ere | Source: erreनई दिल्ली। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी कृत्रिम बुद्धिमत्ता के तेजी से बढ़ते इस्तेमाल और इससे जुड़े संभावित खतरों को लेकर अमेरिका में बहस तेज है। इसी बीच माइक्रोसॉफ्ट के सह-संस्थापक बिल गेट्स ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस रुख पर असहमति जताई है, जिसमें ट्रंप ने एआई विकास को धीमा करने या उस पर कड़े नियंत्रण की कोशिशों को चीन के लिए फायदेमंद बताया था। गेट्स ने कहा कि एआई सुरक्षा को लेकर नियम और निगरानी जरूरी हैं और उनका मानना है कि चीन भी ऐसे नियमों को अपनाने की दिशा में आगे बढ़ सकता है।

ट्रंप ने AI पर नियंत्रण को बताया था ‘धोखा’

ट्रंप ने हाल के बयानों में एआई विकास की रफ्तार धीमी करने के विचार का विरोध किया है। उनका तर्क रहा है कि अगर अमेरिका ने एआई के विकास पर ज्यादा प्रतिबंध लगाए या इसकी गति कम की, तो चीन की कंपनियां इस क्षेत्र में आगे निकल सकती हैं। ट्रंप ने पहले एआई से जुड़े कुछ सुरक्षा चेतावनियों और नियंत्रण की मांगों को ‘धोखा’ बताया था।

उनका रुख मुख्य रूप से अमेरिका की तकनीकी बढ़त और चीन के साथ प्रतिस्पर्धा से जुड़ा है। ट्रंप ने यह भी कहा है कि अमेरिका को एआई के विकास को रोकने वाली नीतियों से बचना चाहिए।

बिल गेट्स बोले- ‘यह बिल्कुल भी धोखा नहीं’

बिल गेट्स ने ट्रंप की इस सोच से अलग राय रखी। उन्होंने कहा कि एआई के संभावित जोखिमों को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। गेट्स ने सीधे राष्ट्रपति ट्रंप से इस विषय पर बातचीत करने की इच्छा भी जताई है।

गेट्स का कहना है कि एआई के क्षेत्र में उनके लंबे अनुभव और इस तकनीक को लेकर उनकी चिंताओं से ट्रंप को इस मुद्दे पर अलग दृष्टिकोण समझने में मदद मिल सकती है। उन्होंने एआई के विकास के साथ सुरक्षा उपायों और निगरानी व्यवस्था को जरूरी बताया है।

AI के लिए कानून और निगरानी की जरूरत पर जोर

गेट्स ने एआई के विकास को पूरी तरह कंपनियों की स्वैच्छिक पहल पर छोड़ने के बजाय सरकारों की भूमिका की वकालत की है। उनका कहना है कि कानून बनाने वालों और सरकार को यह तय करने के लिए चर्चा करनी चाहिए कि शक्तिशाली एआई प्रणालियों के लिए किस तरह की सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी अनिवार्य होनी चाहिए।

यह बहस ऐसे समय में तेज हुई है, जब कई तकनीकी क्षेत्र के प्रमुख लोग उन्नत एआई प्रणालियों के जोखिमों और सुरक्षा मानकों को लेकर सार्वजनिक रूप से चिंता जता रहे हैं। वहीं, दूसरी ओर अमेरिका में एआई के विकास की गति और चीन के साथ तकनीकी प्रतिस्पर्धा को लेकर भी जोर दिया जा रहा है।

चीन भी सुरक्षा नियमों को अपना सकता है- गेट्स

बिल गेट्स के अनुसार यह मान लेना सही नहीं होगा कि अगर अमेरिका एआई सुरक्षा के लिए नियम बनाएगा तो चीन ऐसा नहीं करेगा। उनका तर्क है कि चीन भी एआई से जुड़े सुरक्षा मानकों और निगरानी व्यवस्था को अपनाने में रुचि दिखा सकता है।

गेट्स का मानना है कि अमेरिका को यह सुनिश्चित करने की कोशिश करनी चाहिए कि एआई के विकास के साथ सुरक्षा उपाय भी आगे बढ़ें। इस तरह बहस केवल एआई की रफ्तार कम करने या बढ़ाने तक सीमित नहीं रहती, बल्कि तकनीक के विकास के साथ जोखिमों की निगरानी और सुरक्षा मानकों को लागू करने पर भी केंद्रित हो जाती है।