बिहार में NEET परीक्षा के दौरान फर्जीवाड़े का खुलासा।

बिहार में NEET परीक्षा के दौरान फर्जीवाड़े का खुलासा।

NEET UG 2026 री-एग्जाम के दौरान बिहार से सामने आए दो बड़े मामलों ने परीक्षा की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। लखीसराय में जहां सॉल्वर गैंग के जरिए असली अभ्यर्थियों की जगह दूसरे लोगों को परीक्षा में बैठाने का मामला सामने आया, वहीं मुजफ्फरपुर में फर्जी प्रश्नपत्र बेचकर छात्रों से ठगी करने वाले गिरोह का खुलासा हुआ है। जांच में अब तक 5 मेडिकल छात्रों समेत 24 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। पुलिस को आशंका है कि यह नेटवर्क केवल बिहार तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके तार दूसरे राज्यों तक भी जुड़े हो सकते हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन, पुलिस और जांच एजेंसियां पूरे रैकेट की तह तक पहुंचने की कोशिश में जुटी हैं।

लखीसराय में सॉल्वर गैंग का भंडाफोड़, 40 लाख तक की डील का खुलासा

री-नीट परीक्षा के दौरान लखीसराय के कई परीक्षा केंद्रों पर जांच में बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया। अधिकारियों ने नौ ऐसे लोगों को पकड़ा जो वास्तविक अभ्यर्थियों की जगह परीक्षा दे रहे थे। दस्तावेज, फोटो और बायोमीट्रिक सत्यापन में गड़बड़ी मिलने के बाद जांच शुरू हुई और सॉल्वर गैंग का पर्दाफाश हुआ। जांच में पता चला कि मेडिकल कॉलेज में दाखिला दिलाने के नाम पर लाखों रुपये का खेल चल रहा था। पुलिस के अनुसार कुछ मामलों में 40 लाख रुपये तक की डील की गई थी। अब तक 5 मेडिकल छात्रों समेत 24 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस आरोपियों के मोबाइल, बैंक खातों और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही है ताकि पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जा सके।

मेडिकल छात्र और बायोमीट्रिक कर्मी जांच के घेरे में

मामले की जांच के दौरान कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। गिरफ्तार आरोपियों में मेडिकल छात्रों के शामिल होने से यह आशंका मजबूत हुई है कि यह नेटवर्क शिक्षा जगत से जुड़े लोगों की मदद से संचालित हो रहा था। वहीं बायोमीट्रिक सत्यापन का काम संभाल रही एजेंसी के कर्मचारियों की भूमिका भी संदेह के घेरे में है। जांच एजेंसियों को शक है कि कुछ फर्जी अभ्यर्थियों को सत्यापन प्रक्रिया में ढील देकर परीक्षा केंद्रों में प्रवेश दिलाया गया। इसी वजह से एजेंसी के कई कर्मचारियों से पूछताछ की गई है। जिला प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी खुद मामले की निगरानी कर रहे हैं और यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि यह लापरवाही थी या सुनियोजित मिलीभगत।

मुजफ्फरपुर में फर्जी प्रश्नपत्र बेचने वाले गिरोह का पर्दाफाश

लखीसराय के अलावा मुजफ्फरपुर में भी NEET के नाम पर ठगी का बड़ा मामला सामने आया है। यहां एक गिरोह छात्रों को परीक्षा का कथित लीक प्रश्नपत्र देने का झांसा देकर उनसे मोटी रकम वसूल रहा था। आरोपी टेलीग्राम और अन्य ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए छात्रों तक पहुंचते थे और उन्हें असली प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने का दावा करते थे। पैसे लेने के लिए क्यूआर कोड और ऑनलाइन बैंक ट्रांसफर का इस्तेमाल किया जाता था। पुलिस की छापेमारी में मुख्य आरोपी के पास से मोबाइल फोन और लैपटॉप बरामद हुए, जिनसे कई अहम सुराग मिले हैं। जांच एजेंसियां अब बैंक लेन-देन और डिजिटल रिकॉर्ड के आधार पर गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश कर रही हैं। पुलिस का मानना है कि यह रैकेट भी बड़े नेटवर्क का हिस्सा हो सकता है, जिसके तार कई राज्यों तक फैले हो सकते हैं।