पन्ना। मध्य प्रदेश के पन्ना जिले के देवेंद्रनगर में जमीन विवाद से जुड़े मारपीट के मामले में करीब एक महीने से फरार चल रहे अमित जैन को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। अमित जैन भाजपा नेत्री अमिता बागरी के पति हैं। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने उन्हें पन्ना लाकर पैदल मार्च कराया। इस दौरान वह हाफ पैंट में नजर आए। पुलिस की इस कार्रवाई के बाद उनकी पत्नी अमिता बागरी ने सोशल मीडिया पर लाइव आकर पुलिस की कार्यप्रणाली और कथित राजनीतिक हस्तक्षेप को लेकर सवाल उठाए।
जमीन विवाद में दर्ज हुआ था मामला
मामला करीब एक महीने पुराना बताया जा रहा है। देवेंद्रनगर में जमीन विवाद को लेकर अमित जैन पर दो लोगों के साथ लोहे की रॉड से मारपीट करने का आरोप लगा था। शिकायत के बाद पुलिस ने मामला दर्ज किया था। इसके बाद से अमित जैन फरार चल रहे थे और पुलिस लगातार उनकी तलाश कर रही थी। पुलिस ने उनकी गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग स्थानों पर कार्रवाई की।
सतना स्थित घर पहुंची पुलिस, अमिता ने उठाए सवाल
पन्ना पुलिस के मुताबिक, शनिवार तड़के पुलिस टीम अमित जैन की तलाश में सतना स्थित उनके घर पहुंची। अमिता बागरी का आरोप है कि पुलिसकर्मी बिना वर्दी के और बिना महिला पुलिसकर्मी के उनके घर पहुंचे। इस दौरान पुलिस और अमिता बागरी के बीच करीब दस मिनट तक बहस भी हुई। अमिता ने इस पूरी कार्रवाई को सोशल मीडिया पर लाइव किया और पुलिस के तरीके पर सवाल खड़े किए।
अमिता बागरी ने पुलिस व्यवस्था को लेकर कई अन्य आरोप भी लगाए। उन्होंने देवेंद्रनगर में अवैध शराब, जुआ, अपराध और देह व्यापार जैसे मुद्दों का जिक्र करते हुए कहा कि प्रभावशाली लोगों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होती। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
रायसेन टोल नाके से हुई अमित जैन की गिरफ्तारी
पुलिस की कार्रवाई इसके बाद भी जारी रही। शनिवार रात करीब 10 बजे के बाद पुलिस ने अमित जैन को रायसेन के टोल नाके से गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद पुलिस उन्हें पन्ना लेकर पहुंची। इसके बाद मामले ने राजनीतिक रूप भी ले लिया, क्योंकि अमित जैन की पत्नी अमिता बागरी ने अपने सोशल मीडिया लाइव में गुनौर विधायक डॉ. राजेश वर्मा पर गंभीर आरोप लगाए।
अमिता बागरी ने विधायक पर लगाया राजनीतिक द्वेष का आरोप
अमिता बागरी ने गुनौर विधायक डॉ. राजेश वर्मा पर राजनीतिक द्वेष के चलते उनके पति के खिलाफ कार्रवाई करवाने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि उनके पति के खिलाफ की गई कार्रवाई के पीछे राजनीतिक कारण हैं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और खबर लिखे जाने तक विधायक डॉ. राजेश वर्मा या उनके पक्ष की ओर से इस संबंध में प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी।
15 साल तक बीजेपी संगठन के लिए काम करने का दावा
अमिता बागरी ने कहा कि उन्होंने करीब 15 साल तक बीजेपी संगठन के लिए काम किया है। उनका कहना है कि मुश्किल समय में पार्टी के नेताओं की ओर से उन्हें अपेक्षित सहयोग नहीं मिल रहा है। उन्होंने सांसद वीडी शर्मा और पन्ना विधायक से संपर्क करने की बात भी कही।
अमिता बागरी के मुताबिक, उन्होंने अपने पति के मामले को लेकर पार्टी के वरिष्ठ नेताओं तक अपनी बात पहुंचाने की कोशिश की है। उनके बयानों के बाद यह मामला पुलिस कार्रवाई के साथ-साथ स्थानीय राजनीति में भी चर्चा का विषय बन गया है।
धारा 307 जोड़ने पर भी उठाए सवाल
अमिता बागरी ने मामले में धाराओं को लेकर भी सवाल उठाए। उनका आरोप है कि शुरुआत में मारपीट से संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया गया था, लेकिन बाद में भारतीय दंड संहिता की धारा 307 जोड़ दी गई। उन्होंने इसे राजनीतिक साजिश बताते हुए कानूनी लड़ाई लड़ने की बात कही।
उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि यदि उनके पति का जुलूस निकाला गया तो वह कई लोगों से जुड़े मामलों का खुलासा करेंगी। उनके इन बयानों के बाद स्थानीय स्तर पर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप और तेज हो गए हैं।
पुलिस ने कराया पैदल मार्च, जिला अस्पताल में हुआ मेडिकल
अमित जैन की गिरफ्तारी के बाद पुलिस उन्हें रविवार को पन्ना लेकर पहुंची। यहां पुलिस ने उनका पैदल मार्च कराया। इसके बाद उन्हें जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका मेडिकल परीक्षण किया गया। मेडिकल जांच पूरी होने के बाद पुलिस ने अमित जैन को जिला न्यायालय में पेश किया।
अदालत में मामले की सुनवाई के बाद अमित जैन को जमानत मिल गई। इस तरह गिरफ्तारी के बाद पुलिस कार्रवाई का तत्काल अगला चरण न्यायालय में पेशी और फिर जमानत के साथ पूरा हुआ।
जमानत के बाद परिवार के साथ जुगल किशोर मंदिर पहुंचे
अदालत से जमानत मिलने के बाद अमित जैन अपनी पत्नी अमिता बागरी और बच्चों के साथ पन्ना के प्रसिद्ध जुगल किशोर मंदिर पहुंचे। परिवार ने मंदिर में दर्शन किए। गिरफ्तारी, पुलिस के पैदल मार्च और उसके बाद लगाए गए राजनीतिक आरोपों के चलते यह मामला अब स्थानीय राजनीति में भी चर्चा का विषय बना हुआ है।
पुलिस कार्रवाई के बाद सियासी विवाद ने पकड़ा जोर
अमित जैन के खिलाफ जमीन विवाद में दर्ज मामले की कार्रवाई के दौरान उनकी गिरफ्तारी और पुलिस द्वारा कराया गया पैदल मार्च चर्चा में है। वहीं, अमिता बागरी के राजनीतिक द्वेष के आरोपों ने मामले को नया मोड़ दे दिया है। फिलहाल विधायक की ओर से लगाए गए आरोपों पर प्रतिक्रिया सामने आना बाकी है।
मामले में अदालत ने अमित जैन को जमानत दे दी है। वहीं, पुलिस कार्रवाई को लेकर अमिता बागरी की आपत्तियों और राजनीतिक आरोपों ने पन्ना के स्थानीय राजनीतिक माहौल में इस प्रकरण को चर्चा का विषय बना दिया है।
