Jharkhand Students Protest: झारखंड छात्र आंदोलन का 13वां दिन... क्या अब सरकार मानेगी मांगें? बातचीत को लेकर बड़ा संकेत | Source: Abp news.com13वें दिन भी जारी रहा छात्रों का प्रदर्शन

Jharkhand Students Protest: झारखंड छात्र आंदोलन का 13वां दिन... क्या अब सरकार मानेगी मांगें? बातचीत को लेकर बड़ा संकेतSource : Abp news.com

झारखंड में परीक्षाओं और भर्तियों में कथित अनियमितताओं को लेकर छात्रों का आंदोलन लगातार 13वें दिन भी जारी है। छात्र लंबे समय से सरकार से बातचीत की मांग कर रहे थे। इसी बीच सूत्रों के हवाले से खबर सामने आई है कि हेमंत सोरेन सरकार बातचीत के लिए तैयार हो गई है। बताया जा रहा है कि सरकार इस मुद्दे पर बातचीत के लिए एक कमेटी का गठन कर सकती है।

 JPSC रद्द करने और CBI जांच की मांग

प्रदर्शन कर रहे छात्रों की मांग है कि 14वीं JPSC परीक्षा को रद्द किया जाए और पूरे मामले की CBI से जांच कराई जाए। रांची में JPSC-JSSC परीक्षाओं में कथित धांधली के विरोध में छात्र लगातार आंदोलन कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों ने 10 अगस्त को विधानसभा कूच का भी ऐलान किया है।

CID जांच में तीन और गिरफ्तार

झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की 14वीं संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा में कथित अनियमितताओं की जांच कर रही अपराध अनुसंधान विभाग (CID) ने मंगलवार को तीन और आरोपियों को गिरफ्तार किया। इसके साथ ही इस मामले में गिरफ्तार लोगों की संख्या बढ़कर 14 हो गई है।

CID की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, उमेश कुमार, बुद्धेश्वर भगत और रमेश कुमार को 4 अगस्त को साक्ष्यों के आधार पर गिरफ्तार किया गया। इनके खिलाफ CID थाना कांड संख्या 16/26, दिनांक 22 जुलाई 2026 के तहत कार्रवाई की गई है। जांच एजेंसी के अनुसार, इन पर परीक्षा संचालन को प्रभावित करने का आरोप है।

 जेपी स्टेडियम में लगातार जारी है आंदोलन

दिल्ली के जंतर-मंतर की तर्ज पर रांची के जेपी स्टेडियम में छात्रों का धरना आज 13वें दिन भी जारी रहा। JPSC, JSSC और CGL परीक्षाओं में कथित धांधली के खिलाफ आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। छात्रों का आरोप है कि हेमंत सोरेन सरकार के कार्यकाल में परीक्षाओं में बड़े स्तर पर धांधली हुई, पेपर लीक हुआ और सीटों की खरीद-फरोख्त की गई।

प्रदर्शन में झारखंड के विभिन्न जिलों से छात्र पहुंचे हैं। हाथों में बैनर और पोस्टर लेकर छात्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर रहे हैं। वहीं, पांच छात्र पिछले तीन दिनों से अनशन पर भी बैठे हुए हैं।

छात्रों ने सरकार पर लगाया अनदेखी का आरोप

प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना है कि मुख्यमंत्री आवास धरना स्थल से करीब एक किलोमीटर की दूरी पर है, लेकिन अब तक मुख्यमंत्री उनसे मिलने नहीं आए हैं। उनका आरोप है कि सरकार ने उन्हें भगवान भरोसे छोड़ दिया है। छात्रों की मांग है कि मुख्यमंत्री या सरकार का कोई प्रतिनिधिमंडल आकर उनसे बातचीत करे। उन्होंने चेतावनी दी है कि जब तक मांगें पूरी नहीं होंगी, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। छात्रों ने यह भी आरोप लगाया कि CID जांच केवल लीपापोती के लिए की जा रही है।

CBI और ED जांच की भी उठी मांग

छात्रों की मांग है कि 14वीं JPSC परीक्षा, JSSC CGL परीक्षा और अन्य भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों की जांच CBI और ED से कराई जाए। उनका कहना है कि जब तक भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित नहीं होती, तब तक 14वीं JPSC प्रारंभिक परीक्षा को रद्द किया जाना चाहिए।

छात्रों का आरोप है कि JPSC परीक्षा में 300 में से 299 अंक पाने वाली एक छात्रा का चयन नहीं हुआ, जबकि कुछ अभ्यर्थियों ने 100 में से केवल 48 प्रश्न हल किए, फिर भी उनका चयन हो गया।

परीक्षा एजेंसी पर भी गंभीर आरोप

झारखंड में TDPL (M/s TSR Data Processing Private Limited) परीक्षा संचालन करने वाली एजेंसी है। JPSC और अन्य राज्य स्तरीय परीक्षाओं में कथित धांधली, अनियमितताओं और OMR शीट घोटाले के आरोपों के बाद यह एजेंसी CID जांच के दायरे में है।

आरोप है कि एजेंसी पहले से ब्लैकलिस्टेड थी, इसके बावजूद उसे अन्य राज्यों में भी परीक्षा कराने का काम मिलता रहा। छात्रों ने मुख्यमंत्री के हालिया बयान को भी निराशाजनक बताया। उल्लेखनीय है कि झारखंड लोक सेवा आयोग ने 25 से 27 जुलाई 2026 तक प्रस्तावित 14वीं संयुक्त सिविल सेवा मुख्य परीक्षा समेत कुल नौ परीक्षाओं को अगले आदेश तक स्थगित कर दिया है। यह फैसला परीक्षा में कथित अनियमितताओं और CID जांच के बीच लिया गया है।