पटना। बिहार विधानमंडल के मानसून सत्र के दूसरे दिन विधानसभा और विधान परिषद दोनों सदनों में राजनीतिक सरगर्मी चरम पर रही। विपक्ष ने विभिन्न जनहित के मुद्दों को लेकर सरकार को घेरा, जबकि सरकार ने सदन में पेश किए गए सात महत्वपूर्ण विधेयकों को बिना किसी संशोधन के पारित करा लिया। इस दौरान पेट्रोल-डीजल की कीमत, पंचायतों में कर वसूली, शिक्षक भर्ती, स्कूलों की स्थिति और विधायक निधि जैसे कई मुद्दों पर तीखी बहस देखने को मिली।
बिना संशोधन के पारित हुए सात महत्वपूर्ण विधेयक
दोपहर बाद विधानसभा की कार्यवाही शुरू होने पर सरकार ने सात विधेयक सदन में पेश किए। इन विधेयकों पर चर्चा के बाद बिना किसी संशोधन के उन्हें पारित कर दिया गया। पारित विधेयकों में बिहार जुआ (प्रतिषेध) विधेयक 2026, बिहार माल एवं सेवा कर संशोधन विधेयक 2026, बिहार भूमि दाखिल-खारिज संशोधन विधेयक 2026, बिहार चीनी उपक्रम (अर्जन) संशोधन विधेयक 2026, बिहार चिकित्सा संशोधन विधेयक 2026, बिहार नर्सेस पंजीकरण संशोधन विधेयक 2026 तथा बिहार कृषि भूमि (गैर कृषि प्रयोजन के लिए सम्परिवर्तन) (निरसन) विधेयक 2026 शामिल हैं।
पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर राजद का सरकार पर हमला
विधान परिषद में राष्ट्रीय जनता दल के एमएलसी सुनील सिंह ने बिहार में पेट्रोल और डीजल की कीमतें कम करने की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि राज्य में अधिक कर लगाए जाने के कारण बिहारवासियों को उत्तर प्रदेश और झारखंड की तुलना में महंगा पेट्रोल-डीजल खरीदना पड़ रहा है। उन्होंने सरकार से पड़ोसी राज्यों के समान कर व्यवस्था लागू करने की मांग की।
टोल टैक्स और पंचायत कर पर भी हुई बहस
राजद एमएलसी अब्दुल बारी सिद्दीकी ने राज्य राजमार्गों पर टोल टैक्स वसूली के आदेश को वापस लेने की मांग की। इसके जवाब में परिवहन मंत्री शैलेन्द्र कुमार ने स्पष्ट किया कि केवल व्यावसायिक वाहनों पर ही कर लगाने का निर्णय लिया गया है। वहीं ग्राम पंचायतों में कर वसूली के मुद्दे पर भी सदन में जोरदार हंगामा हुआ। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने स्पष्ट किया कि गरीबों पर कर लगाने की बात पूरी तरह भ्रामक और निराधार है।
विपक्ष का हंगामा, कार्यस्थगन प्रस्ताव पर विवाद
कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी सदस्यों ने कार्यस्थगन प्रस्ताव पर चर्चा की मांग करते हुए सदन में जोरदार हंगामा किया। प्रस्ताव स्वीकार नहीं होने पर विपक्ष के सदस्य वेल में पहुंच गए और काली पट्टी लगाकर विरोध प्रदर्शन किया। विपक्ष ने राज्य के विभिन्न विभागों में वित्तीय संकट का मुद्दा उठाते हुए तत्काल चर्चा की मांग की।
TRE-4 शिक्षक भर्ती को लेकर सरकार का बड़ा बयान
शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने सदन में घोषणा की कि TRE-4 शिक्षक भर्ती की अधिसूचना इसी महीने जारी कर दी जाएगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के निर्देश पर अगले पांच वर्षों में एक लाख शिक्षकों की नियुक्ति की जाएगी। साथ ही भर्ती प्रक्रिया की कमियों को दूर कर अभ्यर्थियों की शिकायतों का समाधान करने का आश्वासन भी दिया।
आंबेडकर विद्यालयों में शिक्षकों की कमी पर मुख्यमंत्री गंभीर
जदयू विधायक श्याम रजक ने इंदिरा आंबेडकर विद्यालयों में लगभग 62 प्रतिशत शिक्षकों की कमी का मुद्दा उठाया। इस पर अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण मंत्री लखेंद्र कुमार रौशन ने बताया कि शिक्षक नियुक्ति के लिए बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) को अधियाचना भेजी जा चुकी है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इसे गंभीर विषय बताते हुए कहा कि सरकार इस दिशा में आवश्यक कदम उठा रही है।
स्कूल भवन, कंप्यूटर और ड्रेस कोड पर भी चर्चा
शिक्षा मंत्री ने सदन में कहा कि राज्य का कोई भी विद्यालय भवनविहीन नहीं रहेगा और सरकारी स्कूलों में कंप्यूटर उपलब्ध कराए जाएंगे। वहीं शिक्षकों के ड्रेस कोड को लेकर उठे सवाल पर मंत्री विजय कुमार चौधरी ने कहा कि शिक्षक अनुचित या उत्तेजक पहनावे में विद्यालय नहीं जाएंगे और शिकायत मिलने पर 48 घंटे के भीतर कार्रवाई की जाएगी।
विधायक निधि बढ़ाने की मांग को मिला समर्थन
सदन में सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों के विधायकों ने विधायक निधि को चार करोड़ रुपये से बढ़ाकर छह करोड़ रुपये करने की मांग उठाई। सदस्यों ने सांसदों की तर्ज पर विधायकों को भी अधिक योजनाओं की अनुशंसा का अधिकार देने की मांग की।
चीनी मिलों और बिना निविदा कार्यों पर भी सरकार का जवाब
विधान परिषद में बीहट की बंद चीनी मिल का मुद्दा उठने पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बताया कि गोपालगंज, सकरी सहित तीन स्थानों पर समझौता ज्ञापन (एमओयू) के माध्यम से नई चीनी मिलों की स्थापना की जाएगी। वहीं योजना मंत्री भगवान कुशवाहा ने कहा कि बिना निविदा के कार्य कराने की सीमा 15 लाख रुपये से बढ़ाकर 25 लाख रुपये करने पर सरकार विचार कर रही है।
राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप से गूंजता रहा सदन
सदन के दौरान राजद विधायक राहुल शर्मा ने सरकार पर राज्य का खजाना खाली होने का आरोप लगाया। इसके जवाब में राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री दिलीप जायसवाल ने इसे विपक्ष का भ्रम करार दिया और कहा कि वर्तमान सरकार ने अभूतपूर्व विकास कार्य किए हैं। इस मुद्दे पर दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक और हंगामा देखने को मिला।
