नई दिल्ली। विदेश की किसी प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय में पढ़ाई करने का सपना देखने वाले विद्यार्थियों के लिए केंद्र सरकार की नेशनल ओवरसीज स्कॉलरशिप महत्वपूर्ण अवसर लेकर आई है। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय की इस योजना के तहत पात्र विद्यार्थियों को विदेश में उच्च शिक्षा हासिल करने के लिए आर्थिक सहायता दी जाती है। सहायता में पढ़ाई की फीस के साथ रहने-खाने, हवाई यात्रा, चिकित्सा बीमा और स्वीकृत अन्य शैक्षणिक खर्च भी शामिल हो सकते हैं।
यह योजना खास तौर पर ऐसे विद्यार्थियों के लिए बनाई गई है, जिनके लिए आर्थिक कारण विदेश में उच्च शिक्षा हासिल करने में बड़ी बाधा बन सकते हैं। हालांकि केवल पात्र समुदाय से संबंधित होना पर्याप्त नहीं है। आवेदक को शैक्षणिक योग्यता, आय, आयु और विदेश में प्रवेश से जुड़ी निर्धारित शर्तें भी पूरी करनी होती हैं।
किन विद्यार्थियों को मिल सकता है योजना का लाभ?
नेशनल ओवरसीज स्कॉलरशिप के तहत कुछ विशेष सामाजिक और आर्थिक समूहों के विद्यार्थियों को विदेश में मास्टर्स तथा पीएचडी स्तर की पढ़ाई के लिए सहायता प्रदान की जाती है। पात्र श्रेणियों में अनुसूचित जाति के विद्यार्थी, विमुक्त एवं घुमंतू तथा अर्ध-घुमंतू जनजातियों से जुड़े विद्यार्थी, भूमिहीन खेतिहर मजदूर और पारंपरिक कारीगर परिवारों से संबंधित विद्यार्थी शामिल हैं।
हालांकि किसी श्रेणी में होना अपने आप छात्रवृत्ति की गारंटी नहीं देता। आवेदन करने वाले विद्यार्थी को योजना में निर्धारित सभी पात्रता मानकों को पूरा करना आवश्यक होता है।
पढ़ाई से लेकर रहने और हवाई यात्रा तक का खर्च
इस योजना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि चयनित विद्यार्थियों को विदेश में पढ़ाई के दौरान कई महत्वपूर्ण खर्चों के लिए आर्थिक सहायता मिल सकती है। इसमें संबंधित विश्वविद्यालय की ट्यूशन फीस, रहने और खाने का खर्च, हवाई यात्रा तथा चिकित्सा बीमा जैसी सुविधाएं शामिल हैं।
इसके अलावा योजना के नियमों के अनुसार आकस्मिक खर्च और स्वीकृत अन्य शैक्षणिक जरूरतों के लिए भी सहायता दी जा सकती है। इस तरह आर्थिक रूप से कमजोर लेकिन प्रतिभाशाली विद्यार्थियों के लिए विदेश में उच्च शिक्षा का रास्ता आसान हो सकता है।
मास्टर्स और पीएचडी के लिए कितने समय तक मिलेगी मदद?
नेशनल ओवरसीज स्कॉलरशिप के तहत मास्टर्स स्तर की पढ़ाई के लिए अधिकतम तीन वर्ष तक और पीएचडी कार्यक्रम के लिए अधिकतम चार वर्ष तक सहायता मिलने का प्रावधान बताया गया है। हालांकि वास्तविक सहायता अवधि और अन्य लाभ संबंधित पाठ्यक्रम तथा योजना के नियमों पर निर्भर करेंगे।
विद्यार्थियों को आवेदन करने से पहले आधिकारिक दिशा-निर्देशों में अपने पाठ्यक्रम, विश्वविद्यालय और सहायता की अवधि से जुड़ी सभी शर्तों की जांच कर लेनी चाहिए।
आवेदन के लिए 60 प्रतिशत अंक की शर्त
योजना के तहत आवेदन करने वाले विद्यार्थियों के लिए शैक्षणिक योग्यता से संबंधित निर्धारित मानदंड पूरे करना जरूरी है। आम तौर पर आवेदक के पास अपनी पिछली निर्धारित योग्यता में कम से कम 60 प्रतिशत अंक या उसके समकक्ष ग्रेड होना चाहिए।
मास्टर्स कार्यक्रम के लिए आवेदन करने वाले विद्यार्थी के पास संबंधित विषय में आवश्यक स्नातक डिग्री और पीएचडी के लिए आवेदन करने वाले विद्यार्थी के पास निर्धारित मास्टर डिग्री या समकक्ष योग्यता होना आवश्यक है।
परिवार की सालाना आय कितनी होनी चाहिए?
