दय्यान खान

ओटीटी एक्ट्रेस और इंटीमेसी कॉर्डिनेटर नेहल वडोलिया ने इंटीमेट सीन्स की शूटिंग को लेकर कई अहम खुलासे किए हैं। उन्होंने बताया कि ऐसे सीन्स बिना तैयारी के शूट नहीं होते, बल्कि इसके लिए एक तय प्रक्रिया अपनाई जाती है, जिसमें एक्टर्स की सहमति, सुरक्षा और कंफर्ट सबसे अहम होता है।

नेहल के मुताबिक, इंटीमेसी कॉर्डिनेटर सिर्फ एक्टर्स को सहज महसूस कराने का काम नहीं करता, बल्कि डायरेक्टर और कलाकारों के बीच एक प्रोफेशनल कोऑर्डिनेशन भी बनाए रखता है। इंटीमेट सीन से पहले स्क्रिप्ट पर चर्चा होती है, सीमाएं तय की जाती हैं और यह भी स्पष्ट होता है कि कितना एक्सपोजर और कितनी इंटीमेसी दिखाई जाएगी।

इंटीमेसी कॉर्डिनेटर की क्या होती है भूमिका?

नेहल ने बताया कि कई बार कलाकार डायरेक्टर के सामने अपनी झिझक खुलकर नहीं रख पाते, लेकिन इंटीमेसी कॉर्डिनेटर से अपनी शर्तें और कंफर्ट ज़ोन साझा कर लेते हैं। अंडरगारमेंट्स, कॉस्ट्यूम, कैमरा एंगल और सीन ब्लॉकिंग जैसी चीजें भी इसी प्रक्रिया का हिस्सा होती हैं।

पहले परफॉर्म करके समझाया जाता है सीन

नेहल के अनुसार, कई मामलों में इंटीमेसी कॉर्डिनेटर पहले खुद सीन की मूवमेंट समझाता है, ताकि एक्टर्स को शूट के दौरान असहजता न हो। उन्होंने कहा कि एक्टर्स अपनी मर्जी से सीन नहीं बदल सकते, उन्हें कॉन्ट्रैक्ट और चैनल गाइडलाइंस के मुताबिक काम करना होता है।

कितनी होती है फीस?

नेहल ने बताया कि एक इंटीमेसी कॉर्डिनेटर की फीस 50 हजार से 1 लाख रुपये प्रति प्रोजेक्ट तक हो सकती है। सेट पर उनकी मौजूदगी से समय भी बचता है और प्रोडक्शन कॉस्ट भी कंट्रोल में रहती है।

किसिंग सीन्स के लिए भी हैं नियम

नेहल ने खुलासा किया कि किसिंग सीन्स भी नियमों के तहत शूट होते हैं। कई बार ‘चीट किस’ का इस्तेमाल किया जाता है, जिसमें कैमरा एंगल से सीन बनाया जाता है। इसके अलावा कलाकारों को हाइजीन, माउथ फ्रेशनर और सीमाओं का ध्यान रखना होता है।

अनुचित डिमांड्स को लेकर भी किया खुलासा

इंटरव्यू में नेहल ने यह भी कहा कि बतौर इंटीमेसी कॉर्डिनेटर उन्हें कुछ अनुचित टिप्पणियों और निजी प्रस्तावों का सामना करना पड़ा। उन्होंने कहा कि इंडस्ट्री में प्रोफेशनल सीमाओं का सम्मान जरूरी है