बक्सर के ऐतिहासिक चरित्रवन स्थित महर्षि विश्वामित्र महाविद्यालय मंगलवार को युवा ऊर्जा, संवाद और भविष्य की नई संभावनाओं का केंद्र बना रहा। कॉलेज परिसर में आयोजित “बदलते वैश्विक परिवेश में युवा वर्ग की महत्वाकांक्षा पर संगोष्ठी सह प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता एवं पुरस्कार वितरण समारोह” में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं, शिक्षक और शिक्षाविद शामिल हुए। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि बक्सर सांसद सुधाकर सिंह रहे, जिन्होंने मंच से युवाओं को बदलती दुनिया की चुनौतियों और अवसरों के प्रति जागरूक किया।
महाविद्यालय प्रशासन के अनुसार यह कार्यक्रम ऐसे समय में आयोजित किया गया, जब रोजगार, तकनीक, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, स्टार्टअप और वैश्विक प्रतिस्पर्धा के दौर में युवाओं के सामने अवसर भी बढ़े हैं और चुनौतियां भी। कॉलेज की आधिकारिक गतिविधियों में भी इस दो दिवसीय शैक्षणिक आयोजन का उल्लेख किया गया है।
कार्यक्रम में पहुंचते ही सांसद सुधाकर सिंह का स्वागत शिक्षकों और विद्यार्थियों ने किया। इसके बाद उन्होंने प्रतिभाशाली छात्रों को सम्मानित किया और कहा कि आज का दौर केवल पारंपरिक शिक्षा तक सीमित नहीं है। अब दुनिया तेजी से बदल रही है और युवा वर्ग को उसी गति से खुद को तैयार करना होगा।

अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि आज का भारतीय युवा सिर्फ देश की सीमाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि वैश्विक मंच पर अपनी पहचान बना रहा है। उन्होंने छात्रों से कहा कि लक्ष्य स्पष्ट रखें, अनुशासन अपनाएं और अपने सपनों को लेकर गंभीर रहें।
सांसद ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य सिर्फ डिग्री हासिल करना नहीं होना चाहिए। अगर शिक्षा व्यक्ति के भीतर सामाजिक चेतना, नेतृत्व क्षमता और राष्ट्र निर्माण की भावना नहीं पैदा करती, तो वह अधूरी है। उन्होंने युवाओं से सामाजिक जिम्मेदारी निभाने की भी अपील की।
कार्यक्रम के दौरान आयोजित प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता ने छात्रों के बीच खास उत्साह पैदा किया। विभिन्न विषयों पर पूछे गए सवालों में छात्रों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। विजेता छात्रों को मंच पर सम्मानित किया गया, जिससे पूरे सभागार में उत्साह का माहौल देखने को मिला।
महाविद्यालय के शिक्षकों ने कहा कि इस तरह के कार्यक्रम छात्रों को किताबों से बाहर निकलकर व्यावहारिक दुनिया को समझने का मौका देते हैं। बदलते वैश्विक माहौल में युवाओं को केवल शैक्षणिक रूप से मजबूत होना काफी नहीं है, बल्कि उन्हें तकनीकी कौशल, संचार क्षमता और नेतृत्व गुण भी विकसित करने होंगे।
महर्षि विश्वामित्र महाविद्यालय लंबे समय से बक्सर क्षेत्र में उच्च शिक्षा का प्रमुख केंद्र रहा है। कॉलेज की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार संस्थान लगातार सेमिनार, कौशल विकास कार्यक्रम और छात्र गतिविधियों का आयोजन करता रहा है, ताकि ग्रामीण और अर्धशहरी पृष्ठभूमि के छात्रों को बेहतर अवसर मिल सकें।
इस आयोजन ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि छोटे शहरों के युवा अब सीमित सोच के दायरे में नहीं रहना चाहते। बक्सर जैसे शहरों से निकलकर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाने की महत्वाकांक्षा अब नई पीढ़ी की सोच बन चुकी है।
कार्यक्रम खत्म हुआ, लेकिन मंच से निकला संदेश लंबे समय तक छात्रों के बीच चर्चा का विषय बना रहा— डिग्री जरूरी है, लेकिन उससे ज्यादा जरूरी है दिशा।
