अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर योगाभ्यास में शामिल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी।Source : THE HINDU
उमर फ़ारूक़:
कोलकाता: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार (21 जून 2026) को कहा कि योग लोगों को जोड़ने और एक साथ लाने का काम करता है तथा आज यह दुनिया का सबसे बड़ा सामुदायिक उत्सव बन चुका है। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर कोलकाता के रेड रोड पर आयोजित कार्यक्रम में शामिल होते हुए उन्होंने यह बात कही।
प्रधानमंत्री मोदी ने करीब 35 हजार लोगों के साथ सामूहिक योग किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि 21 जून वर्ष के सबसे लंबे दिनों में से एक होता है और अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के कारण यह दिन दुनिया के सबसे बड़े सामूहिक उत्सव का प्रतीक भी बन गया है।
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने रामकृष्ण परमहंस, स्वामी विवेकानंद, महर्षि अरविंद और लाहिड़ी महाशय का उल्लेख करते हुए कहा कि इन महान विभूतियों ने योग की परंपरा को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है।
उन्होंने कहा कि जुड़ाव की भावना ही योग का मूल है। आज पूरा देश और पूरी दुनिया एक-दूसरे से जुड़ी हुई दिखाई देती है और यही योग की असली शक्ति है।
प्रधानमंत्री मोदी ने याद दिलाया कि सितंबर 2014 में उन्होंने संयुक्त राष्ट्र में 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मनाने का प्रस्ताव रखा था। इसके बाद 11 दिसंबर 2014 को संयुक्त राष्ट्र ने 193 सदस्य देशों और 173 सह-प्रायोजकों के समर्थन से 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस घोषित किया। तभी से पूरी दुनिया में हर साल योग दिवस मनाया जाता है।
कोलकाता में आयोजित योग कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री लोगों से बातचीत करते हुए भी नजर आए। उन्होंने कुछ प्रतिभागियों के योग आसनों को भी सही करने में मदद की।
इस वर्ष अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की थीम "स्वस्थ वृद्धावस्था के लिए योग" (Yoga for Healthy Ageing) रखी गई थी। इस विषय का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि योग शारीरिक स्वास्थ्य, मानसिक संतुलन और बढ़ती उम्र में सक्रिय जीवन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इससे जीवन की गुणवत्ता बेहतर होती है।
योग के लाभों पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि योग हमें अपने शरीर और मन को बेहतर ढंग से समझने की सीख देता है। उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य ऐसा होना चाहिए कि 40 वर्ष की उम्र में हम 20 वर्ष की उम्र से अधिक लचीले हों और 50 वर्ष की उम्र में 30 वर्ष की उम्र से अधिक ऊर्जावान महसूस करें। योग शरीर को लचीला बनाता है और ऊर्जा के स्तर को बनाए रखने में मदद करता है।
प्रधानमंत्री मोदी ने लोगों से अपील की कि योग को केवल किसी विशेष दिन या कार्यक्रम तक सीमित नहीं रखना चाहिए। इसे अपने दैनिक जीवन, परिवार और आने वाली पीढ़ियों का हिस्सा बनाना चाहिए।
उन्होंने कहा, "आइए हम संकल्प लें कि योग को सिर्फ एक दिन या एक कार्यक्रम तक सीमित नहीं रखेंगे। इसे अपने जीवन और अपने परिवार की दिनचर्या का हिस्सा बनाएंगे।"
कोलकाता में पहली बार अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का आयोजन इतने बड़े स्तर पर किया गया। कार्यक्रम में पश्चिम बंगाल के नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी सहित कई भाजपा नेता और मंत्री भी मौजूद रहे। पिछले कई दिनों से योग दिवस के आयोजन स्थल और कोलकाता के नदी किनारे वाले क्षेत्रों को विशेष रूप से सजाया गया था। शहर के विभिन्न हिस्सों में बड़ी स्क्रीन लगाकर कार्यक्रम का सीधा प्रसारण भी दिखाया गया।
कार्यक्रम के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया पर कोलकाता के लोगों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने लिखा कि इस वर्ष के अंतरराष्ट्रीय योग दिवस कार्यक्रम की मेजबानी के लिए कोलकाता के लोगों का वह हृदय से धन्यवाद करते हैं। उन्होंने शहर में चलाए गए स्वच्छता अभियान की भी सराहना करते हुए उसे प्रेरणादायक बताया।