इस छात्रवृत्ति के लिए आर्थिक पात्रता भी महत्वपूर्ण है। योजना के तहत सभी स्रोतों से आवेदक के परिवार की वार्षिक आय निर्धारित सीमा के भीतर होनी चाहिए। दी गई जानकारी के अनुसार यह सीमा आठ लाख रुपये सालाना है।
आय प्रमाण से संबंधित दस्तावेजों और अन्य श्रेणीगत प्रमाणपत्रों की जांच भी आवेदन प्रक्रिया के दौरान की जा सकती है। इसलिए आवेदन करने से पहले सभी दस्तावेजों को तैयार रखना जरूरी है।
उम्र की सीमा भी तय
नेशनल ओवरसीज स्कॉलरशिप के लिए आयु सीमा भी निर्धारित है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार आवेदन के समय विद्यार्थी की उम्र 35 वर्ष से अधिक नहीं होनी चाहिए। इसके अलावा संबंधित पाठ्यक्रम और योजना के नियमों के अनुसार अन्य पात्रता शर्तें भी लागू हो सकती हैं।
इसलिए आवेदन करने से पहले केवल आयु और अंक की शर्त देखकर आवेदन न करें, बल्कि आधिकारिक अधिसूचना में दी गई सभी पात्रताओं को ध्यान से पढ़ें।
आवेदन कैसे करना होगा?
नेशनल ओवरसीज स्कॉलरशिप के लिए आवेदन ऑनलाइन प्रक्रिया के माध्यम से किया जाता है। इच्छुक विद्यार्थियों को संबंधित आधिकारिक छात्रवृत्ति पोर्टल पर पंजीकरण कर अपनी व्यक्तिगत, शैक्षणिक और आर्थिक जानकारी दर्ज करनी होती है।
आवेदन के दौरान विदेश स्थित विश्वविद्यालय, प्रवेश और पाठ्यक्रम से संबंधित जानकारी जहां आवश्यक हो, वहां उपलब्ध करानी पड़ सकती है। इसके साथ पात्रता साबित करने वाले जरूरी दस्तावेज भी अपलोड करने होते हैं।
आवेदन जमा करने से पहले इन बातों का रखें ध्यान
ऑनलाइन आवेदन भरते समय नाम, जन्मतिथि, शैक्षणिक योग्यता, आय और अन्य व्यक्तिगत विवरण दस्तावेजों के अनुसार ही दर्ज करें। किसी भी जानकारी में गलती होने पर आगे की प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है।
आवेदन अंतिम रूप से जमा करने से पहले पूरे फॉर्म को दोबारा जांचना जरूरी है। आवेदन जमा होने के बाद उसकी पावती या स्वीकृति विवरण को सुरक्षित रख लेना चाहिए, ताकि भविष्य में आवेदन की स्थिति जांचने में परेशानी न हो।
नेशनल ओवरसीज स्कॉलरशिप आर्थिक रूप से पात्र विद्यार्थियों को विदेश में उच्च शिक्षा हासिल करने का महत्वपूर्ण अवसर देती है। हालांकि आवेदन करने से पहले योजना की नवीनतम आधिकारिक अधिसूचना में पात्रता, आय सीमा, दस्तावेज, पाठ्यक्रम और आवेदन की अंतिम तिथि की पुष्टि करना सबसे जरूरी है।
