
PoK में विरोध प्रदर्शन Source : Social media
पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) से एक ऐसा बयान सामने आया है, जिसने एक बार फिर वहां के हालात पर सवाल खड़े कर दिए हैं। लंबे समय से जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच अब वहां रहने वाले लोगों की परेशानियां और बढ़ने का दावा किया जा रहा है। इसी बीच आंदोलन का नेतृत्व कर रहे एक प्रमुख नेता ने ऐसा बयान दिया है, जिसने सबका ध्यान अपनी ओर खींच लिया।उन्होंने भारत से मानवीय मदद की अपील करते हुए कहा कि इलाके में राशन और दवाइयों की कमी हो रही है। साथ ही यह भी मांग की कि अगर हालात और बिगड़ते हैं तो नियंत्रण रेखा (LoC) पर लोगों के लिए रास्ता खोला जाए, ताकि जरूरत पड़ने पर आम नागरिक भारत आ सकें।
भारत से मानवीय मदद की अपील
JAAC के नेता सरदार अमन खान ने भारत से मानवीय सहायता भेजने की मांग की है। उनका कहना है कि विरोध प्रदर्शनों के बाद पाकिस्तान सरकार ने इलाके में आर्थिक नाकेबंदी जैसी स्थिति पैदा कर दी है। इससे आम लोगों को राशन, दवाइयों और अन्य जरूरी सामान की भारी कमी का सामना करना पड़ रहा है।
LoC खोलने की भी उठाई मांग
सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में अमन खान लोगों को संबोधित करते हुए कहते नजर आ रहे हैं कि अगर हालात और बिगड़ते हैं तो नियंत्रण रेखा (LoC) पर लोगों के लिए रास्ता खोला जाना चाहिए, ताकि जरूरत पड़ने पर नागरिक भारत की ओर आ सकें। रावलकोट के ईदगाह मैदान में हुई सभा के दौरान उन्होंने लोगों से इस मुद्दे पर राय भी मांगी, जिस पर भीड़ ने समर्थन जताया।
लगातार बढ़ रहे हैं विरोध प्रदर्शन
पिछले कई सप्ताह से पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में बड़ी संख्या में लोग पाकिस्तान प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। शुरुआत में ये प्रदर्शन स्थानीय समस्याओं और सुधारों की मांग को लेकर शुरू हुए थे, लेकिन अब कई जगहों पर पाकिस्तान से आजादी की मांग भी खुलकर उठने लगी है। विरोध प्रदर्शनों के दौरान PoK पाकिस्तान का हिस्सा नहीं है और हमें आजादी चाहिए जैसे नारे भी लगाए गए।
JAAC पर प्रतिबंध के बाद और बढ़ा तनाव
स्थिति उस समय और ज्यादा तनावपूर्ण हो गई, जब 5 जून को पाकिस्तान प्रशासन ने जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) को गैरकानूनी संगठन घोषित करते हुए उसे आतंकवादी संगठन करार दिया। इसके बाद सुरक्षा बलों की कार्रवाई तेज हो गई, जिससे इलाके में तनाव और बढ़ने की खबरें सामने आई हैं।विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा घटनाक्रम पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर के लोगों और वहां के प्रशासन के बीच बढ़तेअविश्वास को दर्शाता है। उनका कहना है कि प्रशासन पूरी तरह इस्लामाबाद के नियंत्रण में काम करता है और विरोध प्रदर्शनों को दबाने के लिए सेना का इस्तेमाल किया जा रहा है। उनका मानना है कि इससे हालात और अधिक संवेदनशील हो सकते हैं।
