बारिश जहां गर्मी से राहत लेकर आती है, वहीं कई बार यही बारिश जानलेवा भी साबित हो जाती है। झारखंड में बीते 24 घंटे के दौरान ऐसा ही भयावह मंजर देखने को मिला, जब आकाशीय बिजली और तेज बारिश ने सात लोगों की जान ले ली। खेतों, गांवों और घरों के आसपास गिरी बिजली ने कई परिवारों की खुशियां छीन लीं। इस बीच भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने राज्य के कई जिलों के लिए ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी करते हुए लोगों से विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है। आने वाले दिनों में झारखंड के कई हिस्सों में भारी बारिश, तेज हवाओं और वज्रपात की आशंका जताई गई है।
झारखंड में बारिश और वज्रपात का कहर
रांची से पलामू तक बिजली बनी मौत का कारण, कई जिलों में मातम
झारखंड के रांची, बोकारो, देवघर, दुमका, हजारीबाग, लातेहार और पलामू जिलों में आकाशीय बिजली ने अलग-अलग घटनाओं में सात लोगों की जान ले ली। रांची के अंगारा क्षेत्र में खेत जोत रहे 26 वर्षीय किसान भागीरथ महतो पर बिजली गिर गई, जिससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई। बोकारो में एयरपोर्ट के पास पेड़ के नीचे बारिश से बचने की कोशिश कर रहे 19 वर्षीय युवक आलोक कुमार तुरी की भी वज्रपात की चपेट में आने से जान चली गई। पलामू में मवेशी चरा रहे राजू यादव की बिजली गिरने से मौत हो गई, जबकि हजारीबाग में अपने बच्चों को घर बुलाने निकली शोभा देवी पर आसमानी बिजली टूट पड़ी। लातेहार की तेजनी देवी, देवघर की आठ वर्षीय मासूम बच्ची और दुमका की एक युवती भी इस प्राकृतिक आपदा की शिकार बनीं। इन घटनाओं ने एक बार फिर मानसून के दौरान सावधानी की आवश्यकता को रेखांकित किया है।
IMD का ऑरेंज अलर्ट, कई जिलों में भारी बारिश और वज्रपात की चेतावनी
मौसम विभाग ने झारखंड के विभिन्न हिस्सों के लिए अगले दो दिनों का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार 1 और 2 जुलाई को राज्य के मध्य और दक्षिणी हिस्सों में तेज हवाओं, गरज-चमक और आकाशीय बिजली गिरने की संभावना अधिक है। रांची, बोकारो, धनबाद, खूंटी, रामगढ़, गुमला, लोहरदगा और आसपास के इलाकों में येलो अलर्ट भी जारी किया गया है। राजधानी रांची में अगले चार दिनों तक बादल छाए रहने, दिन में एक से दो बार हल्की से मध्यम बारिश होने और 6 जुलाई को गरज-चमक के साथ तेज बारिश की संभावना जताई गई है। मौसम वैज्ञानिकों ने लोगों से खुले मैदान, खेत, पेड़ों और बिजली के खंभों के आसपास जाने से बचने की सलाह दी है।
झारखंड में 1 हफ्ते कैसा रहेगा मौसम
पश्चिमी सिंहभूम में सबसे ज्यादा बारिश, कई इलाकों में बढ़ा जलभराव का खतरा
बीते 24 घंटे के दौरान पश्चिमी सिंहभूम जिले के बहरागोड़ा क्षेत्र में सबसे अधिक 64.5 मिमी वर्षा दर्ज की गई। लगातार बारिश के कारण कई निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बनने लगी है। ग्रामीण क्षेत्रों में कच्चे मकानों और खेतों में काम कर रहे लोगों के लिए जोखिम बढ़ गया है। विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून के सक्रिय होने के साथ-साथ झारखंड में बिजली गिरने की घटनाएं भी बढ़ जाती हैं। ऐसे में स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग को ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता अभियान तेज करने की आवश्यकता है, ताकि जान-माल के नुकसान को कम किया जा सके।
अगले एक सप्ताह तक सतर्क रहने की जरूरत, प्रशासन ने जारी की एडवाइजरी
मौसम विभाग के साप्ताहिक पूर्वानुमान के अनुसार 1 से 6 जुलाई तक झारखंड के अधिकांश हिस्सों में बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। देवघर, दुमका, गोड्डा, जामताड़ा, पाकुड़ और साहिबगंज में बुधवार और गुरुवार को अच्छी बारिश होने की संभावना है। वहीं रांची, बोकारो, धनबाद, खूंटी, पूर्वी और पश्चिमी सिंहभूम सहित मध्य एवं दक्षिणी झारखंड में कहीं-कहीं भारी वर्षा हो सकती है!प्रशासन ने लोगों से खराब मौसम के दौरान घरों में रहने, खेतों में काम करने से बचने और मौसम विभाग की चेतावनियों पर नजर रखने की अपील की है। विशेषज्ञों का मानना है कि समय रहते सतर्कता बरतने से आकाशीय बिजली जैसी घटनाओं में होने वाले नुकसान को काफी हद तक रोका जा सकता है।
