अरविंद केजरीवाल ने सरकार पर साधा निशाना | Source: AajTakअरविंद केजरीवाल ने सरकार पर साधा निशाना Source : AajTak

नई दिल्ली: जंतर-मंतर पर आमरण अनशन कर रहे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को दिल्ली पुलिस द्वारा हटाकर सफदरजंग अस्पताल ले जाने के बाद राजनीतिक विवाद गहरा गया है। पुलिस ने बताया कि यह कार्रवाई हाई कोर्ट के निर्देश और डॉक्टरों की सलाह के आधार पर की गई। वांगचुक को हटाए जाने के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हल्की झड़प भी हुई। इस घटना के बाद आम आदमी पार्टी, समाजवादी पार्टी और शिवसेना (यूबीटी) समेत कई विपक्षी दलों के नेताओं ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला।

केजरीवाल और संजय सिंह ने सरकार पर साधा निशाना

दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए लिखा, “इतना अहंकार ठीक नहीं है। उन्हें जबरन उठाने की बजाय मोदी सरकार को सोनम वांगचुक से बातचीत करनी चाहिए थी। आंदोलन को कुचलने की जगह देश की शिक्षा और परीक्षा व्यवस्था सुधारनी चाहिए। सोनम वांगचुक के साथ की गई ज़बरदस्ती मोदी सरकार की हार है।”

वहीं, आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार सोनम वांगचुक के संसद मार्च के आह्वान से घबरा गई है। उन्होंने कहा कि इसी वजह से सुबह-सुबह जंतर-मंतर पर पुलिस भेजी गई, प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज किया गया और वांगचुक को जबरन अस्पताल में भर्ती कराया गया ताकि आंदोलन को दबाया जा सके।

संजय सिंह ने कहा कि 20 जुलाई को प्रस्तावित संसद मार्च में देशभर के युवा, आम नागरिक और विभिन्न राजनीतिक दलों के सांसद शामिल होने वाले हैं। उनके मुताबिक, सरकार को डर है कि सोनम वांगचुक की आवाज अब राष्ट्रीय स्तर पर और मजबूत होती जा रही है। उन्होंने सोशल मीडिया पर भी लिखा कि, “ये क्या गुंडागर्दी चल रही है? सत्ता का अहंकार ज्यादा दिन नहीं चलता। 21 दिनों से आमरण अनशन पर बैठे व्यक्ति की मांगें सुनने के बजाय उसे जबरन अस्पताल ले जाया गया।”

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डिंपल यादव और आदित्य ठाकरे ने भी उठाए सवाल

समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव ने इस कार्रवाई की आलोचना करते हुए कहा कि सोनम वांगचुक को जबरन हटाना केवल एक प्रशासनिक कदम नहीं, बल्कि लोकतंत्र और संविधान की भावना पर चोट है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार अब शांतिपूर्ण विरोध-प्रदर्शन भी बर्दाश्त नहीं कर रही है।

वहीं, शिवसेना (यूबीटी) के नेता आदित्य ठाकरे ने भी केंद्र सरकार को घेरते हुए कहा कि पूरी दुनिया देख रही है कि भारत में लोकतांत्रिक तरीके से हो रहे विरोध को किस तरह दबाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि छात्रों और युवाओं के शांतिपूर्ण आंदोलन के साथ इस तरह का व्यवहार लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है।

दिल्ली पुलिस का कहना है कि सोनम वांगचुक की बिगड़ती सेहत को देखते हुए और हाई कोर्ट के निर्देशों के अनुपालन में उन्हें सफदरजंग अस्पताल ले जाया गया है, जबकि विपक्ष इस कार्रवाई को लोकतांत्रिक अधिकारों के दमन के तौर पर देख रहा है।