कैफे, रेलवे स्टेशन, एयरपोर्ट और मॉल जैसे पब्लिक प्लेस पर मिलने वाला फ्री Wi-Fi अब लोगों के लिए खतरा बनता जा रहा है। देश के कई शहरों में ऐसे मामले सामने आए हैं, जहां पब्लिक Wi-Fi का इस्तेमाल करते ही लोगों का निजी डेटा चोरी हो गया। हैकर्स नकली नेटवर्क बनाकर यूज़र्स को फंसाते हैं और उनकी जानकारी चुरा लेते हैं। विशेषज्ञों ने इसे गंभीर साइबर खतरा बताते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।

साल 2024 और 2025 के दौरान दिल्ली, मुंबई, हैदराबाद और बेंगलुरु जैसे बड़े शहरों में पब्लिक Wi-Fi से जुड़े साइबर अपराध के कई मामले दर्ज किए गए। इन घटनाओं में हैकर्स ने भीड़भाड़ वाले इलाकों को निशाना बनाया, जहां लोग जल्दी में बिना जांचे-परखे किसी भी Wi-Fi नेटवर्क से कनेक्ट हो जाते हैं।

दिल्ली में 2025 के दौरान साउथ दिल्ली के एक कैफे में नकली “Free Cafe Wi-Fi” नेटवर्क बनाकर कई लोगों को शिकार बनाया गया। जैसे ही लोगों ने इस नेटवर्क से लॉगिन किया, उनके ईमेल और सोशल मीडिया अकाउंट्स की जानकारी हैकर्स तक पहुंच गई। बाद में साइबर पुलिस ने जांच के दौरान इस गिरोह का पर्दाफाश किया।

मुंबई एयरपोर्ट पर 2024 में कुछ यात्रियों ने शिकायत की कि Wi-Fi इस्तेमाल करने के बाद उनके बैंक अकाउंट से पैसे कट गए। जांच में सामने आया कि हैकर्स ने फर्जी Wi-Fi नेटवर्क के जरिए लोगों की बैंकिंग डिटेल्स हासिल कर ली थीं। इसी तरह हैदराबाद में 2025 में साइबर क्राइम पुलिस ने एक गैंग को पकड़ा, जो रेलवे स्टेशन और अन्य पब्लिक प्लेस पर नकली Wi-Fi चलाकर लोगों के WhatsApp और Instagram अकाउंट हैक कर रहा था।

बेंगलुरु में भी 2024 के दौरान कई IT प्रोफेशनल्स इस तरह की ठगी का शिकार हुए। पब्लिक Wi-Fi का इस्तेमाल करते समय उनके ऑफिस ईमेल और पासवर्ड चोरी कर लिए गए, जिससे उनकी निजी और पेशेवर जानकारी खतरे में पड़ गई।

इन घटनाओं में ज्यादातर आम लोग, छात्र, नौकरीपेशा लोग और यात्री शामिल रहे। कई पीड़ितों को तब पता चला जब उनके अकाउंट से पैसे गायब हो गए या सोशल मीडिया पर अनजान गतिविधियां दिखने लगीं। साइबर एक्सपर्ट्स के मुताबिक, हैकर्स “मैन-इन-द-मिडल” अटैक जैसी तकनीक का इस्तेमाल करते हैं, जिसमें वे यूज़र और इंटरनेट के बीच में आकर सारी जानकारी चुरा लेते हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि कुछ सावधानियां अपनाकर इस खतरे से बचा जा सकता है। हमेशा भरोसेमंद और आधिकारिक Wi-Fi नेटवर्क का ही इस्तेमाल करें और बिना पासवर्ड वाले नेटवर्क से बचें। पब्लिक Wi-Fi पर बैंकिंग या ऑनलाइन पेमेंट से जुड़े काम न करें। VPN का इस्तेमाल करने से डेटा सुरक्षित रहता है। साथ ही, मोबाइल और लैपटॉप को अपडेट रखें और टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन चालू करें।

आज के समय में डेटा सबसे कीमती संपत्ति बन चुका है। ऐसे में थोड़ी सी लापरवाही बड़ा नुकसान पहुंचा सकती है। इसलिए जब भी आप किसी पब्लिक प्लेस पर Wi-Fi का इस्तेमाल करें, तो सतर्क रहें और अपनी निजी जानकारी को सुरक्षित रखने के लिए जरूरी कदम जरूर उठाएं।