बिहार के जहानाबाद में पेपर लीक के विरोध में छात्रों का आंदोलन उग्र हो गया। सैकड़ों की संख्या में छात्र सड़कों पर उतर आए और प्रशासन के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान हालात तनावपूर्ण हो गए, जिसके बाद पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए फायरिंग की। वहीं, पुलिस का आरोप है कि प्रदर्शनकारियों ने पत्थरबाजी की और कई जगहों पर कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश की।
Jehanabad News: जहानाबाद में छात्र आंदोलन के दौरान हुई पत्थरबाजी, पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर की फायरिंग!Source : Abp news.com
प्रदर्शन के दौरान डीएम आवास पर भी पथराव किए जाने का आरोप लगाया गया है। प्रशासन का कहना है कि उग्र भीड़ ने सुरक्षा घेरा तोड़ने का प्रयास किया, जिसके चलते पुलिस को सख्ती बरतनी पड़ी। हालांकि, प्रदर्शनकारी पुलिस कार्रवाई का विरोध कर रहे हैं और इसे छात्रों की आवाज दबाने की कोशिश बता रहे हैं।
बता दें कि पेपर लीक मामले को लेकर बिहार के कई जिलों में लगातार विरोध प्रदर्शन जारी हैं। छात्र परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। इसी कड़ी में जहानाबाद में भी बड़ी संख्या में छात्र सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन करने पहुंचे।
दोपहर करीब 2 बजे डीएम कार्यालय का घेराव करने के दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच टकराव हो गया। आरोप है कि भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने पहले लाठीचार्ज किया और बाद में फायरिंग की। फिलहाल इलाके में भारी पुलिस बल तैनात है और स्थिति पर प्रशासन की नजर बनी हुई है।
पटना में पुलिस ने छात्रों को खदेड़ा
बिहार की राजधानी पटना में भी पेपर लीक के विरोध में छात्रों का प्रदर्शन देखने को मिला। प्रदर्शनकारी केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे थे। इस दौरान पुलिस ने प्रदर्शन कर रहे छात्रों को हटाने के लिए कार्रवाई की और उन्हें मौके से खदेड़ दिया। हालात को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल भी तैनात किया गया।
बेगूसराय में भी छात्रों का आंदोलन
बेगूसराय जिले में दोपहर करीब एक बजे पेपर लीक के खिलाफ बड़े पैमाने पर प्रदर्शन किया गया। जंतर-मंतर पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में विभिन्न छात्र संगठनों के बैनर तले हजारों छात्र-छात्राएं सड़कों पर उतरे और सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने दोषियों पर सख्त कार्रवाई और निष्पक्ष जांच की मांग उठाई।
मुंगेर में छात्रों ने निकाला जुलूस
मुंगेर में भी छात्र-छात्राओं ने विरोध प्रदर्शन करते हुए जुलूस निकाला। प्रदर्शन के दौरान कई जगहों पर केंद्र और राज्य सरकार के लगाए गए बैनर और होर्डिंग फाड़े गए। प्रदर्शनकारियों ने पेपर लीक मामले में कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
विधानसभा में पक्ष-विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक
उधर, बिहार विधानसभा के मानसून सत्र के चौथे दिन पटना में छात्रों के प्रदर्शन पर हुए लाठीचार्ज और नीट पेपर लीक के मुद्दे को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने आ गए। हंगामे के चलते विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार को सदन की कार्यवाही दोपहर दो बजे तक के लिए स्थगित करनी पड़ी। सत्र शुरू होने से पहले ही विपक्षी विधायक विधानसभा परिसर में बैनर और पोस्टर लेकर प्रदर्शन करने लगे। उन्होंने छात्रों पर हुए कथित लाठीचार्ज और सरकार की कार्यशैली के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की।
युवाओं की आवाज दबा रही सरकार- विपक्ष
विपक्ष ने आरोप लगाया कि सरकार युवाओं की आवाज को दबाने का काम कर रही है और उनके मुद्दों को गंभीरता से नहीं ले रही। आरजेडी विधायक बोगो सिंह ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि बिहार में "तानाशाही" का माहौल है और सरकार को न जनता की चिंता है और न ही युवाओं की। सदन की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्ष ने जोरदार हंगामा शुरू कर दिया। इसी दौरान सत्ता पक्ष के विधायक श्याम बाबू प्रसाद यादव ने बुधवार को पटना में हुए प्रदर्शन के दौरान अपनी गाड़ी पर हमले का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा, "डाकबंगला चौराहे पर मेरी गाड़ी खड़ी थी। सैकड़ों की संख्या में लोग आए और गाड़ी पर हमला कर दिया।"
श्याम बाबू प्रसाद यादव के इस बयान के बाद सत्ता पक्ष और विपक्ष के विधायकों के बीच तीखी बहस शुरू हो गई। दोनों पक्षों के सदस्य एक-दूसरे के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार लगातार सदस्यों से शांत रहने और सदन की कार्यवाही चलने देने की अपील करते रहे, लेकिन हंगामा नहीं थमा। आखिरकार लगातार बढ़ते शोर-शराबे के बीच उन्होंने सदन की कार्यवाही दोपहर दो बजे तक स्थगित कर दी।
