दुबई। लीबिया में 7 अगस्त को आयोजित एक अनोखे स्काईडाइविंग कार्यक्रम में तीन भारतीयों ने देश का गौरव बढ़ाते हुए विश्व रिकॉर्ड बनाने वाले समूह का हिस्सा बनकर इतिहास रच दिया। करीब 13,000 फीट की ऊंचाई से 65 स्काईडाइवर्स ने एक साथ विमान से छलांग लगाई और इस दौरान अपने-अपने देशों के राष्ट्रीय झंडे के साथ आसमान में उतरने का साहसिक प्रदर्शन किया। इस रिकॉर्ड में करीब 38 देशों के प्रतिभागी शामिल थे।
इस ऐतिहासिक आयोजन में संयुक्त अरब अमीरात में रहने वाले तीन भारतीयों ने भारत का प्रतिनिधित्व किया। इनमें केरल के कन्नूर निवासी जमशीर थनालोट, उत्तर प्रदेश के गोरखपुर निवासी अभिषेक रावत और बिहार के पटना निवासी ईशा राज शामिल थे। तीनों ने स्काईडाइविंग के दौरान भारतीय तिरंगा अपने साथ रखा और हजारों फीट की ऊंचाई से छलांग लगाकर देश का झंडा आसमान में फहराया।
13 हजार फीट की ऊंचाई से एक साथ छलांग
इस रिकॉर्ड बनाने वाले अभियान में 65 स्काईडाइवर्स ने एक ही विमान से एक साथ छलांग लगाई। सभी प्रतिभागी अलग-अलग देशों का प्रतिनिधित्व कर रहे थे और प्रत्येक स्काईडाइवर अपने देश का राष्ट्रीय झंडा साथ लेकर विमान से बाहर निकला। आसमान में राष्ट्रीय झंडों के साथ एक साथ स्काईडाइविंग का यह दृश्य आयोजन की सबसे खास विशेषताओं में शामिल रहा।
स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, यह आयोजन 7 अगस्त को लीबिया में हुआ था। इसमें दुनिया के अलग-अलग देशों से आए स्काईडाइवर्स ने हिस्सा लिया। प्रतिभागियों को सैन्य विमान इल्यूशिन आईएल-76टीडी से करीब 13,000 फीट की ऊंचाई पर ले जाया गया, जहां से उन्होंने एक साथ छलांग लगाई।
तीन भारतीयों ने थामा तिरंगा
इस विश्व रिकॉर्ड अभियान में भारत की ओर से केवल तीन प्रतिभागी शामिल थे। केरल के कन्नूर से जमशीर थनालोट, उत्तर प्रदेश के गोरखपुर से अभिषेक रावत और बिहार की राजधानी पटना से ईशा राज ने इस चुनौतीपूर्ण आयोजन में हिस्सा लिया।
तीनों भारतीयों ने अपने साथ भारतीय राष्ट्रीय ध्वज रखा था। करीब 13,000 फीट की ऊंचाई पर विमान से छलांग लगाने के बाद उन्होंने स्काईडाइविंग के दौरान तिरंगा फहराया। इस तरह भारतीय प्रतिभागियों ने अंतरराष्ट्रीय प्रतिभागियों के बीच देश का प्रतिनिधित्व किया और रिकॉर्ड बनाने वाले समूह का हिस्सा बने।
करीब 38 देशों के स्काईडाइवर्स थे शामिल
इस आयोजन को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खास बनाने वाली एक बड़ी वजह इसमें शामिल देशों की संख्या भी रही। उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार, इस समूह में करीब 38 देशों के स्काईडाइवर्स शामिल हुए थे। अलग-अलग देशों के प्रतिभागियों ने अपने राष्ट्रीय झंडों के साथ एक साथ छलांग लगाई।
एक ही विमान से इतने बड़े समूह का राष्ट्रीय झंडों के साथ एक साथ स्काईडाइविंग करना इस आयोजन की प्रमुख विशेषता रही। इसी सामूहिक प्रदर्शन के आधार पर सबसे अधिक स्काईडाइवर्स द्वारा एक साथ राष्ट्रीय झंडों के साथ छलांग लगाने का नया रिकॉर्ड दर्ज किया गया।
गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स ने 14 अगस्त को की पुष्टि
