दय्यान खान

हर साल 25 अप्रैल को World Malaria Day मनाया जाता है, जिसका उद्देश्य लोगों को Malaria के प्रति जागरूक करना और इसके लक्षणों की पहचान के बारे में जानकारी देना है। डॉक्टरों का कहना है कि लोग अक्सर हल्का बुखार, ठंड लगना या कमजोरी को बदलते मौसम का असर समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, जबकि यही मलेरिया के शुरुआती संकेत हो सकते हैं। समय पर पहचान न होने पर यह बीमारी गंभीर रूप भी ले सकती है।

मलेरिया क्या है?

Malaria एक गंभीर संक्रामक बीमारी है, जो संक्रमित मादा Anopheles mosquito के काटने से फैलती है। इस बीमारी में तेज बुखार, ठंड लगना, सिरदर्द, शरीर दर्द और कमजोरी जैसे लक्षण दिखाई देते हैं। हालांकि कई बार इसकी शुरुआत बेहद सामान्य लगने वाले संकेतों से होती है, जिससे लोग इसे साधारण बुखार समझने की भूल कर बैठते हैं।

ये तो सिर्फ हल्का बुखार है...

मलेरिया के गंभीर होने की सबसे बड़ी वजह इसके शुरुआती लक्षणों को गलत समझ लेना माना जाता है। अक्सर लोग हल्के बुखार और कंपकंपी को मामूली वायरल समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। डॉक्टरों के अनुसार मलेरिया में बुखार सामान्य बुखार की तरह स्थिर नहीं रहता, बल्कि एक लय में आता-जाता रहता है। यही बात इसे दूसरे बुखारों से अलग बनाती है। लगातार थकान, कमजोरी और बार-बार बुखार लौटना ऐसे संकेत हैं जिन्हें हल्के में नहीं लेना चाहिए।

शरीर में कुछ असामान्य महसूस होना

विशेषज्ञों का कहना है कि मलेरिया के शुरुआती लक्षण कई बार मामूली लगते हैं, लेकिन शरीर कुछ असामान्य संकेत जरूर देता है। हाथ-पैर और पीठ में दर्द, हल्के काम में भी थकान, भूख कम लगना, मितली, पेट दर्द और कमजोरी जैसे लक्षण इस बीमारी की ओर इशारा कर सकते हैं। कई मामलों में आंखों में पीलापन और गहरे रंग का पेशाब भी देखने को मिलता है, लेकिन लोग अक्सर इन्हें दूसरी सामान्य परेशानियां समझ लेते हैं।

एक ऐसा मौसम जिसमें जागरूकता की आवश्यकता है

विशेषज्ञों के मुताबिक भारत में Malaria के मामलों में कमी जरूर आई है, लेकिन मौसमी उछाल अब भी चुनौती बना हुआ है। ऐसे में मच्छरों से बचाव के उपाय अपनाने के साथ-साथ लक्षणों की पहचान भी बेहद जरूरी है। मच्छर भगाने वाली दवा, पूरी बाजू के कपड़े और साफ-सफाई जरूरी हैं, लेकिन समय पर बीमारी को पहचानना सबसे अहम माना जाता है।

World Malaria Day के मौके पर स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों से अपील की है कि अगर हल्का बुखार बार-बार आए या शरीर में असामान्य कमजोरी महसूस हो, तो इसे नजरअंदाज न करें और तुरंत जांच कराएं। समय पर पहचान और इलाज ही इस बीमारी से बचाव का सबसे कारगर तरीका है।