इस्राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के उस बयान से असहमति जताई, जिसमें अमेरिका को इस्राइल का एकमात्र प्रमुख सहयोगी बताया गया था। नेतन्याहू ने कहा कि इस्राइल के भारत समेत कई देशों के साथ मजबूत और सकारात्मक संबंध हैं। उन्होंने यह भी कहा कि भारत में इस्राइल के प्रति व्यापक जनसमर्थन देखने को मिलता है।नेतन्याहू बोले- भारत हमारे प्रमुख सहयोगियों में शामिल | Source: AmarUjala.com

नेतन्याहू बोले- भारत हमारे प्रमुख सहयोगियों में शामिलSource : AmarUjala.com

अमेरिका खुद को इस्राइल का सबसे बड़ा सहयोगी मानता है, लेकिन नेतन्याहू के अनुसार तस्वीर इससे कहीं व्यापक है। रविवार को उन्होंने जेडी वेंस की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि भारत सहित कई देशों के साथ इस्राइल की गहरी साझेदारी है और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उसे व्यापक समर्थन हासिल है।

जेडी वेंस ने क्या कहा था?

व्हाइट हाउस में पिछले महीने आयोजित एक ब्रीफिंग के दौरान अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा था कि इस्राइल को अमेरिका और ईरान के बीच चल रही शांति वार्ता का सम्मान करना चाहिए। जब उनसे उन रिपोर्टों पर सवाल पूछा गया, जिनमें इस्राइली नेतृत्व के संभावित अमेरिका-ईरान समझौते से नाखुश होने और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की आलोचना करने की बात कही गई थी, तो वेंस ने कहा, "अगर मैं इस्राइल सरकार के मंत्रिमंडल में होता, तो मैं उस एकमात्र शक्तिशाली सहयोगी की आलोचना नहीं करता, जो पूरी दुनिया में अब भी मेरे साथ है।"

वेंस के इस बयान पर अब इस्राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि इस्राइल को केवल अमेरिका ही नहीं, बल्कि भारत समेत कई देशों का भी मजबूत समर्थन प्राप्त है। नेतन्याहू ने कहा, "मेरा फेसबुक अकाउंट है और वहां भारत से मुझे जबरदस्त समर्थन मिलता है। संभव है कि दुनिया के कई अन्य हिस्सों से भी हमें ऐसा ही समर्थन मिल रहा हो।" इसके साथ ही उन्होंने वेंस के इस दावे को खारिज कर दिया कि अमेरिका ही इस्राइल का एकमात्र सहयोगी है।

नेतन्याहू ने कैसे दिया जवाब?

जेडी वेंस के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए इस्राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि इस्राइल के दुनिया भर में कई मजबूत सहयोगी हैं। उन्होंने कहा, "हमारे बहुत-बहुत दोस्त हैं।" नेतन्याहू के मुताबिक, कई देश इस्राइल की साइबर सुरक्षा और रक्षा विशेषज्ञता का लाभ उठाना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि कई विश्व नेता उनसे संपर्क कर रक्षा सहयोग, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और साइबर तकनीक के क्षेत्र में साझेदारी की इच्छा जताते हैं।

नेतन्याहू ने आगे कहा, "कई नेता मुझे फोन कर कहते हैं कि भले ही जनमत को लेकर कुछ चुनौतियां हों, लेकिन वे इस्राइल का सम्मान करते हैं और रक्षा समझौतों, सैन्य रणनीतियों तथा एआई और साइबर विशेषज्ञता में सहयोग चाहते हैं।" उन्होंने दावा किया कि साइबर क्षेत्र में इस्राइल दुनिया के अग्रणी देशों में शामिल है और उसकी उन्नत तकनीकी क्षमता के कारण कई देशों के साथ उसके मजबूत संबंध हैं, भले ही वे सार्वजनिक तौर पर हमेशा दिखाई न दें।