चिराग पासवान (फ़ाइल फोटो)

चिराग पासवान (फ़ाइल फोटो)

लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) ने उत्तर प्रदेश के सियासी दंगल में अपने संगठन का विस्तार करने के लिए एक बहुत बड़ा कदम आगे बढ़ाया है। पार्टी के कद्दावर नेता रामविलास चौहान के जन्मदिन के मौके पर रविवार (5 जुलाई) को राजधानी लखनऊ में एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस जलसे के जरिए पार्टी ने साफ कर दिया कि अब उसका पूरा ध्यान उत्तर प्रदेश की धरती पर पैर जमाने और संगठन को धार देने पर है। कार्यक्रम में खुद केंद्रीय मंत्री और पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान मौजूद रहे, जिसे राजनीतिक पंडित उत्तर प्रदेश की सियासत में उनकी सक्रिय और सीधी एंट्री के तौर पर देख रहे हैं।

यूपी की सभी 403 सीटों पर संगठन तैयार करेगी एलजेपी

पार्टी कार्यकर्ताओं को जोश से भरते हुए चिराग पासवान ने साफ किया कि उनकी पार्टी साल 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखकर राज्य की सभी 403 सीटों पर जमीनी स्तर पर तैयारियां शुरू करेगी। हालांकि, उन्होंने गठबंधन के सस्पेंस पर बोलते हुए कहा कि चुनाव मिलकर लड़ना है या अकेले, इसका आखिरी फैसला संगठन की समीक्षा और राज्य इकाई के प्रस्ताव को देखने के बाद पार्टी का केंद्रीय संसदीय बोर्ड ही लेगा।

भावुक होते हुए चिराग ने कहा कि उत्तर प्रदेश उनके पिता और लोक जनशक्ति पार्टी के संस्थापक स्वर्गीय रामविलास पासवान के दिल के बेहद करीब था। उनके पिता ने हमेशा जाति और मजहब की राजनीति से ऊपर उठकर विकास की बात की, और यही विचारधारा आज भी पार्टी की सबसे बड़ी पूंजी है। उन्होंने यह भी माना कि पिता के जाने के बाद पार्टी कुछ वक्त तक घरेलू और आंतरिक उलझनों में फंसी रही, जिससे संगठन का विस्तार रुक गया था। लेकिन अब पार्टी एक नई ऊर्जा और नई रणनीति के साथ उत्तर प्रदेश में अपनी राजनीतिक जमीन मजबूत करने के अभियान में पूरी तरह जुट गई है।

"लोकतंत्र में जनता के पास जितने विकल्प हों, उतना अच्छा"

उत्तर प्रदेश के सियासी मैदान में बिहार की क्षेत्रीय पार्टियों की बढ़ती दिलचस्पी पर चिराग पासवान ने खुलकर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की असली खूबसूरती यही है कि जनता की अदालत में जितने ज्यादा विकल्प होंगे, लोकतंत्र उतना ही मजबूत होगा। यूपी की जनता खुद फैसला करेगी कि उसे किस पर भरोसा जताना है, और हर दल को अपनी बात अवाम के सामने रखने का पूरा हक है।

जब उनसे सभी 403 सीटों पर चुनाव लड़ने की संभावना के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि किसी भी गंभीर राजनीतिक दल को सिर्फ चुनिंदा सीटों पर नहीं, बल्कि हर विधानसभा क्षेत्र में अपनी उपस्थिति रखनी चाहिए। एलजेपी सभी सीटों पर संगठन को इतना मजबूत कर देगी कि अगर भविष्य में गठबंधन होता है, तो जिन सीटों पर उनके सहयोगी दल भी लड़ेंगे, वहां एलजेपी का कैडर उनकी जीत की सबसे बड़ी ताकत बनेगा।

गठबंधन के सवाल पर उन्होंने याद दिलाया कि बिहार और झारखंड में पार्टी ने मिलकर चुनाव लड़ा, जबकि नागालैंड में अकेले दम पर उतरकर दो विधायक जिताए। यूपी में पहले जिलों का दौरा होगा, संगठन की समीक्षा की जाएगी और जनता का मूड समझा जाएगा, जिसके बाद ही संसदीय बोर्ड कोई अंतिम फैसला लेगा।

सुहेलदेव पासी, एनकाउंटर नीति और बांकीपुर उपचुनाव पर रखी बेबाक राय

सुलगते राजनीतिक मुद्दों पर बात करते हुए चिराग पासवान ने महाराजा सुहेलदेव पासी को लेकर चल रही बयानबाजी पर कहा कि किसी भी महापुरुष को राजनीति का अखाड़ा नहीं बनाया जाना चाहिए। महापुरुषों के नाम पर वोट मांगने के बजाय उनके विचारों को जीवन में उतारना ज्यादा जरूरी है। उन्होंने कहा कि जिस समाज से वह खुद आते हैं, वहां महाराजा सुहेलदेव पासी का बेहद खास स्थान है, इसलिए उन्हें लेकर कोई विवाद नहीं होना चाहिए।

भरत तिवारी एनकाउंटर और उत्तर प्रदेश सरकार की एनकाउंटर नीति पर उठ रहे सवालों का जवाब देते हुए चिराग ने कहा कि समाज में खौफ पैदा करने वाले अपराधियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई बेहद जरूरी है और उन्हें किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाना चाहिए। हालांकि, उन्होंने एक संवेदनशील पहलू जोड़ते हुए कहा कि अगर एनकाउंटर की आड़ में किसी भी बेगुनाह के साथ अन्याय होता है, तो उसे कभी सही नहीं ठहराया जा सकता। कानून का खौफ सिर्फ अपराधियों में होना चाहिए, जबकि निर्दोषों को सुरक्षा देना सरकार का पहला फर्ज है।

बिहार के बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में प्रशांत किशोर के चुनाव लड़ने की चर्चाओं पर चिराग ने कहा कि चुनाव लड़ना पूरी तरह से उनका निजी फैसला है। हालांकि, बांकीपुर हमेशा से एनडीए (NDA) की पारंपरिक और मजबूत सीट रही है, जहां भारतीय जनता पार्टी लगातार जीतती आई है। उन्होंने पूरा भरोसा जताया कि इस बार भी इस सीट पर एनडीए का ही परचम लहराएगा।

आखिर में, अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी के मामले पर चिराग पासवान ने गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि यह देश-दुनिया के करोड़ों रामभक्तों की आस्था से जुड़ा बेहद संवेदनशील मामला है। उन्हें उम्मीद है कि केंद्र और राज्य सरकार इस पर पूरी निष्पक्षता से जांच कराएगी और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसे सख्त सजा मिलेगी। श्रद्धालुओं की आस्था के साथ किसी भी तरह का खिलवाड़ कतई बर्दाश्त नहीं किया जाना चाहिए।