
ओमप्रकाश राजभर और अखिलेश यादव।Source: Chrome
उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर बयानबाजी तेज हो गई है। बलिया में आयोजित बीजेपी के जन संवाद कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (SBSP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी को लेकर बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि 22 जुलाई से शुरू होने वाले मानसून सत्र के बाद सपा में टूट देखने को मिलेगी। इस दौरान उन्होंने सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव पर भी कई तीखे राजनीतिक हमले किए।
बलिया से राजभर का बड़ा राजनीतिक दावा
जन संवाद कार्यक्रम को संबोधित करते हुए ओमप्रकाश राजभर ने कहा कि 22 जुलाई को शुरू होने वाले मानसून सत्र के बाद समाजवादी पार्टी में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। उन्होंने दावा किया कि पार्टी के भीतर ऐसी स्थिति बनेगी, जिससे सपा टूट सकती है।
राजभर ने अपने बयान के समर्थन में कहा कि जिन राजनीतिक दलों ने महिला आरक्षण विधेयक का विरोध किया, समय के साथ वे कमजोर हुए या उनमें टूट देखने को मिली। उन्होंने कांग्रेस, शिवसेना और तृणमूल कांग्रेस का उदाहरण भी दिया।
अखिलेश यादव पर साधा निशाना
अपने संबोधन में राजभर ने अखिलेश यादव पर व्यक्तिगत और राजनीतिक दोनों स्तर पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि लोग उनसे पूछते हैं कि वह अखिलेश यादव पर इतना क्यों बोलते हैं, लेकिन उन्होंने तो हमें तलाक दे दिया, ऐसे में सामने आने पर गुस्सा आना स्वाभाविक है।उन्होंने दावा किया कि उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन में कई नेताओं को तैयार किया है और 2027 के विधानसभा चुनाव के दौरान इसका असर साफ दिखाई देगा।
2027 चुनाव को लेकर भी किया दावा
राजभर ने कहा कि समाजवादी पार्टी और कांग्रेस अब पहले जैसी ताकत नहीं रखतीं। उन्होंने दोनों दलों को "दगे हुए कारतूस" बताते हुए दावा किया कि यदि 2027 के विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी 27 सीटें भी जीत लेती है तो उसे बड़ी उपलब्धि माना जाएगा।
उन्होंने कहा कि एनडीए और उसके सहयोगी दल पूरी मजबूती के साथ चुनाव लड़ेंगे और विपक्ष को कड़ी चुनौती देंगे।
विपक्ष मुझे देखकर घबरा जाता है
अपने संबोधन के दौरान राजभर ने कहा कि जैसे पौराणिक कथाओं में बाली को देखकर विरोधियों की ताकत आधी रह जाती थी, उसी तरह विपक्ष उन्हें देखकर घबरा जाता है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि विपक्ष को देखकर नहीं, बल्कि उन्हें देखकर 100 डिग्री बुखार चढ़ जाता है और उसकी दवा भी उन्हें पता है।
सपा नेताओं पर लगाए गंभीर आरोप
ओमप्रकाश राजभर ने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी के नेता सार्वजनिक मंचों पर बीजेपी का विरोध करते हैं, लेकिन निजी तौर पर अलग रवैया अपनाते हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि पार्टी के कुछ वरिष्ठ नेताओं की ओर से केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखा गया था। हालांकि, इस दावे के समर्थन में उन्होंने कोई दस्तावेज सार्वजनिक नहीं किया।
कार्यशैली को लेकर भी कसा तंज
अपने भाषण के अंत में राजभर ने अखिलेश यादव की कार्यशैली पर भी कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि जब तक अखिलेश यादव प्रेस कॉन्फ्रेंस या सोशल मीडिया में व्यस्त रहते हैं, तब तक वह कई जिलों का दौरा कर चुके होते हैं। उन्होंने कहा कि जनता के बीच रहकर काम करना ही उनकी राजनीति की सबसे बड़ी ताकत है।
