भारतीय क्रिकेट के सबसे होनहार युवा खिलाड़ी वैभव सूर्यवंशी को लेकर इन दिनों सोशल मीडिया से लेकर क्रिकेट के गलियारों तक बहस छिड़ी है। 15 साल के इस लड़के ने जिस तरह अपनी बल्लेबाजी से सबको अपना दीवाना बनाया है, उसे लगातार टीम से बाहर देखना किसी के गले नहीं उतर रहा। आयरलैंड सीरीज के बाद इंग्लैंड के खिलाफ पहले टी20 मैच में भी जब वैभव को मौका नहीं मिला, तो पूर्व कोच रवि शास्त्री ने अपनी चुप्पी तोड़ दी और लाइव टीवी पर टीम मैनेजमेंट को जमकर आड़े हाथों लिया।
"क्या वैभव सिर्फ बेंच गरम करने के लिए हैं?"
सोनी स्पोर्ट्स के शो पर रवि शास्त्री का पारा काफी हाई दिखा। उन्होंने बिना किसी लाग-लपेट के कहा कि वैभव को तो आयरलैंड के खिलाफ ही डेब्यू करा देना चाहिए था। शास्त्री का कहना था कि वहां के छोटे मैदान और पिचें इस युवा बल्लेबाज के लिए एकदम सही मौका थे, लेकिन मैनेजमेंट ने बिना वजह उन्हें बाहर रखा। शास्त्री ने साफ लहजे में कहा कि जब कोई खिलाड़ी शानदार फॉर्म में हो, तो उसे प्लेइंग इलेवन से बाहर रखकर उसका आत्मविश्वास कम करना कहीं से भी सही नहीं है।
"वैभव हैं टीम का 'एक्स-फैक्टर'"
शास्त्री ने वैभव को भारतीय टीम का असली 'एक्स-फैक्टर' बताया। उन्होंने कहा, "15 साल की उम्र में जो परिपक्वता और बिना किसी खौफ के वैभव बल्लेबाजी करते हैं, वो मैंने बहुत कम देखी है।" उन्होंने आईपीएल 2026 में वैभव द्वारा बनाए गए 776 रनों का जिक्र करते हुए कहा कि जब यह लड़का दुनिया के बड़े-बड़े गेंदबाजों की धज्जियां उड़ा चुका है, तो उसे बाहर बैठाकर आप किसका भला कर रहे हैं? शास्त्री के मुताबिक, अगर पावरप्ले में वैभव जैसा खिलाड़ी खेल जाए, तो विपक्षी टीम के पास मैच में वापसी का कोई मौका नहीं बचता।
क्या अब बदलेगी रणनीति?
वैभव का रिकॉर्ड बोलता है—अंडर-19 वर्ल्ड कप से लेकर आईपीएल तक, उन्होंने हर जगह खुद को साबित किया है। ऐसे में उन्हें प्लेइंग इलेवन में न देखना न केवल फैंस को खल रहा है, बल्कि क्रिकेट के दिग्गजों को भी हैरान कर रहा है। रवि शास्त्री के इस तीखे बयान ने अब टीम मैनेजमेंट की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
अब सबकी नजरें अगले मैच पर टिकी हैं। क्या शास्त्री की इस लताड़ के बाद मैनेजमेंट जागेगा और वैभव को मौका देगा, या उन्हें अभी और इंतजार करना होगा? यह तो वक्त ही बताएगा, लेकिन इतना तो तय है कि वैभव जैसा टैलेंट अब ज्यादा दिन तक बाहर नहीं बैठ सकता।
क्या आपको लगता है कि वैभव सूर्यवंशी को अब टीम की प्लेइंग इलेवन में तुरंत जगह मिलनी चाहिए?
