कंगना रनौत और सोनाक्षी सिन्हा। | Source: Chrome

कंगना रनौत और सोनाक्षी सिन्हा।Source : Chrome

अभिनेत्री और सांसद कंगना रनौत एक बार फिर अपने बयान को लेकर चर्चा में हैं। सोशल मीडिया पर साझा किए गए एक वीडियो में उन्होंने धर्म, विचारधारा और अपनी राजनीतिक सोच को लेकर खुलकर बात की। वीडियो सामने आने के बाद इंटरनेट पर यह बहस तेज हो गई कि क्या उनका इशारा अभिनेत्री सोनाक्षी सिन्हा की ओर था। हालांकि, कंगना ने अपने वीडियो में किसी का नाम नहीं लिया।

वीडियो में क्या बोलीं कंगना?

कंगना रनौत ने अपने वीडियो में कहा कि फिल्म इंडस्ट्री में कई ऐसी हिंदू लड़कियां हैं, जो शुरुआत में धर्म या राजनीति को लेकर तटस्थ रहती हैं, लेकिन कुछ लोगों के संपर्क में आने के बाद उनकी सोच पूरी तरह बदल जाती है। उन्होंने कहा कि अगर किसी व्यक्ति को अपनी पसंद की विचारधारा अपनाने की आजादी है, तो उन्हें भी अपनी पसंद का रास्ता चुनने का अधिकार होना चाहिए।

'मैं अपनी पसंद की विचारधारा क्यों नहीं अपना सकती?'

वीडियो में कंगना ने कहा कि पहले उन्हें एक उदार हिंदू माना जाता था, लेकिन अब यदि वह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) या भारतीय जनता पार्टी (BJP) की विचारधारा से खुद को जोड़ना चाहती हैं, तो इस पर सवाल क्यों उठाए जाते हैं। उन्होंने कहा कि समाज में इस विषय पर दोहरे मापदंड नहीं होने चाहिए।

सोशल मीडिया पर शुरू हुई नई बहस

वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर कई यूजर्स ने अनुमान लगाना शुरू कर दिया कि कंगना का इशारा अभिनेत्री सोनाक्षी सिन्हा की ओर है। हालांकि, वीडियो में कंगना ने किसी भी कलाकार या व्यक्ति का नाम नहीं लिया। ऐसे में यह दावा केवल सोशल मीडिया पर चल रही चर्चाओं और अटकलों पर आधारित है।

पहले भी बेबाक बयानों को लेकर रही हैं चर्चा में

कंगना रनौत अक्सर सामाजिक, राजनीतिक और फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े मुद्दों पर खुलकर अपनी राय रखती रही हैं। हाल ही में ऋतिक रोशन से जुड़े पुराने विवाद पर उनकी प्रतिक्रिया भी सुर्खियों में रही थी। अब उनका नया वीडियो फिर से सोशल मीडिया पर बहस का विषय बन गया है।

नाम लिए बिना दिया संदेश

कंगना के वीडियो के बाद समर्थक और आलोचक दोनों अपनी-अपनी राय रख रहे हैं। जहां कुछ लोग उनके विचारों का समर्थन कर रहे हैं, वहीं कुछ यूजर्स इसे फिल्म इंडस्ट्री के कुछ कलाकारों पर अप्रत्यक्ष टिप्पणी मान रहे हैं। हालांकि, वीडियो में किसी व्यक्ति का नाम न होने के कारण इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं की जा सकती।