
शरद पवार की NCP-SP ने NDA से जुड़ी अटकलों पर दी सफाई।Source : Chrome
महाराष्ट्र में परिसीमन विधेयक को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से विभिन्न नेताओं की मुलाकातों और बदलते राजनीतिक समीकरणों के बीच शरद पवार की पार्टी एनसीपी (एसपी) चर्चा के केंद्र में आ गई है। हालांकि पार्टी नेताओं ने बीजेपी या एनडीए से किसी तरह की राजनीतिक बातचीत की अटकलों को खारिज किया है।
परिसीमन विधेयक को लेकर बढ़ीं राजनीतिक अटकलें
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के सरकारी आवास पर हुई देर रात बैठकों के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में नई चर्चाओं ने जोर पकड़ लिया है। एनसीपी के दोनों गुटों के नेताओं की मुलाकातों के बाद यह कयास लगाए जाने लगे कि राज्य में नए राजनीतिक समीकरण बन सकते हैं। इसी बीच प्रस्तावित परिसीमन विधेयक को लेकर भी सियासी सरगर्मी बढ़ गई है।
बीजेपी के लिए अहम माने जा रहे शरद पवार
संसद में सीमित बहुमत की स्थिति के बीच यह चर्चा तेज है कि केंद्र सरकार को महत्वपूर्ण विधेयकों के लिए अतिरिक्त समर्थन की जरूरत पड़ सकती है। ऐसे में शरद पवार और उनकी पार्टी की भूमिका को लेकर राजनीतिक हलकों में लगातार चर्चा हो रही है।
सुप्रिया सुले ने अटकलों को किया खारिज
एनसीपी (एसपी) सांसद सुप्रिया सुले ने स्पष्ट किया कि परिसीमन विधेयक को लेकर उनकी पार्टी की किसी से कोई बातचीत नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि जब विधेयक संसद में आएगा, तब पार्टी और INDIA गठबंधन मिलकर अपना रुख तय करेंगे। उन्होंने यह भी दोहराया कि विपक्ष की प्राथमिकता महिला आरक्षण लागू कराना है।
महिला आरक्षण पर भी रखी पार्टी की राय
सुप्रिया सुले ने कहा कि महिला आरक्षण और परिसीमन जैसे अहम मुद्दों पर विपक्षी दल साझा रणनीति के तहत निर्णय लेंगे। उन्होंने बताया कि पहले भी विपक्ष ने केंद्र सरकार से सभी दलों के साथ सामूहिक चर्चा की मांग की थी।
जयंत पाटील ने मुलाकात का बताया कारण
एनसीपी (एसपी) के वरिष्ठ नेता जयंत पाटील ने मुख्यमंत्री से हुई मुलाकात को पूरी तरह अपने विधानसभा क्षेत्र से जुड़े प्रशासनिक मामले से संबंधित बताया। उन्होंने कहा कि इस दौरान किसी भी राजनीतिक गठबंधन या दल-बदल पर चर्चा नहीं हुई।
परिसीमन पर दी व्यक्तिगत राय
जयंत पाटील ने कहा कि विधानसभा क्षेत्रों की संख्या बढ़ाने पर विचार किया जा सकता है, लेकिन इस विषय पर अंतिम निर्णय पार्टी का केंद्रीय नेतृत्व ही करेगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि एनसीपी के दोनों गुटों के विलय की चर्चाएं अब समाप्त हो चुकी हैं।
संजय राउत ने भी किया बचाव
शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत ने भी जयंत पाटील की मुलाकात को सामान्य प्रशासनिक विषय से जुड़ा बताया। उन्होंने कहा कि इसे राजनीतिक रंग देना उचित नहीं है। साथ ही उन्होंने महिला आरक्षण और परिसीमन जैसे मुद्दों पर विपक्ष की साझा रणनीति का भी उल्लेख किया।
बदलते राजनीतिक समीकरणों पर सबकी नजर
उद्धव ठाकरे गुट के कुछ सांसद पहले ही एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना का रुख कर चुके हैं। ऐसे में अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि एनसीपी (एसपी) भविष्य में किस राजनीतिक रणनीति के साथ आगे बढ़ती है। फिलहाल पार्टी ने एनडीए में शामिल होने की चर्चाओं से इनकार किया है, लेकिन महाराष्ट्र की राजनीति में इसे लेकर सस्पेंस लगातार बना हुआ है।