7 अगस्त को आयोजित इस साहसिक कार्यक्रम के बाद गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स ने 14 अगस्त को इस कीर्तिमान की आधिकारिक पुष्टि की। इसके साथ ही 65 स्काईडाइवर्स के इस समूह ने अपने नाम एक नया विश्व रिकॉर्ड दर्ज कराया।
रिकॉर्ड की आधिकारिक पुष्टि के बाद इस आयोजन में शामिल प्रतिभागियों की उपलब्धि को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली। भारतीय प्रतिभागियों के लिए भी यह उपलब्धि विशेष रही, क्योंकि तीनों ने भारत के तिरंगे के साथ इस विश्व रिकॉर्ड अभियान में भाग लिया।
सैन्य विमान से हुआ पूरा रोमांचक अभियान
रिपोर्ट के मुताबिक, सभी 65 स्काईडाइवर्स ने सेना के इल्यूशिन आईएल-76टीडी विमान से छलांग लगाई। विमान ने प्रतिभागियों को करीब 13,000 फीट की ऊंचाई तक पहुंचाया। इसके बाद सभी स्काईडाइवर्स ने अपने-अपने राष्ट्रीय झंडों के साथ विमान से छलांग लगाई।
स्काईडाइविंग अपने आप में एक साहसिक खेल है, लेकिन इस आयोजन में प्रतिभागियों के लिए चुनौती और भी खास थी। उन्हें ऊंचाई से छलांग लगाने के साथ अपने देश के झंडे को संभालते हुए इस सामूहिक रिकॉर्ड का हिस्सा बनना था।
आसमान में लहराया भारत का तिरंगा
इस आयोजन में भारतीय प्रतिभागियों की मौजूदगी ने इसे भारत के लिए भी खास बना दिया। जमशीर थनालोट, अभिषेक रावत और ईशा राज ने भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए तिरंगे के साथ छलांग लगाई। करीब 13 हजार फीट की ऊंचाई पर जब अलग-अलग देशों के झंडों के साथ स्काईडाइवर्स आसमान में उतरे, तो उनमें भारतीय तिरंगा भी शामिल था।
यह उपलब्धि इस मायने में भी महत्वपूर्ण रही कि भारत की ओर से इसमें केवल तीन प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया और तीनों उस 65 सदस्यीय समूह का हिस्सा बने जिसने विश्व रिकॉर्ड बनाया।
गल्फ न्यूज और खलीज टाइम्स की रिपोर्ट में सामने आई जानकारी
इस आयोजन की जानकारी स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के माध्यम से सामने आई है। शनिवार को प्रकाशित ‘गल्फ न्यूज’ की रिपोर्ट में बताया गया कि 7 अगस्त को लीबिया में हुए इस कार्यक्रम में तीन भारतीयों ने हिस्सा लिया था। वहीं ‘खलीज टाइम्स’ की रिपोर्ट के अनुसार, रिकॉर्ड बनाने वाले समूह में करीब 38 देशों के स्काईडाइवर्स शामिल थे।
रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि सभी प्रतिभागियों ने एक ही विमान से छलांग लगाई और अपने-अपने राष्ट्रीय झंडे साथ रखे थे। गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स ने 14 अगस्त को इस रिकॉर्ड की आधिकारिक पुष्टि की।
एक छलांग ने बना दिया यादगार रिकॉर्ड
लीबिया में हुआ यह आयोजन केवल स्काईडाइविंग का प्रदर्शन नहीं था, बल्कि अलग-अलग देशों के प्रतिभागियों को एक साझा विश्व रिकॉर्ड के लिए एक मंच पर लाने वाला कार्यक्रम भी रहा। 65 लोगों ने एक साथ विमान से छलांग लगाई और राष्ट्रीय झंडों के साथ स्काईडाइविंग की।
इस रिकॉर्ड अभियान में भारत की भागीदारी ने उपलब्धि को देश के लिए भी खास बना दिया। तीन भारतीयों ने तिरंगे के साथ इस चुनौतीपूर्ण स्काईडाइविंग में हिस्सा लेकर उस समूह का प्रतिनिधित्व किया, जिसे बाद में गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स की आधिकारिक मान्यता मिली।
