महाराष्ट्र शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) पेपर लीक मामले ने अब कई राज्यों में फैले एक बड़े कथित नेटवर्क की ओर इशारा किया है। इस पूरे मामले में बिहार निवासी बिजेंद्र गुप्ता को जांच एजेंसियां कथित मास्टरमाइंड मान रही हैं और उसकी गिरफ्तारी के लिए महाराष्ट्र पुलिस बिहार, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और हरियाणा में लगातार छापेमारी कर रही है। जांच सिर्फ एक आरोपी की तलाश तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पता लगाने की कोशिश भी की जा रही है कि पेपर लीक का यह नेटवर्क आखिर कितने राज्यों तक फैला है, इसमें कौन-कौन लोग शामिल हैं और करोड़ों रुपये के कथित लेन-देन का पूरा तंत्र कैसे काम करता था। फिलहाल बिजेंद्र गुप्ता फरार है और पुलिस उसकी तलाश में लगातार दबिश दे रही है।महाराष्ट्र TET पेपर लीक मामले में बिजेंद्र गुप्ता की तलाश तेज | फोटो: आज तक

महाराष्ट्र TET पेपर लीक मामले में बिजेंद्र गुप्ता की तलाश तेज | फोटो: आज तक

चार राज्यों में एक साथ कार्रवाई, जांच एजेंसियों के निशाने पर पूरा नेटवर्क

महाराष्ट्र पुलिस ने इस मामले में अपनी जांच का दायरा तेजी से बढ़ा दिया है। बिहार के पटना और समस्तीपुर सहित दिल्ली, उत्तर प्रदेश और हरियाणा में अलग-अलग टीमों द्वारा लगातार छापेमारी की जा रही है। जांच एजेंसियों का मानना है कि यह कोई सामान्य पेपर लीक नहीं, बल्कि कई राज्यों में फैला एक संगठित नेटवर्क हो सकता है। पुलिस अब सिर्फ फरार आरोपी को पकड़ने पर ही नहीं, बल्कि उसके संपर्कों, आर्थिक लेन-देन, तकनीकी सहयोगियों और कथित सहयोगियों की भूमिका की भी जांच कर रही है। अधिकारियों का मानना है कि इस नेटवर्क के कई अहम सुराग गिरफ्तार आरोपियों से मिली जानकारी के आधार पर सामने आए हैं।

'25 साल से सक्रिय' होने का दावा, कई पुराने मामलों से भी जुड़ रहा नाम

जांच से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, बिजेंद्र गुप्ता पिछले करीब 25 वर्षों से विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित पेपर लीक नेटवर्क से जुड़ा रहा है। हालांकि, इन दावों की अदालत या किसी अंतिम जांच रिपोर्ट में पुष्टि होना अभी बाकी है। जांच एजेंसियों का कहना है कि महाराष्ट्र TET पेपर लीक मामले में गिरफ्तार तीन आरोपी-राजीव शाह (बिहार), आकाश कुमार (बिहार) और धीरज कुमार (हरियाणा)-कथित तौर पर बिजेंद्र गुप्ता के निर्देश पर काम कर रहे थे। पुलिस का दावा है कि प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने और परीक्षार्थियों तक पहुंचाने के लिए करोड़ों रुपये की डील की जा रही थी। अब जांच इस बात पर भी केंद्रित है कि इस कथित रैकेट की आर्थिक संरचना क्या थी और इसमें किन-किन लोगों की भूमिका रही।

स्टिंग ऑपरेशन के बाद फिर चर्चा में आया नाम, पुराने विवादों की भी हो रही पड़ताल

बिजेंद्र गुप्ता का नाम इससे पहले भी कई चर्चित परीक्षा विवादों में सामने आ चुका है। वर्ष 2024 में नीट पेपर लीक विवाद के दौरान किए गए एक मीडिया स्टिंग ऑपरेशन में उसने कथित तौर पर देशभर में चल रहे पेपर लीक नेटवर्क को लेकर कई चौंकाने वाले दावे किए थे। स्टिंग के दौरान उससे जुड़ी कई बातें सार्वजनिक हुई थीं, जिनमें उसने कथित तौर पर कहा था कि "पेपर लीक कभी नहीं रुकेगा" और "जेल जाएंगे, बेल मिलेगी और खेल चलता रहेगा।" हालांकि, इन कथित बयानों की जांच और कानूनी स्थिति अलग विषय है। अब महाराष्ट्र TET मामले में उसका नाम फिर सामने आने के बाद जांच एजेंसियां पुराने मामलों और नए इनपुट के बीच संबंध तलाशने में जुटी हैं।

परीक्षा व्यवस्था पर फिर उठे सवाल, अब जांच के नतीजों पर टिकी निगाहें

महाराष्ट्र TET पेपर लीक प्रकरण ने एक बार फिर देश की प्रतियोगी परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पिछले कुछ वर्षों में विभिन्न राज्यों में भर्ती परीक्षाओं और प्रवेश परीक्षाओं में पेपर लीक की घटनाओं ने लाखों युवाओं की मेहनत और भविष्य को प्रभावित किया है। इस बार भी पुलिस का दावा है कि यह मामला केवल एक परीक्षा तक सीमित नहीं हो सकता, बल्कि एक बड़े नेटवर्क की ओर संकेत करता है। हालांकि, अंतिम सच जांच पूरी होने और अदालत में साक्ष्यों की पड़ताल के बाद ही सामने आएगा। फिलहाल महाराष्ट्र पुलिस और अन्य एजेंसियों की सबसे बड़ी प्राथमिकता कथित मास्टरमाइंड की गिरफ्तारी और पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश करना है, ताकि परीक्षा व्यवस्था में लोगों का भरोसा दोबारा कायम किया जा सके।