कभी-कभी एक सामान्य दिन भी जिंदगी का आखिरी सफर बन जाता है। सुपौल जिले के पिपरा थाना क्षेत्र में ऐसा ही दर्दनाक हादसा सामने आया, जहां अपनी सास के साथ वृद्धावस्था पेंशन की राशि निकालने बैंक जा रहे एक मजदूर की तेज रफ्तार पिकअप वाहन की चपेट में आने से मौके पर ही मौत हो गई। परिवार की रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करने के लिए मेहनत-मजदूरी करने वाले निसार अहमद के घर से निकले कदम वापस नहीं लौटे। इस हादसे ने एक परिवार से उसका सहारा छीन लिया और इलाके में सड़क सुरक्षा को लेकर फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए।अस्पताल में मौजूद परिजन

अस्पताल में मौजूद परिजन

पेंशन लेने निकले थे, रास्ते में खत्म हो गया सफर

घटना सुपौल जिले के पिपरा थाना क्षेत्र अंतर्गत ठारही पंचायत के हरिहर पट्टी वार्ड संख्या-4 की है। 47 वर्षीय निसार अहमद अपनी सास के साथ पिपरा बाजार स्थित बैंक वृद्धावस्था पेंशन की राशि निकलवाने जा रहे थे। जब वे मधेपुरा रोड स्थित ग्रामीण बैंक के समीप पहुंचे, तभी तेज रफ्तार और अनियंत्रित पिकअप वाहन ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि निसार अहमद ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, वाहन की रफ्तार काफी तेज थी और चालक नियंत्रण खो बैठा, जिसके कारण यह दर्दनाक हादसा हुआ।

ग्रामीणों की सतर्कता से पकड़ा गया वाहन, पुलिस ने किया जब्त

दुर्घटना के तुरंत बाद स्थानीय लोगों ने भागने की कोशिश कर रहे पिकअप वाहन को घेर लिया और इसकी सूचना पुलिस को दी। सूचना मिलते ही पिपरा थाना अध्यक्ष किशोर कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने दुर्घटना में शामिल पिकअप वाहन (BR-34GA-9809) को जब्त कर लिया और मामले की जांच शुरू कर दी। घटनास्थल का निरीक्षण कर आवश्यक साक्ष्य जुटाए गए तथा शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। पुलिस का कहना है कि प्रारंभिक जांच में तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाना हादसे की मुख्य वजह प्रतीत हो रही है।

परिवार से छिन गया कमाने वाला हाथ, घर में पसरा मातम

निसार अहमद मेहनत-मजदूरी कर अपने परिवार का पालन-पोषण करते थे। उनके निधन के बाद परिवार पर आर्थिक और भावनात्मक संकट एक साथ टूट पड़ा है। वह अपने पीछे एक पुत्र मोहम्मद इरशाद तथा दो पुत्रियां रवीना खातून और मरियम खातून को छोड़ गए हैं। घटना की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, जबकि आसपास के ग्रामीण और रिश्तेदार उन्हें ढांढस बंधाने के लिए घर पहुंच रहे हैं। जिस सफर की शुरुआत परिवार की जरूरत पूरी करने के लिए हुई थी, वही उनके जीवन का अंतिम सफर बन गया।

तेज रफ्तार फिर बनी जानलेवा, पुलिस ने कार्रवाई का भरोसा दिलाया

सुपौल सहित बिहार के कई जिलों में तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाने की वजह से सड़क हादसों के मामले लगातार सामने आते रहे हैं। यह घटना भी सड़क सुरक्षा व्यवस्था और यातायात नियमों के पालन पर गंभीर सवाल खड़े करती है। पिपरा थानाध्यक्ष किशोर कुमार ने बताया कि दुर्घटना में शामिल वाहन जब्त कर लिया गया है और मामले में विधिसम्मत कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि जांच पूरी होने के बाद संबंधित धाराओं के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी तथा पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए हर आवश्यक कदम उठाया जाएगा। सड़क हादसों की बढ़ती घटनाएं यह भी संकेत देती हैं कि तेज रफ्तार पर प्रभावी नियंत्रण और यातायात नियमों का सख्ती से पालन अब समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बन चुका है।