राजस्थान के सिरोही जिले का छोटा सा गांव झाड़ोली इन दिनों चर्चा का केंद्र बना हुआ है। वजह है एक ही परिवार के तीन भाई-बहनों का एक साथ राजस्थान प्रशासनिक सेवा (RAS) में चयन। इस अनोखी उपलब्धि ने न सिर्फ उनके परिवार बल्कि पूरे इलाके का सिर गर्व से ऊंचा कर दिया है।


परमवीर सिंह, सेजल कुंवर और महिपाल सिंहइन तीनों ने अपनी मेहनत और लगन से वह मुकाम हासिल किया, जो अक्सर लोगों के लिए सपना ही रह जाता है। खास बात यह रही कि सबसे छोटे भाई परमवीर ने 24वीं रैंक हासिल कर शानदार प्रदर्शन किया, जबकि सेजल को 120वीं और महिपाल को 931वीं रैंक मिली।


इस सफलता की कहानी और भी खास इसलिए है क्योंकि परिवार के दो सदस्य पहले भी RAS में चयनित हो चुके थे, लेकिन बेहतर रैंक पाने के लिए उन्होंने दोबारा परीक्षा दी और इस बार तीनों ने साथ मिलकर इतिहास रच दिया।


गांव के साधारण माहौल में रहकर, बिना बड़े कोचिंग संस्थानों के सहारे, इन भाई-बहनों ने खुद पढ़ाई कर यह मुकाम हासिल किया। पिता एक शिक्षक हैं और मां गृहिणी—परिवार का सहयोग और अनुशासन ही उनकी सबसे बड़ी ताकत बना।


आज झाड़ोली गांव में जश्न का माहौल है। हर कोई इस परिवार की मिसाल दे रहा है। यह सफलता सिर्फ एक उपलब्धि नहीं, बल्कि उन युवाओं के लिए प्रेरणा है जो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े सपने देखने की हिम्मत रखते हैं।