
एलपीजी गैस सिलेंडर के साथ खड़ा डिलीवरी कर्मचारी Source : Social media
जुलाई महीने की शुरुआत एलपीजी उपभोक्ताओं के लिए अहम बदलाव लेकर आई है। सरकारी तेल विपणन कंपनियों यानी OMCs ने 1 जुलाई से 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल एलपीजी गैस सिलेंडर की कीमतों में बड़ी कटौती का ऐलान किया है। नई दरें देशभर में लागू हो गई हैं, जिससे होटल, रेस्टोरेंट, ढाबे, कैटरिंग कारोबार और अन्य व्यावसायिक गैस उपभोक्ताओं को सीधा फायदा मिलेगा। हालांकि, घरेलू रसोई में इस्तेमाल होने वाले 14.2 किलोग्राम के एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में इस बार कोई बदलाव नहीं किया गया है। यानी आम घरेलू उपभोक्ताओं को पहले की तरह ही पुराने दाम पर गैस सिलेंडर मिलेगा, जबकि कमर्शियल सिलेंडर इस्तेमाल करने वालों को कीमतों में राहत मिलेगी।
19 किलो वाला कमर्शियल गैस सिलेंडर हुआ सस्ता
सरकारी तेल कंपनियों ने 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल एलपीजी गैस सिलेंडर की कीमत में ₹183.50 की कटौती की है। नई कीमतें 1 जुलाई से लागू हो गई हैं। इस फैसले से होटल, रेस्टोरेंट, ढाबे, कैफे, कैटरिंग सर्विस और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को राहत मिलेगी, क्योंकि उनके कामकाज में सबसे ज्यादा कमर्शियल गैस सिलेंडर का इस्तेमाल होता है। माना जा रहा है कि इससे कारोबारियों की परिचालन लागत यानी ऑपरेटिंग कॉस्ट कुछ हद तक कम होगी।
घरेलू उपभोक्ताओं के लिए कीमतें पहले जैसी ही
इस बार तेल कंपनियों ने केवल कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर के दाम कम किए हैं। 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू रसोई गैस सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। इसका मतलब है कि आम घरेलू उपभोक्ताओं को पहले की तरह ही पुराने दाम पर एलपीजी सिलेंडर मिलेगा और उन्हें इस बार कीमतों में किसी तरह की राहत नहीं मिली है।
बड़े शहरों में क्या हैं नई कीमतें?
नई दरें लागू होने के बाद राजधानी दिल्ली में 19 किलोग्राम वाला कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर ₹2,930 का हो गया है। इसी तरह मुंबई, कोलकाता, चेन्नई और देश के अन्य बड़े शहरों में भी कीमतों में कटौती की गई है। हालांकि, अलग-अलग राज्यों में स्थानीय टैक्स और अन्य शुल्क अलग होने की वजह से अंतिम कीमत में थोड़ा अंतर हो सकता है।
हर महीने होती है कीमतों की समीक्षा
तेल विपणन कंपनियां हर महीने की पहली तारीख को एलपीजी सिलेंडर की कीमतों की समीक्षा करती हैं। कीमतें तय करते समय अंतरराष्ट्रीय बाजार में एलपीजी और कच्चे तेल की कीमतें, डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति और अन्य आर्थिक परिस्थितियों को ध्यान में रखा जाता है। इस बार अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतों में नरमी और वैश्विक परिस्थितियों में कुछ सुधार के बाद कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में कटौती की गई है।
