दिल्ली दंगों के आरोपी और करीब छह साल से जेल में बंद उमर खालिद को लेकर कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने केंद्र सरकार पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि अगर सरकार का दावा है कि उमर खालिद आतंकवाद जैसी गंभीर गतिविधियों में शामिल रहे हैं, तो इसे अदालत में साबित किया जाना चाहिए। थरूर का कहना है कि किसी भी नागरिक को निष्पक्ष सुनवाई का अधिकार है और मुकदमा शुरू हुए बिना वर्षों तक जेल में रखना चिंता का विषय है।
शशि थरूर ने क्या कहा?
शशि थरूर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि अगर उमर खालिद दोषी हैं तो उन्हें अदालत में अपना पक्ष रखने का मौका मिलना चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि जब आरोप इतने गंभीर हैं तो मुकदमे की प्रक्रिया में इतनी देरी क्यों हो रही है। उनके मुताबिक, न्याय तभी माना जाता है जब आरोपों पर समय पर सुनवाई हो और अदालत फैसला सुनाए।
जेल से उमर खालिद ने क्या कहा?
सितंबर 2020 में गिरफ्तारी के बाद उमर खालिद ने हाल ही में अपना पहला इंटरव्यू दिया। उन्होंने कहा कि जेल में सबसे मुश्किल समय शाम का होता है, क्योंकि उसी वक्त यह एहसास होता है कि जिंदगी का एक और दिन कैद में गुजर गया।
उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में उन्हें लगातार आतंकवादी और देशविरोधी बताकर पेश किया गया, जिससे लोगों के बीच उनकी पहचान उसी छवि तक सीमित हो गई। उनके मुताबिक, जब किसी इंसान को सिर्फ आरोपों के आधार पर देखा जाने लगे, तो मानसिक रूप से खुद को संभालना आसान नहीं होता।
उमर खालिद ने यह भी दावा किया कि जेल में कुछ कैदी उन्हें आतंकवादी कहकर पुकारते हैं। उनका कहना है कि लंबे समय तक जेल में रहने और बार-बार जमानत न मिलने से उनके मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर असर पड़ा है।
मामला क्या है?
दिल्ली पुलिस ने सितंबर 2020 में उमर खालिद को उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों की कथित साजिश के आरोप में गिरफ्तार किया था। उनके खिलाफ UAPA समेत कई गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया। पुलिस का आरोप है कि वह दंगों की साजिश में शामिल प्रमुख आरोपियों में से एक थे।
हालांकि, उमर खालिद इन सभी आरोपों से लगातार इनकार करते रहे हैं। उन्हें अब तक नियमित जमानत नहीं मिली है और मामला अभी अदालत में विचाराधीन है।
सरकार का पक्ष
केंद्र सरकार और भाजपा का कहना है कि मामले की जांच कानून के तहत स्वतंत्र रूप से चल रही है। सरकार ने राजनीतिक प्रतिशोध के आरोपों को खारिज किया है और कहा है कि अंतिम फैसला अदालत ही करेगी।
