संसद के मानसून सत्र में गुरुवार को भी विपक्ष के हंगामे के कारण लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही प्रभावित रही। राम मंदिर चढ़ावा विवाद, छात्र आंदोलन और अन्य मुद्दों पर विपक्ष सरकार को घेरता रहा, जबकि सरकार विधायी कार्य आगे बढ़ाने की कोशिश में जुटी रही।
Parliament Monsoon Session: आखिर क्यों बार-बार ठप हो रही संसद? विपक्ष के हंगामे के बीच लोकसभा फिर स्थगितSource : Hindustan Times.com
हंगामे के बीच फिर स्थगित हुई लोकसभा
संसद के मानसून सत्र के तहत गुरुवार (6 अगस्त) को लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही सुबह 11 बजे शुरू हुई, लेकिन शुरुआत से ही विपक्ष के जोरदार हंगामे के कारण लोकसभा की कार्यवाही पहले दोपहर 2 बजे तक और बाद में शुक्रवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित करनी पड़ी। विपक्ष लगातार विभिन्न मुद्दों पर सरकार से जवाब मांगता रहा।
विपक्ष का संसद परिसर में प्रदर्शन
संसद परिसर में कांग्रेस सहित कई विपक्षी दलों के सांसदों ने दान पेटी के साथ प्रदर्शन किया। राहुल गांधी के नेतृत्व में विपक्षी सांसदों ने राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी, छात्र आंदोलनों और अन्य मुद्दों को लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ मार्च निकाला। विपक्ष ने मांग की कि इन विषयों पर सदन में विस्तृत चर्चा कराई जाए।
राज्यसभा में खरगे ने उठाई माफी की मांग
राज्यसभा में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने छात्र आंदोलन के दौरान कथित लाठीचार्ज का मुद्दा उठाते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से माफी मांगने की मांग की। उन्होंने कहा कि विपक्ष चर्चा के लिए पूरी तरह तैयार है, लेकिन केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सदन में आकर इस मुद्दे पर बयान दें।
चढ़ावा चोरी विवाद पर भी गरमाई सियासत
राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी के मुद्दे पर समाजवादी पार्टी के सांसद अवधेश प्रसाद ने सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार इस मामले पर चर्चा और जवाब देने से बच रही है, जिसके कारण सदन की कार्यवाही बार-बार बाधित हो रही है।
झारखंड छात्र आंदोलन भी बना बड़ा मुद्दा
झारखंड में छात्रों के प्रदर्शन का मुद्दा भी संसद में गूंजा। निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने कहा कि झारखंड में छात्रों के साथ लाठीचार्ज और गोलीबारी हुई, जबकि बातचीत सहयोग और विश्वास के साथ आगे बढ़नी चाहिए। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी भी इस मुद्दे को लगातार उठा रहे हैं।
मेटा विवाद पर BJP का जवाब
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का वीडियो कुछ समय के लिए हटाए जाने के मामले में भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि मेटा के CEO की माफी भारत के कानून, संविधान और संसद की जीत है। उनके मुताबिक भारत में कारोबार करने वाली हर कंपनी को भारतीय कानून का पालन करना होगा।
FCRA संशोधन विधेयक और अमित शाह के बयान पर नजर
गुरुवार के संसदीय एजेंडे में विदेशी अंशदान (विनियमन) अधिनियम (FCRA) संशोधन विधेयक पेश किए जाने की संभावना थी। साथ ही केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के संभावित बयान पर भी सभी दलों की नजर बनी रही। हालांकि विपक्ष के लगातार हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही सामान्य रूप से नहीं चल सकी
