अंतरराष्ट्रीय डेस्क: चीन के हेनान प्रांत से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने पुलिस अधिकारियों के साथ-साथ आम लोगों को भी हैरान कर दिया। शराब पीकर वाहन चलाने के मामले में कार्रवाई का सामना कर रहे एक आरोपी ने जेल की सजा से बचने के लिए अपनी ही मौत का नाटक रच डाला। उसने न केवल पहले से ताबूत खरीदा, बल्कि अपने घर में आत्महत्या जैसा माहौल तैयार किया और परिवार की मदद से अपना कथित अंतिम संस्कार भी करवा दिया। हालांकि उसकी यह पूरी योजना अधिक समय तक सफल नहीं हो सकी और आधुनिक तकनीक के जरिए पुलिस ने उसे आखिरकार गिरफ्तार कर लिया।
शराब पीकर वाहन चलाने के मामले में हुआ था गिरफ्तार
साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट (SCMP) की रिपोर्ट के अनुसार, यह मामला चीन के हेनान प्रांत के आनयांग शहर का है। रिपोर्ट में आरोपी की पहचान केवल 'सी' के रूप में की गई है। उसे पिछले वर्ष जनवरी में शराब पीकर वाहन चलाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। जांच के दौरान पुलिस को यह भी पता चला कि वह इससे पहले दो बार बिना वैध ड्राइविंग लाइसेंस और नशे की हालत में वाहन चलाते हुए पकड़ा जा चुका था। बाद में उसे जांच पूरी होने तक जमानत पर रिहा कर दिया गया।
जेल जाने के डर ने रचवाई पूरी साजिश
रिपोर्ट के अनुसार, चीन के कानून में शराब पीकर वाहन चलाना गंभीर अपराध माना जाता है। ऐसे मामलों में ड्राइविंग लाइसेंस रद्द होने के साथ एक से छह महीने तक की जेल और आर्थिक दंड का प्रावधान है। आरोपी को आशंका थी कि यदि उसे जेल भेज दिया गया तो पहले से मौजूद भारी कर्ज और पुराने मामलों के कारण उसकी स्थिति और अधिक खराब हो जाएगी। इसी डर ने उसे अपनी मौत का नाटक रचने के लिए प्रेरित किया।
पहले खरीदा ताबूत, फिर रची आत्महत्या की कहानी
बताया गया कि आरोपी ने पिछले वर्ष जून में पहले से एक ताबूत खरीद लिया। इसके बाद उसने अपने घर में दवाइयों की खाली बोतलें बिखेर दीं ताकि ऐसा प्रतीत हो कि उसने दवाओं की अधिक मात्रा लेकर आत्महत्या कर ली है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि उसने अपनी सांस रोकने और शरीर का तापमान कम करने जैसी तरकीबें अपनाईं ताकि वह मृत दिखाई दे।
परिवार के सदस्यों ने भी इस योजना में उसका साथ दिया। उन्होंने यह कहानी बनाई कि अधिक दवाइयां खाने से उसका चेहरा खराब हो गया है, इसलिए शव को पूरी तरह चादर से ढक दिया गया। आरोपी की मां और दादी ने शाम होने से पहले ही जल्दबाजी में ताबूत को दफना दिया। इसी बीच आरोपी वहां से निकलकर युन्नान प्रांत पहुंच गया, जहां उसने नई पहचान के साथ नौकरी की तलाश शुरू कर दी।
मौत की सूचना मिली तो पुलिस को हुआ संदेह
जब पुलिस को आरोपी की कथित मौत की सूचना मिली तो अधिकारी जांच के लिए मौके पर पहुंचे। तब तक कथित शव को दफनाया जा चुका था। शुरुआती जांच के दौरान कई ऐसे तथ्य सामने आए, जिनसे पुलिस का संदेह गहरा गया।
जांच में पता चला कि परिवार ने आरोपी की तबीयत बिगड़ने पर उसे अस्पताल नहीं पहुंचाया था। ताबूत उसकी कथित मौत से पहले ही खरीदा जा चुका था। अस्पताल की ओर से कोई मृत्यु प्रमाण पत्र जारी नहीं किया गया था। अंतिम संस्कार का कोई आधिकारिक रिकॉर्ड भी उपलब्ध नहीं था और सरकारी अभिलेखों में भी उसकी मृत्यु दर्ज नहीं कराई गई थी।
रिश्तेदारों की बातों ने भी बढ़ाया शक
जांच के दौरान गांव के लोगों और रिश्तेदारों ने पुलिस को बताया कि कथित शव का चेहरा किसी को भी नहीं दिखाया गया था। केवल आरोपी की मां और दादी ने ही शव देखने का दावा किया था। इन बयानों ने पुलिस के संदेह को और मजबूत कर दिया।
सीसीटीवी, बैंक रिकॉर्ड और मोबाइल डेटा ने खोला राज
इसके बाद पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, बैंक लेनदेन और मोबाइल फोन के रिकॉर्ड की विस्तृत जांच शुरू की। जांच में स्पष्ट हो गया कि आरोपी की मृत्यु नहीं हुई थी, बल्कि वह फरार होकर युन्नान प्रांत में रह रहा था। कई महीनों तक चली तलाश के बाद पुलिस ने इस वर्ष अप्रैल में उसे गिरफ्तार कर लिया।
अदालत ने सुनाई जेल और जुर्माने की सजा
गिरफ्तारी के बाद अदालत ने आरोपी को पांच महीने की जेल और 20 हजार युआन (करीब 2.8 लाख रुपये) के जुर्माने की सजा सुनाई। वहीं, 11 जून को पुलिस ने आरोपी की मां और दादी के खिलाफ भी अपराधी को छिपाने और कानून से बचाने में सहायता करने के आरोप में आपराधिक जांच शुरू कर दी।
सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ मामला
यह मामला सामने आने के बाद चीन के सोशल मीडिया मंचों पर तेजी से वायरल हो गया। रिपोर्ट के अनुसार, इस खबर को एक करोड़ से अधिक बार देखा जा चुका है। मामले की जांच से जुड़े सरकारी अभियोजक ने कहा कि कानून से बचने के लिए अपनी मौत का नाटक करना किसी भी आरोपी के लिए समाधान नहीं है। ऐसा करने से मूल अपराध से बचाव नहीं होता, बल्कि नए आपराधिक मामलों का सामना भी करना पड़ सकता है।
