगे भी जारी रहेगा।
शेख अब्दुल्ला के सुधारों की याद
उन्होंने अपने भाषण में शेर-ए-कश्मीर शेख अब्दुल्ला के समय हुए ऐतिहासिक बदलावों का ज़िक्र किया।उनके मुताबिक ज़मीन सुधारों ने लोगों की गरीबी कम की किसानों को पहली बार अपनी जमीन का मालिकाना हक मिला।अशिक्षा और सामाजिक पिछड़ेपन में बड़ा सुधारआया और राज्य को आंतरिक स्वायत्तता मिली।लेकिन उन्होंने आरोप लगाया कि यह स्वायत्तता धीरे-धीरे ग़ैर-लोकतांत्रिक तरीक़े से खत्म कर दी गई और 2019 में बचे-खुचे अधिकार भी पूरी तरह छीन लिए गए।
अनुच्छेद 370 पर दोटूक बयान
फारूक अब्दुल्ला ने साफ कहा:
अनुच्छेद 370 की बहाली हमारा मुख्य एजेंडा है और इससे पीछे हटने का कोई सवाल नहीं।
उन्होंने कहा कि पार्टी हर मंच पर जम्मू-कश्मीर के लोगों के संवैधानिक अधिकारों और पहचान की लड़ाई लड़ रही है।
राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग
अब्दुल्ला ने केंद्र सरकार से राज्य का दर्जा जल्द बहाल करने की मांग दोहराई।उनका कहना था।बिना पूर्ण राज्य दर्जे के चुनी हुई सरकार पूरी तरह काम नहीं कर सकती।दोहरी शासन व्यवस्था अस्थिरता पैदा कर सकती है।प्रधानमंत्री और गृह मंत्री ने राज्य का दर्जा लौटाने का वादा किया था।सुप्रीम कोर्ट भी ऐसा करने का निर्देश दे चुका है।इसलिए, अब देरी की कोई वजह नहीं बचती।
जनता के मुद्दों पर नेशनल कॉन्फ्रेंस का दावा
उन्होंने कहा कि पार्टी के मंत्री और विधायक लगातार लोगों की समस्याएँ सुन रहे हैं और राहत उपलब्ध कराने की कोशिश कर रहे हैं।
