धरना प्रदर्शन पे बैठे सोनम वांगचूक Source : ABP NEWS
देश के शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक का आमरण अनशन लगातार जारी है। करीब 18 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे वांगचुक की तबीयत लगातार बिगड़ने की खबरों के बीच अब राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के वरिष्ठ नेता शिवानंद तिवारी ने सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने सरकार की कथित उदासीनता पर सवाल उठाते हुए विपक्षी दलों से सोनम वांगचुक के समर्थन में एकजुट होने की अपील की है।
सरकार की चुप्पी पर उठाए सवाल
शिवानंद तिवारी ने मंगलवार (14 जुलाई) को अपने फेसबुक पोस्ट में लिखा कि दिल्ली के जंतर-मंतर पर सोनम वांगचुक और उनके साथ अनिश्चितकालीन उपवास पर बैठे युवाओं को अकेला नहीं छोड़ा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की इस आवाज के साथ देश के सभी विपक्षी दलों को मजबूती से खड़ा होना चाहिए। उनका कहना था कि इतने दिन बीत जाने के बावजूद सरकार की ओर से जिस तरह की चुप्पी और उदासीनता दिखाई जा रही है, वह बेहद चिंताजनक है। साथ ही उन्होंने कहा कि लगातार अनशन की वजह से उपवास पर बैठे लोगों की तबीयत भी बिगड़ती जा रही है।
सोनम वांगचुक के कामों की जमकर सराहना
RJD नेता ने कहा कि सोनम वांगचुक कोई सामान्य व्यक्ति नहीं हैं। उन्हें सामाजिक कार्यकर्ता, वैज्ञानिक या जननेता किसी भी रूप में देखा जाए, वे असाधारण प्रतिभा के धनी हैं। उन्होंने लद्दाख जैसे कठिन क्षेत्र में कृत्रिम हिमनद (आइस स्तूप) तैयार कर सिंचाई का नया मॉडल विकसित किया। इसके अलावा सैनिकों के लिए ऐसे आवास तैयार करने में भी योगदान दिया, जहां बाहरी तापमान की तुलना में बेहतर वातावरण उपलब्ध हो सके। शिवानंद तिवारी ने कहा कि उनके कार्यों से प्रेरित होकर लोकप्रिय फिल्में भी बनाई गई हैं और उनकी मांगें भी किसी तरह से अव्यावहारिक या असंगत नहीं हैं।
लोकतांत्रिक संवाद की अपील
अपने फेसबुक पोस्ट में शिवानंद तिवारी ने लिखा कि समाज में धार्मिक ध्रुवीकरण और नफरत की राजनीति लोकतंत्र और देश, दोनों के लिए शुभ संकेत नहीं है। उन्होंने कहा कि भारत की असली ताकत उसकी विविधता, सह-अस्तित्व और सामाजिक सौहार्द में रही है। उन्होंने केंद्र सरकार से सोनम वांगचुक और उनके साथियों की मांगों पर गंभीरता से विचार करने तथा लोकतांत्रिक संवाद के जरिए समाधान निकालने की अपील की। साथ ही विपक्षी दलों, सामाजिक संगठनों और जागरूक नागरिकों से भी आग्रह किया कि वे इस आंदोलन में सोनम वांगचुक को अकेला न छोड़ें।
