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क्या आपकी सुबह पेट साफ न होने की परेशानी से शुरू होती है? क्या गैस, कब्ज, अपच और पेट में भारीपन जैसी समस्याएं बार-बार आपको परेशान करती हैं? आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में अनियमित खानपान, फास्ट फूड का बढ़ता चलन, घंटों तक एक ही जगह बैठे रहना और बढ़ता मानसिक तनाव पाचन तंत्र पर बुरा असर डाल रहा है। यही वजह है कि कम उम्र में भी लोग पेट से जुड़ी कई समस्याओं का सामना कर रहे हैं। ऐसे में स्वास्थ्य विशेषज्ञ दवाओं के साथ-साथ योग को भी बेहतर विकल्प मानते हैं। आयुष मंत्रालय के अनुसार एक ऐसा सरल योगासन है, जो न केवल पेट की मांसपेशियों को मजबूत बनाने में मदद करता है, बल्कि पाचन क्रिया को बेहतर बनाकर गैस, कब्ज और अपच जैसी समस्याओं से राहत दिलाने में भी सहायक हो सकता है। दिलचस्प बात यह है कि यह आसन मानसिक तनाव को कम करने और शरीर में ऊर्जा बनाए रखने में भी मददगार माना जाता है। आखिर कौन-सा है यह आसान योगासन और इसे करने का सही तरीका क्या है, आइए विस्तार से जानते हैं।

पाचन तंत्र को मजबूत बनाने में मददगार

उत्तानपादासन एक सरल लेकिन प्रभावी योगासन है, जो पेट की मांसपेशियों और पेल्विक फ्लोर को मजबूत बनाने का काम करता है। इस आसन के दौरान दोनों पैरों को ऊपर उठाने से पेट के निचले हिस्से पर हल्का दबाव पड़ता है, जिससे वहां रक्त संचार बेहतर होता है। बेहतर ब्लड सर्कुलेशन पाचन तंत्र की कार्यक्षमता को बढ़ाता है और गैस, कब्ज, अपच, पेट दर्द तथा भोजन के बाद होने वाले भारीपन जैसी समस्याओं से राहत दिलाने में मदद करता है। विशेषज्ञों के अनुसार नियमित अभ्यास करने से आंतों की गतिविधियां बेहतर होती हैं और पेट लंबे समय तक स्वस्थ बना रहता है।

मानसिक तनाव कम कर बढ़ाता है एकाग्रता

उत्तानपादासन केवल शारीरिक स्वास्थ्य तक सीमित नहीं है, बल्कि मानसिक स्वास्थ्य पर भी सकारात्मक प्रभाव डालता है। इस आसन को करते समय नियंत्रित और गहरी सांस लेने से शरीर को पर्याप्त ऑक्सीजन मिलती है, जिससे दिमाग शांत रहता है और तनाव कम होता है। यह नर्वस सिस्टम को रिलैक्स करने में मदद करता है, जिसके कारण चिंता, घबराहट और मानसिक थकान जैसी समस्याओं में राहत मिल सकती है। पढ़ाई करने वाले छात्रों, ऑफिस में लंबे समय तक काम करने वाले कर्मचारियों और तनावपूर्ण जीवनशैली जीने वाले लोगों के लिए यह आसन विशेष रूप से फायदेमंद माना जाता है। नियमित अभ्यास से एकाग्रता और मानसिक संतुलन भी बेहतर हो सकता है।

जानें करने का सही तरीका और जरूरी सावधानियां

उत्तानपादासन करने के लिए सबसे पहले समतल जमीन पर पीठ के बल लेट जाएं और दोनों हाथों को शरीर के पास रखें। अब धीरे-धीरे सांस लेते हुए दोनों पैरों को एक साथ 30 से 45 डिग्री तक ऊपर उठाएं और कुछ सेकंड तक इसी स्थिति में बने रहें। इसके बाद सांस छोड़ते हुए पैरों को धीरे-धीरे वापस जमीन पर ले आएं। इस प्रक्रिया को अपनी क्षमता के अनुसार 3 से 5 बार दोहराया जा सकता है। हालांकि, हाई ब्लड प्रेशर, कमर दर्द, स्लिप डिस्क या रीढ़ की गंभीर समस्या से पीड़ित लोगों को यह आसन विशेषज्ञ की सलाह के बाद ही करना चाहिए। वहीं गर्भवती महिलाओं और हाल ही में पेट की सर्जरी कराने वाले लोगों के लिए भी डॉक्टर की सलाह लेना आवश्यक माना जाता है।