erer | Source: ererनई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में रविवार को पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव की प्रेस कॉन्फ्रेंस उस समय अचानक हंगामे में बदल गई, जब उनके अनुसार एक व्यक्ति चाकू लेकर उन पर हमला करने की नीयत से पहुंच गया। घटना के बाद वहां मौजूद समर्थकों ने तत्काल संदिग्ध को पकड़ लिया और उसे दिल्ली पुलिस के हवाले कर दिया। इस घटनाक्रम के बाद पूरे कार्यक्रम में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

पप्पू यादव का दावा- मुझे मारने की साजिश रची गई थी

घटना के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए पप्पू यादव ने दावा किया कि एक व्यक्ति उनके घर में घुस आया और चाकू लेकर उन पर हमला करने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि अब स्थिति ऐसी हो गई है कि उनसे मिलने आने वाले लोगों पर भी भरोसा करना मुश्किल हो गया है। सांसद ने आरोप लगाया कि उन्हें लगातार जान से मारने और जिंदा जलाने जैसी धमकियां मिल रही हैं।

उन्होंने कहा, "बाबा लोग रोज कह रहे हैं कि मुझे मार दो, जला दो, हम 51 लाख रुपये देंगे। हमने उसे पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। मुझे मारने की साजिश रची गई थी, लेकिन मैं बच गया।"

'पहले भी कई शिकायतें दर्ज करा चुका हूं'

पप्पू यादव ने कहा कि उन्होंने पहले ही अपनी सुरक्षा को लेकर कई प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराई हैं और इस संबंध में लगातार शिकायतें करते रहे हैं। उन्होंने कहा कि उनके वकील भी मौके पर मौजूद थे और वे इस तरह की घटनाओं से डरने वाले नहीं हैं।

उन्होंने कहा, "मैं डरूंगा नहीं। अगर कोई मुझे मारना चाहता है, तो मार दे।" उन्होंने यह भी कहा कि सुरक्षा को लेकर वे लंबे समय से मांग कर रहे हैं, लेकिन उनकी चिंताओं पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया।

समर्थकों ने बताया कैसे पकड़ा गया संदिग्ध

घटना के दौरान मौजूद पप्पू यादव के एक समर्थक ने दावा किया कि जैसे ही संदिग्ध व्यक्ति ने पीछे से चाकू निकाला, वहां मौजूद लोगों ने तुरंत उसे पकड़ लिया। समर्थक ने कहा कि पप्पू यादव जनता के बीच रहने वाले नेता हैं और 24 घंटे लोगों की सेवा करते हैं। यदि समय रहते कार्रवाई नहीं होती तो बड़ी घटना हो सकती थी।

घटना के तुरंत बाद संदिग्ध को पुलिस हिरासत में भेज दिया गया। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।

'भीड़ और मीडिया मौजूद नहीं होती तो आज मैं बच नहीं पाता'

पप्पू यादव ने कहा कि घटना के समय वे जनता और मीडिया के बीच मौजूद थे तथा प्रेस वार्ता चल रही थी। उसी दौरान यह घटनाक्रम हुआ। उन्होंने दावा किया कि उनके खिलाफ पहले से ही साजिश चल रही है और यदि वहां बड़ी संख्या में लोग मौजूद नहीं होते तो उनकी जान जा सकती थी।

उन्होंने कहा, "अगर वहां पर इतने लोग मौजूद नहीं होते तो आज मैं खत्म हो जाता। कल रात ही मेरे परिजनों को भी परेशान किया गया है। मैंने तो कुछ कहा ही नहीं। 200 किलोग्राम सोना और चांदी कहां गया? ये सवाल जरूरी हैं।"

सुरक्षा व्यवस्था पर भी उठाए सवाल

सांसद ने दिल्ली पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि वे लंबे समय से सुरक्षा की मांग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि लगातार कुछ लोग सार्वजनिक रूप से उनके खिलाफ हिंसक बयान दे रहे हैं और ऐसे माहौल में उनकी सुरक्षा सुनिश्चित किया जाना आवश्यक है।

उन्होंने कहा, "दिल्ली पुलिस काफी काबिल है। मैं बहुत दिनों से सुरक्षा की मांग कर रहा हूं। कई बाबा मुझे मारने की बातें कर रहे हैं। क्या कोई साधु इस तरह की बातें करेगा? मैंने कौन सा पाप किया है?"

वकील ने पुलिस व्यवस्था पर जताई नाराजगी

पप्पू यादव के वकील ने घटना को बेहद निंदनीय बताते हुए दिल्ली पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े किए। उनका कहना था कि पिछले दो दिनों से लगातार शिकायतें की जा रही थीं कि सांसद के खिलाफ षड्यंत्र रचा जा रहा है और सोशल मीडिया मंच एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर भी खुलेआम धमकी भरे संदेश प्रसारित किए जा रहे हैं।

वकील ने आरोप लगाया कि इतनी शिकायतों के बावजूद सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए। उनके अनुसार, केवल तीन से चार पुलिसकर्मी मौके पर मौजूद थे, जबकि पहले पूर्ण सुरक्षा का आश्वासन दिया गया था।

'लोकतंत्र में ऐसी घटना नहीं होनी चाहिए'

पप्पू यादव के वकील ने कहा कि मीडिया की मौजूदगी में जिस प्रकार चाकू से हमला करने की कोशिश का आरोप सामने आया, वह लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि यदि पहले से मिल रही शिकायतों को गंभीरता से लिया जाता तो ऐसी स्थिति से बचा जा सकता था।

पुलिस की जांच जारी

घटना के बाद संदिग्ध व्यक्ति को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। मामले की जांच की जा रही है और घटना के सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है। वहीं, पप्पू यादव ने अपनी सुरक्षा को लेकर फिर से चिंता जताते हुए कहा कि उन्हें लगातार धमकियां मिल रही हैं और इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।