बक्सर (संवाददाता)। बच्चों से बाल श्रम कराने के मामलों पर रोक लगाने और उन्हें शोषण से मुक्त कराने के लिए बक्सर जिला प्रशासन ने बुधवार, 28 अक्टूबर 2026 को जिले के दोनों अनुमंडलों में एक साथ विशेष अभियान चलाया। जिला पदाधिकारी साहिला के निर्देश पर श्रम विभाग की टीम ने विभिन्न प्रतिष्ठानों और कार्यस्थलों पर जांच की। इस दौरान इटाढ़ी प्रखंड क्षेत्र से एक बाल श्रमिक को मुक्त कराया गया। कार्रवाई के बाद बच्चे को जिला बाल कल्याण समिति, बक्सर के सुपुर्द कर दिया गया, जहां उसके संरक्षण, देखभाल और पुनर्वासन के लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी।
दोनों अनुमंडलों में एक साथ पहुंची धावा दल की टीम
बाल श्रम उन्मूलन के उद्देश्य से चलाए गए इस अभियान में श्रम संसाधन एवं प्रवासी श्रमिक कल्याण विभाग द्वारा गठित धावा दल ने सक्रिय भूमिका निभाई। जिला प्रशासन के निर्देश पर गठित टीम में जिले के सभी श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी, इटाढ़ी थाना के पुलिसकर्मी और कन्हाई शुक्ला सेवा संस्थान के कार्यकर्ता शामिल रहे। टीम ने अलग-अलग स्थानों पर पहुंचकर प्रतिष्ठानों और कार्यस्थलों का निरीक्षण किया तथा बाल श्रम से संबंधित मामलों की जानकारी जुटाई।
अभियान का उद्देश्य केवल बाल श्रमिकों की पहचान करना ही नहीं, बल्कि उन्हें श्रम और शोषण की स्थिति से बाहर निकालकर उनके अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित करना भी है। इसी क्रम में इटाढ़ी प्रखंड क्षेत्र में कार्रवाई करते हुए एक बाल श्रमिक को मुक्त कराया गया। जिला प्रशासन के निर्देश पर जिले के दोनों अनुमंडलों में एक साथ चलाए गए इस अभियान के माध्यम से बाल श्रम के मामलों की जांच की गई।
मुक्त कराए गए बच्चे की देखभाल और पुनर्वासन की प्रक्रिया शुरू
इटाढ़ी क्षेत्र से मुक्त कराए गए बाल श्रमिक को कार्रवाई के बाद जिला बाल कल्याण समिति, बक्सर के सुपुर्द किया गया। समिति के माध्यम से बच्चे के संरक्षण, देखभाल और पुनर्वासन को लेकर नियमानुसार आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। बाल श्रम से मुक्त कराए गए बच्चों के मामले में उनकी सुरक्षा और भविष्य को ध्यान में रखते हुए निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार कार्रवाई करना महत्वपूर्ण है।
प्रशासन की ओर से चलाए जा रहे इस अभियान का उद्देश्य बच्चों को श्रम में लगाए जाने की स्थिति से बाहर निकालना और उन्हें सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने की दिशा में काम करना है। बाल श्रम बच्चों की शिक्षा, सुरक्षा और समुचित विकास से जुड़ा गंभीर विषय है। ऐसे मामलों में समय पर कार्रवाई के माध्यम से बच्चों को शोषण से बचाने और उनके अधिकारों की रक्षा करने का प्रयास किया जाता है।
बाल श्रमिक रखने वाले नियोजक के खिलाफ होगी प्राथमिकी
जिला प्रशासन की ओर से स्पष्ट किया गया है कि बाल श्रमिक को नियोजित करने वाले दोषी नियोजक के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज करने की कार्रवाई की जाएगी। बाल श्रम से जुड़े मामलों में नियमानुसार कठोर कार्रवाई करने की बात कही गई है। इसका उद्देश्य बच्चों को काम पर लगाने की प्रवृत्ति पर रोक लगाना और उनके अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि बाल श्रम के मामलों को गंभीरता से लिया जा रहा है। ऐसे मामलों में जांच और कार्रवाई के माध्यम से जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध नियमानुसार कदम उठाए जाएंगे। इटाढ़ी में हुई कार्रवाई के बाद नियोजक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की प्रक्रिया भी इसी दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
बाल श्रम उन्मूलन के लिए लगातार चलाए जा रहे अभियान
बक्सर जिला प्रशासन की ओर से बाल श्रम उन्मूलन के लिए धावा दल के माध्यम से लगातार अभियान चलाए जा रहे हैं। इन अभियानों में विभिन्न प्रतिष्ठानों और कार्यस्थलों का निरीक्षण कर बाल श्रम से जुड़े मामलों की पहचान करने का प्रयास किया जाता है। श्रम विभाग, पुलिस और सामाजिक संस्थाओं की संयुक्त भागीदारी से इस तरह की कार्रवाई को अंजाम दिया जा रहा है।
प्रशासन का जोर बाल श्रमिकों को मुक्त कराने के साथ-साथ उनके पुनर्वासन और भविष्य को सुरक्षित बनाने पर भी है। बच्चों को शोषण से बचाने के लिए संबंधित विभागों की भूमिका महत्वपूर्ण है। इस दिशा में धावा दल के अभियान के जरिए बाल श्रम से जुड़े मामलों पर नजर रखी जा रही है और सामने आने वाले मामलों में नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है।
आम नागरिकों से बाल श्रम की सूचना देने की अपील
जिला प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि कहीं भी बच्चों से बाल श्रम कराया जा रहा हो, तो इसकी सूचना संबंधित विभाग या प्रशासन को दें। समय पर सूचना मिलने से संबंधित स्थान पर जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जा सकती है और बच्चों को शोषण से मुक्त कराने में मदद मिल सकती है।
प्रशासन के अनुसार, बाल श्रम उन्मूलन के लिए सरकारी विभागों के प्रयासों के साथ आम लोगों की जागरूकता और सहयोग भी आवश्यक है। नागरिकों की सतर्कता से बाल श्रम से जुड़े मामलों की जानकारी संबंधित अधिकारियों तक पहुंच सकती है।
